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Udham Singh Nagar News: निरस्त पंजीकरण बहाली के लिए 30 जून तक करेें आवेदन
Thu, 06 Apr 2023 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:12 AM IST
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गदरपुर में प्रेसवार्ता करते कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी।
रुद्रपुर। राज्य कर विभाग में 31 दिसंबर से पहले निरस्त हुए पंजीकरण को बहाल करने के लिए व्यापारियों को पुनर्स्थापना पत्र देने के लिए हाईकोर्ट की शरण नहीं लेनी होगी। विभाग ने व्यापारियों को पुनर्स्थापना पत्र दाखिल के लिए 30 जून तक अंतिम मौका दिया है। हालांकि ये मौका उन व्यापारियों को मिलेगा, जिनके पंजीकरण 31 दिसंबर 2022 से पहले निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और जीएसटीआर 10 के विलंब शुल्क में भी कमी की गई है।
राज्य कर विभाग में रिटर्न दाखिल नहीं करने सहित अन्य वजहों से व्यापारियों के पंजीकरण निरस्त किए जाते हैं। पंजीकरण निरस्त होने के बाद पुनर्स्थापना पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद व्यापारियों को व्यापारियों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ती है। जिसके चलते उनको काफी खर्च करना पड़ता है। जिले में एक हजार से अधिक व्यापारियों के पंजीकरण निरस्त किए गए है। राज्य कर विभाग ने 1 अप्रैल से 30 जून तक व्यापारियों को कई छूट दी हैं। राज्य कर अधिकारी प्रकाश चंद्र त्रिवेदी ने बताया कि कंपोजिशन योजना के तहत वर्ष 2019- 20, 2020-21, 2021-22 के वार्षिक रिटर्न दाखिल करने का विलंब शुल्क 10 हजार से घटाकर एक हजार रुपये किया गया है। अगर व्यापारी की कोई बिक्री नहीं है तो विलंब शुल्क माफ होगा। ऐसे व्यापारी जिनका जीएसटी पंजीकरण 31 दिसंबर 2022 से पहले निरस्त किया गया है और उन्होंने पुनर्स्थापना पत्र दाखिल नहीं किया है तो उनको अंतिम मौका दिया जा रहा है। ऐसे व्यापारी 30 जून तक सभी टैक्स जमा कर पुनर्स्थापना पत्र दाखिल कर सकते है। रेगुलर व्यापारी के लिए वर्ष 2017 से 2020-21 तक वार्षिक रिटर्न के विलंब शुल्क को बहुत कम किया गया है। इसके अलावा जीएसटी पंजीकरण निरस्त होने के बाद दाखिल जीएसटीआर 10 का विलंब शुल्क 10 हजार से घटाकर एक हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि ये छूट 30 जून तक हैं और व्यापारी इनका पूरा लाभ उठाएं।बेहड़ के खिलाफ टिप्पणी से कांग्रेसी नाराज
गदरपुर। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के खिलाफ रुद्रपुर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा की टिप्पणी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। बुधवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी ने कहा कि शर्मा का कद इतना बड़ा नहीं है कि वह बेहड़ से अपनी तुलना करें। डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सुभाष बेहड़ ने कहा शर्मा का बयान संगठन को कमजोर करने वाला है। पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने कहा बेहड़ पांच बार विधानसभा के लिए चुने गए। दो बार कैबिनेट मंत्री भी रहे। उनके कार्यकाल में कराए हुए कार्य किसी से छिपे नहीं है।
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राज्य कर विभाग में रिटर्न दाखिल नहीं करने सहित अन्य वजहों से व्यापारियों के पंजीकरण निरस्त किए जाते हैं। पंजीकरण निरस्त होने के बाद पुनर्स्थापना पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद व्यापारियों को व्यापारियों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ती है। जिसके चलते उनको काफी खर्च करना पड़ता है। जिले में एक हजार से अधिक व्यापारियों के पंजीकरण निरस्त किए गए है। राज्य कर विभाग ने 1 अप्रैल से 30 जून तक व्यापारियों को कई छूट दी हैं। राज्य कर अधिकारी प्रकाश चंद्र त्रिवेदी ने बताया कि कंपोजिशन योजना के तहत वर्ष 2019- 20, 2020-21, 2021-22 के वार्षिक रिटर्न दाखिल करने का विलंब शुल्क 10 हजार से घटाकर एक हजार रुपये किया गया है। अगर व्यापारी की कोई बिक्री नहीं है तो विलंब शुल्क माफ होगा। ऐसे व्यापारी जिनका जीएसटी पंजीकरण 31 दिसंबर 2022 से पहले निरस्त किया गया है और उन्होंने पुनर्स्थापना पत्र दाखिल नहीं किया है तो उनको अंतिम मौका दिया जा रहा है। ऐसे व्यापारी 30 जून तक सभी टैक्स जमा कर पुनर्स्थापना पत्र दाखिल कर सकते है। रेगुलर व्यापारी के लिए वर्ष 2017 से 2020-21 तक वार्षिक रिटर्न के विलंब शुल्क को बहुत कम किया गया है। इसके अलावा जीएसटी पंजीकरण निरस्त होने के बाद दाखिल जीएसटीआर 10 का विलंब शुल्क 10 हजार से घटाकर एक हजार रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि ये छूट 30 जून तक हैं और व्यापारी इनका पूरा लाभ उठाएं।बेहड़ के खिलाफ टिप्पणी से कांग्रेसी नाराज
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गदरपुर। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के खिलाफ रुद्रपुर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा की टिप्पणी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। बुधवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी ने कहा कि शर्मा का कद इतना बड़ा नहीं है कि वह बेहड़ से अपनी तुलना करें। डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सुभाष बेहड़ ने कहा शर्मा का बयान संगठन को कमजोर करने वाला है। पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने कहा बेहड़ पांच बार विधानसभा के लिए चुने गए। दो बार कैबिनेट मंत्री भी रहे। उनके कार्यकाल में कराए हुए कार्य किसी से छिपे नहीं है।
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