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छात्राओं ने फिर मारी बाजी, 74 में से 45 पदकों पर जमाया कब्जा
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पंतनगर विश्वविद्यालय में हुए दीक्षांत समारोह में संबोधित करते कुलपति तेज प्रताप सिंह।
- फोटो : RUDRAPUR
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का 33वां दीक्षांत समारोह कोरोना काल के चलते वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया। बिना विद्यार्थियों की उपस्थिति में यूनिवर्सिटी सेंटर में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और विवि की कुलाधिपति बेबी रानी मौर्या के अभिभाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई गई। इस समारोह में 2018-19 और 2019-20 बैच के कुल 1891 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें से 74 श्रेष्ठ विद्यार्थियों को पदकों से सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ विद्यार्थियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया। दीक्षांत समारोह में 2018-19 बैच की गृह विज्ञान स्नातक प्रियंका गिनवाल एवं 2019-20 बैच के कृषि स्नातक योगेश दत्त को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
इनको मिला कुलपति स्वर्ण पदक
पंतनगर। 2018-19 बैच के दीपक त्रिपाठी, प्रज्ञा सैनी, अश्विनी रावत, मनीष रावत, पियूष चौहान, साहिल मदान, दिव्यांश राजवंशी, रिया बतरा, प्रतिभा भट्ट, प्राची पुनेठा, ट्विंकल सुखीजा, विवेक गैरोला, शिवांगी भट्ट और 2019-20 बैच के अंबुज, शिखा जोशी, दीक्षा अरोड़ा, ओम महेश्वरी, विजयलक्ष्मी गोस्वामी, मनीष पडलिया, चंदन जोशी, दिविशा बिष्ट, कनिका भट्ट, नेहा चौबे, संजीवनी श्रीवास्तव, कनिका घिल्डियाल, रेयान भट्टाचार्या, योगेश पांडेय को कुलपति स्वर्ण पदक से नवाजा गया।
इसके अलावा वर्ष 2018-19 बैच के महिमा बोरा, प्रणव शर्मा, मानसी नवानी, अंशिका त्यागी, रोहित पंत, आयुष झाम, आयुष जैन, प्रिया पंत, अंकित महापात्रा, स्वाती जोशी, आयुषी अग्रवाल, साक्षी वैष्णव, सोनल पाठक और 2019-20 बैच के विक्रांत चौहान, नितेश तंवर, अनंत सिंघल, नीरज कार्की, मुस्कान सिंघल, वैशाली जोशी, अंजलि रावत, मनीषा भंडारी, आयुषी पांडेय, पूजा रावत, दिव्या मेहता को कुलपति रजत पदक प्रदान किया गया।
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वहीं वर्ष 2018-19 बैच के अभिषेक गौतम, अंजलि भटनागर, सना जावेद, सबा, अर्पित चौहान, हर्षिता जोशी, नैना भट्ट, सृष्टि वत्स, प्रियंका गिनवाल, रिचा बाफिला, भानु चंद्र एवं 2019-20 बैच के तरुण अग्रवाल, ऋग्वेद साह, दीक्षा शर्मा, सान्या हरबोला, गौरव पंवार दक्ष, नितिका शंकर पांडे, नेहा जुयाल, नम्रता गुलाटी, आयुषी पाठक और दीक्षा सामंत को कुलपति कांस्य पदक प्रदान किया गया।
शगुन और प्रियंका को नागम्मा शांतिबाई अवार्ड
पंतनगर। बैचलर ऑफ साइंस (होम साइंस) के अंतर्गत ग्रामीण कार्य में सर्वोत्तम स्थान प्राप्त करने पर शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए शगुन तिवारी और सत्र 2019-20 के लिए प्रियंका कर्दम को नागम्मा शांतिबाई अवार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही बैचलर ऑफ साइंस (होम साइंस) के तहत पोषण संबंधी विषयों में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर 2018-19 बैच की आयुषी अग्रवाल और 2019-20 बैच की संजीवनी श्रीवास्तव को सरस्वती पांडा अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा बैचलर ऑफ साइंस (एग्रीकल्चर) के अंतर्गत सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर 2018-19 बैच की प्रतिभा भट्ट और 2017-18 बैच की कनिका भट्ट को डॉ. रामशिरोमणि तिवारी एवार्ड एवं प्रतिभा भट्ट एवं कनिका भट्ट को क्रमश: 2018-19 और 2017-18 के लिए चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा अवार्ड से सम्मानित किया गया।
पंतनगर। शिक्षा, शोध एवं प्रसार के माध्यम से ग्राम्य विकास के सपने को साकार करते हुए हरित क्रांति की सौगात देने और खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने वाले देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर को 60 साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1952 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्च शिक्षा समिति ने देश में ऐसे विश्वविद्यालय की स्थापना की सिफारिश की थी, जिसमें कृषि आधारित शिक्षण, शोध और उनका प्रसार हो।
इस सिफारिश को अमलीजामा पहनाते हुए देश के प्रथम कृषि विवि के रूप में उत्तर प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना हुई और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 17 नवंबर, 1960 को इसे देश को समर्पित किया। वर्तमान में विवि में 133 उपाधि कार्यक्रम संचालित हैं। इनमें 14 स्नातक, 69 मास्टर्स एवं 50 पीएचडी पाठ्यक्रमों में शिक्षण कार्य संचालित हो रहा है। विवि अपने विभिन्न शोध केंद्रों से 163 शोध परियोजनाएं संचालित कर रहा है। विवि अब तक विभिन्न अनाज, दलहनी, तिलहनी, सब्जी, फल, फूलों आदि की 283 प्रजातियां विकसित कर चुका है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 15 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं परिसर स्थित प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रसार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
पंतनगर। जहां पंतनगर विवि स्थित है, वहां पूर्व में कभी तराई स्टेट फार्म हुआ करता था। तत्कालीन गृहमंत्री पं. गोविंद बल्लभ पंत और तराई स्टेट फार्म के प्रबंधक मेजर एचएस संधू के प्रयासों से अमेरिका के लैंड ग्रांट पैटर्न पर तराई के 16 हजार एकड़ भूमि पर उत्तर प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के रूप में देश का प्रथम कृषि विवि वजूद में आया। इसकी स्थापना में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के महती योगदान के मद्देनजर 1972 में इस विवि का नाम उनके नाम पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रखा गया। संवाद
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इनको मिला कुलपति स्वर्ण पदक
पंतनगर। 2018-19 बैच के दीपक त्रिपाठी, प्रज्ञा सैनी, अश्विनी रावत, मनीष रावत, पियूष चौहान, साहिल मदान, दिव्यांश राजवंशी, रिया बतरा, प्रतिभा भट्ट, प्राची पुनेठा, ट्विंकल सुखीजा, विवेक गैरोला, शिवांगी भट्ट और 2019-20 बैच के अंबुज, शिखा जोशी, दीक्षा अरोड़ा, ओम महेश्वरी, विजयलक्ष्मी गोस्वामी, मनीष पडलिया, चंदन जोशी, दिविशा बिष्ट, कनिका भट्ट, नेहा चौबे, संजीवनी श्रीवास्तव, कनिका घिल्डियाल, रेयान भट्टाचार्या, योगेश पांडेय को कुलपति स्वर्ण पदक से नवाजा गया।
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इसके अलावा वर्ष 2018-19 बैच के महिमा बोरा, प्रणव शर्मा, मानसी नवानी, अंशिका त्यागी, रोहित पंत, आयुष झाम, आयुष जैन, प्रिया पंत, अंकित महापात्रा, स्वाती जोशी, आयुषी अग्रवाल, साक्षी वैष्णव, सोनल पाठक और 2019-20 बैच के विक्रांत चौहान, नितेश तंवर, अनंत सिंघल, नीरज कार्की, मुस्कान सिंघल, वैशाली जोशी, अंजलि रावत, मनीषा भंडारी, आयुषी पांडेय, पूजा रावत, दिव्या मेहता को कुलपति रजत पदक प्रदान किया गया।
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वहीं वर्ष 2018-19 बैच के अभिषेक गौतम, अंजलि भटनागर, सना जावेद, सबा, अर्पित चौहान, हर्षिता जोशी, नैना भट्ट, सृष्टि वत्स, प्रियंका गिनवाल, रिचा बाफिला, भानु चंद्र एवं 2019-20 बैच के तरुण अग्रवाल, ऋग्वेद साह, दीक्षा शर्मा, सान्या हरबोला, गौरव पंवार दक्ष, नितिका शंकर पांडे, नेहा जुयाल, नम्रता गुलाटी, आयुषी पाठक और दीक्षा सामंत को कुलपति कांस्य पदक प्रदान किया गया।
शगुन और प्रियंका को नागम्मा शांतिबाई अवार्ड
पंतनगर। बैचलर ऑफ साइंस (होम साइंस) के अंतर्गत ग्रामीण कार्य में सर्वोत्तम स्थान प्राप्त करने पर शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए शगुन तिवारी और सत्र 2019-20 के लिए प्रियंका कर्दम को नागम्मा शांतिबाई अवार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही बैचलर ऑफ साइंस (होम साइंस) के तहत पोषण संबंधी विषयों में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर 2018-19 बैच की आयुषी अग्रवाल और 2019-20 बैच की संजीवनी श्रीवास्तव को सरस्वती पांडा अवार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा बैचलर ऑफ साइंस (एग्रीकल्चर) के अंतर्गत सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर 2018-19 बैच की प्रतिभा भट्ट और 2017-18 बैच की कनिका भट्ट को डॉ. रामशिरोमणि तिवारी एवार्ड एवं प्रतिभा भट्ट एवं कनिका भट्ट को क्रमश: 2018-19 और 2017-18 के लिए चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा अवार्ड से सम्मानित किया गया।
पंतनगर। शिक्षा, शोध एवं प्रसार के माध्यम से ग्राम्य विकास के सपने को साकार करते हुए हरित क्रांति की सौगात देने और खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने वाले देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय ने 17 नवंबर को 60 साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1952 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित उच्च शिक्षा समिति ने देश में ऐसे विश्वविद्यालय की स्थापना की सिफारिश की थी, जिसमें कृषि आधारित शिक्षण, शोध और उनका प्रसार हो।
इस सिफारिश को अमलीजामा पहनाते हुए देश के प्रथम कृषि विवि के रूप में उत्तर प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना हुई और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 17 नवंबर, 1960 को इसे देश को समर्पित किया। वर्तमान में विवि में 133 उपाधि कार्यक्रम संचालित हैं। इनमें 14 स्नातक, 69 मास्टर्स एवं 50 पीएचडी पाठ्यक्रमों में शिक्षण कार्य संचालित हो रहा है। विवि अपने विभिन्न शोध केंद्रों से 163 शोध परियोजनाएं संचालित कर रहा है। विवि अब तक विभिन्न अनाज, दलहनी, तिलहनी, सब्जी, फल, फूलों आदि की 283 प्रजातियां विकसित कर चुका है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 15 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं परिसर स्थित प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रसार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
पंतनगर। जहां पंतनगर विवि स्थित है, वहां पूर्व में कभी तराई स्टेट फार्म हुआ करता था। तत्कालीन गृहमंत्री पं. गोविंद बल्लभ पंत और तराई स्टेट फार्म के प्रबंधक मेजर एचएस संधू के प्रयासों से अमेरिका के लैंड ग्रांट पैटर्न पर तराई के 16 हजार एकड़ भूमि पर उत्तर प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के रूप में देश का प्रथम कृषि विवि वजूद में आया। इसकी स्थापना में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के महती योगदान के मद्देनजर 1972 में इस विवि का नाम उनके नाम पर गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रखा गया। संवाद