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मां भगवती बाल सुंदरी का डोला लेकर पहुंचे श्रद्धालु
Sat, 13 Apr 2019 11:35 PM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:35 PM IST
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मां भगवती बाल सुंदरी देवी की फोटो।
- फोटो : amar ujala
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मां भगवती बाल सुंदरी का डोला लेकर श्रद्धालु शनिवार को चैती मंदिर में पहुंचे। मेला परिसर में मां भगवती बाल सुंदरी के डोले के इंतजार में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मां के जयकारों से मेला परिसर का माहौल भक्तिमय हो गया। मां भगवती बाल सुंदरी को शुक्रवार शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए पंडा मनोज अग्निहोत्री के आवास पर रखा गया था।
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रात को पंडा परिवार ने प्रधान पंडा वंश गोपाल के नेतृत्व में हवन पूजन किया। शनिवार सुबह तीसरे पहर पंडा मनोज अग्निहोत्री देवी की प्रतिमा को लेकर डोले में बैठे। कहार डोला लेकर चल पड़े। डोले के साथ हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ थी, जिसमें काफी संख्या में भक्त हाथों में तलवार लिए आगे-आगे चल रहे थे।
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चैती मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच से डोले को आगे निकालना मुश्किल हो गया। पुलिस और स्वयंसेवियों ने को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां डोले से मनोज पंडा देवी प्रतिमा लेकर उतरे और प्रतिमा को मंदिर में देवी मठ में स्थापित कर दिया।
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पंडित दयाशंकर जोशी ने पंडाओं से पूजा अर्चना कराने के बाद आरती की और देवी प्रतिमा को श्रद्धालुओं के लिए मठ मेें स्थापित कर दिया। देवी दर्शनों के लिए पूर्व दरवाजे से करीब दो सौ मीटर लंबी कतार लग गई।
प्रधान सहायक पंडा मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि पहले श्रद्धालु मुख्य मंदिर में नारियल फेंक कर चढ़ाते थे, जिससे नारियलों की ढेरियां लगने के कारण लोगों को देवी के दर्शन नहीं होते थे। इस साल नारियल चढ़ाने के लिए मंदिर में गेट के पास ही खिड़की बनाई गई है। श्रद्धालु नारियल उसी खिड़की से चढ़ाते हैं। इससे लोगों को देवी के सहज दर्शन हो जाते हैं। इस दौरान एएसपी डॉ. जगदीश पुलिस के साथ मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में हथकरघा और लघु उद्यमियों के उत्पाद
काशीपुर। उद्योग विभाग उत्तराखंड सरकार की ओर से चैती मेले में आदर्श प्रदर्शनी लगाई है। इसमें प्रदेश के दूरदराज और यूपी के बुनकरों, छीपियों और लघु उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगी है। इसमें बनारसी साड़ी, सूती चादरें और काष्ठ कला की सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। मेले में अल्मोड़ा, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून, रुड़की, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, नगीना, रामपुर, मुरादाबाद, महुआखेड़ा, जसपुर, काशीपुर से आए लघु उद्यमियों के स्टॉल लगे हैं। उद्योग विभाग के पूर्व डायरेक्टर एवं उद्योग निदेशालय के सलाहकार फतेबहादुर ने बताया कि प्रदर्शनी डिजाइन सेंटर काशीपुर के सहयोग से लगी है।
प्रदर्शनी में बुरांश का जूस
काशीपुर। चैती मेला परिसर में लगे स्टॉलों में सूत की बनी बेड सीट, लिहाफ, चादरें, कैरी बैग, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कुमाऊं की नमकीन, बुरांश का जूस, बनारसी साड़ियां, अचार मुरब्बा, मुनस्यारी की राजमा दाल, पौड़ी के विभिन्न फलों के जूस के स्टॉल भी हैं। लोगों में इन वस्तुओं की अच्छी मांग भी है। फतेबहादुर ने बताया कि प्रदर्शनी स्थल को धूल रहित बनाया गया है।