फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Guru Gobind Singh sacrificed his life against injustice

अन्याय के खिलाफ गुरु गोविंद सिंह ने दिया बलिदान

Fri, 16 Feb 2018 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज/नानकमत्ता।
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज/नानकमत्ता। Updated Fri, 16 Feb 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
Guru Gobind Singh sacrificed his life against injustice
गुरु श्री गुरुगोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम को संबोधित करते वित्त मंत्री प्रकाश पंत। - फोटो : amar ujala

सितारगंज/नानकमत्ता। सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाशपर्व पर सिख संगत को बधाई देते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने अन्याय के खिलाफ 42 साल तक संघर्ष किया। समाज की आन, बान और शान की खातिर उन्होंने मुगलों से 14 युद्ध लड़े और जीत भी दर्ज की।

विज्ञापन


गुरु गोविंद सिंह जी वीर योद्धा के रूप में धरती पर अवतरित हुए और मानव कल्याण के लिए अपना परिवार तक बलिदान कर दिया। इसलिए, उन्हें सर्वस्व दानी कहा जाता है। समागम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शिरकत करके लोगों को गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की बधाई दी।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को एतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब, धार्मिक डेरा कारसेवा एवं राष्ट्रीय सिख संगत के सहयोग से केंद्र सरकार की ओर से गुरु गोविंद सिंह जी का 351वां जन्मदिवस भव्य आयोजन के साथ सर्वधर्म समभाव समागम के रूप में मनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को शिरकत करनी थी, लेकिन सीएम के दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में जाने से उनके प्रतिनिधि के रूप में वित्त मंत्री प्रकाश पंत कार्यक्रम में पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने धर्म की रक्षा के लिए चार साहिबजादों जोरावर सिंह, फतेह सिंह, जुझार सिंह और अजीत सिंह को बलिदान कर दिया, लेकिन अत्याचारियों के सामने सिर नहीं झुकाया।

ऐसे महापुरुष सभी के अनुकरणीय हैं। तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गुरु पुत्रों से सीख लेकर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। राष्ट्रीय सिख संगत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरचरण सिंह गिल ने कहा कि स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रमों में सिख गुरुओं की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। मलेर कोटला पंजाब से आए सूफी संत गुलाम हैदर अली कादरी ने भी विचार रखे। इस दौरान रागी जत्थों ने शबद, कीर्तन से गुरु की महिमा का बखान किया।


धार्मिक डेरा कारेसवा के बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा श्याम सिंह, बाबा तरसेम सिंह, श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला हरिद्वार के संत ज्ञानदेव सिंह, गुरुद्वारा साहिब के प्रधान जसविंदर सिंह गिल, जिपं अध्यक्ष ईश्चवरी प्रसाद गंगवार, विधायक डा. प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, राजकुमार ठुकराल, सौरभ बहुगुणा, राजेश शुक्ला, हरभजन सिंह चीमा, यूपी के सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, पूर्व सांसद बलराज पासी, सुरेश गंगवार, आरएसएस के प्रदेश संघचालक गजेंद्र सिंह, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, संगठन महामंत्री अविनाश जायसवाल, मनोज गहतोड़ी, धन्ना सिंह, जरनैल सिंह के अलावा जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते, एएसपी डा. देवेंद्र पींचा समागम में मौजूद रहे। संचालन अवतार सिंह शास्त्री व प्रीतम सिंह चावला ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed