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Udham Singh Nagar News: एच3एन2 इंफ्लूएंजा वायरस की आहट से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
Tue, 14 Mar 2023 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:46 PM IST
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काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में बना आईसोलेशन वार्ड। संवाद
काशीपुर। एच3एन2 इंफ्लूएंजा वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में 11 बेड का आइसोलेशन वार्ड और चार बेड का आईसीयू वार्ड आरक्षित किया गया। विभाग अब तक चार लोगों के सैंपल जांच के लिए भेज चुका है।
देश के विभिन्न राज्यों में एच3एन2 इंफ्लूएंजा के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. खेमपाल ने बताया एच3एन2 से घबराने की जरूरत नहीं है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों में इसके फैलने का खतरा अधिक है। इसलिए ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।
डॉ. चौहान को बनाया नोडल अधिकारी
इंफ्लूएंजा वायरस की चपेट में आए रोगियों की देखरेख के लिए डॉ. देवेश चौहान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। डॉ. चौहान ने बताया जिन लोगों को कोविड हो चुका है उनके अलावा सांस रोगियों, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज रोगियों, गर्भवती महिलाएं और बच्चों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। क्योंकि मौसम परिवर्तन से संक्रमण तेजी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके लिए अस्पताल में 11 बैड का आईसोलेशन वार्ड के अलावा चार बैड के आईसीयू वार्ड को आरक्षित किया गया है। साथ ही अलग से फ्लू ओपीडी शुरू करा दी गई है।
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चार संदिग्ध एकांतवास में
इंफ्लूएंजा नोडल अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया बीते दिन संदेह के चलते चार लोगों के सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी भेजे गए हैं। साथ ही इन चार लोगों को घर में ही एकांतवास में रखा गया है। उन्होंने बताया कि इंफ्लूएंजा में बड़ों को दिया जाने कैप्सूल ओसेलतामिविर और बच्चों को दिया जाने वाला सीरप एक-दो दिन में उपलब्ध हो जाएगा।
यह हैं लक्ष्ण
- एक सप्ताह या इससे अधिक दिन बुखार का आना।
- खांसी के साथ बलगम का आना।
- भूख और प्यास का नहीं लगना।
- शरीर में दर्द रहने के साथ नाक से पानी आना।
- उल्टी आना या मिचली जैसा महसूस होना।
.यह बरतें सावधानियां
- घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग करें।
- नाक-मुंह को खांसते या छींकते समय पूरी तरह से ढक लें।
- साबुन से हाथों को समय-समय पर धोते रहें।
- बासी भोजन के सेवन से बचें।
- भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
- इधर-उधर थूके नहीं, हाथ मिलाने से बचें।
- खांसी, जुकाम, बुखार आने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
- ताजे फ्रूट जूस, गुनगुना पानी समय-समय पर लेते रहें।
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देश के विभिन्न राज्यों में एच3एन2 इंफ्लूएंजा के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. खेमपाल ने बताया एच3एन2 से घबराने की जरूरत नहीं है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों में इसके फैलने का खतरा अधिक है। इसलिए ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।
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डॉ. चौहान को बनाया नोडल अधिकारी
इंफ्लूएंजा वायरस की चपेट में आए रोगियों की देखरेख के लिए डॉ. देवेश चौहान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। डॉ. चौहान ने बताया जिन लोगों को कोविड हो चुका है उनके अलावा सांस रोगियों, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज रोगियों, गर्भवती महिलाएं और बच्चों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। क्योंकि मौसम परिवर्तन से संक्रमण तेजी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके लिए अस्पताल में 11 बैड का आईसोलेशन वार्ड के अलावा चार बैड के आईसीयू वार्ड को आरक्षित किया गया है। साथ ही अलग से फ्लू ओपीडी शुरू करा दी गई है।
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चार संदिग्ध एकांतवास में
इंफ्लूएंजा नोडल अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया बीते दिन संदेह के चलते चार लोगों के सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी भेजे गए हैं। साथ ही इन चार लोगों को घर में ही एकांतवास में रखा गया है। उन्होंने बताया कि इंफ्लूएंजा में बड़ों को दिया जाने कैप्सूल ओसेलतामिविर और बच्चों को दिया जाने वाला सीरप एक-दो दिन में उपलब्ध हो जाएगा।
यह हैं लक्ष्ण
- एक सप्ताह या इससे अधिक दिन बुखार का आना।
- खांसी के साथ बलगम का आना।
- भूख और प्यास का नहीं लगना।
- शरीर में दर्द रहने के साथ नाक से पानी आना।
- उल्टी आना या मिचली जैसा महसूस होना।
.यह बरतें सावधानियां
- घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग करें।
- नाक-मुंह को खांसते या छींकते समय पूरी तरह से ढक लें।
- साबुन से हाथों को समय-समय पर धोते रहें।
- बासी भोजन के सेवन से बचें।
- भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
- इधर-उधर थूके नहीं, हाथ मिलाने से बचें।
- खांसी, जुकाम, बुखार आने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
- ताजे फ्रूट जूस, गुनगुना पानी समय-समय पर लेते रहें।