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Udham Singh Nagar News: 17 शिक्षिकाओं की कमी से जूझ रहा जीजीआईसी काशीपुर, पठन-पाठन पर पड़ा असर
Mon, 22 Jun 2026 12:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:35 AM IST
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काशीपुर। शासन और शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते जीजीआईसी काशीपुर में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के 17 रिक्त पद अब तक नहीं भरे जा सके हैं। इस कारण छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
जीजीआईसी काशीपुर में प्रवक्ता के 17 पद स्वीकृत हैं। इनमें से आठ पद भरे हुए हैं, जबकि अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान आदि के नौ पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा सहायक अध्यापकों के 25 पद स्वीकृत हैं। इनमें से विज्ञान, सामान्य विज्ञान, गृह विज्ञान, व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान आदि आठ पद खाली चल रहे हैं। वहीं व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान, हिंदी के अतिथि शिक्षकों से काम चल रहा है। लंबे समय से खाली पद नहीं भरने से हर साल बोर्ड परीक्षा परिणाम पर भी असर पड़ रहा है। दो साल से दो छात्राओं ने मेरिट में जगह बनाकर विद्यालय की लाज बचा रखी है। महत्वपूर्ण विषयों के पद रिक्त होने से अतिथि शिक्षक कुछ पाठ्यक्रम पूरा करा देते हैं। इन शिक्षकों की ड्यूटी भी एसआईआर कार्य में लगी हुई है। शेष पाठ्यक्रम अधिकतर छात्राएं ट्यूशन या सोशल मीडिया पर वीडियो से पढ़कर पूरा करती हैं।
कोट
जीजीआईसी में प्रवक्ता के नौ और एलटी के आठ पद खाली चल रहे हैं। रिक्तियों की सूचना निरंतर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। शासन स्तर से तैनाती होगी।
- धीरेंद्र कुमार साहू, खंड शिक्षाधिकारी, काशीपुर
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जीजीआईसी काशीपुर में प्रवक्ता के 17 पद स्वीकृत हैं। इनमें से आठ पद भरे हुए हैं, जबकि अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान आदि के नौ पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा सहायक अध्यापकों के 25 पद स्वीकृत हैं। इनमें से विज्ञान, सामान्य विज्ञान, गृह विज्ञान, व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान आदि आठ पद खाली चल रहे हैं। वहीं व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान, हिंदी के अतिथि शिक्षकों से काम चल रहा है। लंबे समय से खाली पद नहीं भरने से हर साल बोर्ड परीक्षा परिणाम पर भी असर पड़ रहा है। दो साल से दो छात्राओं ने मेरिट में जगह बनाकर विद्यालय की लाज बचा रखी है। महत्वपूर्ण विषयों के पद रिक्त होने से अतिथि शिक्षक कुछ पाठ्यक्रम पूरा करा देते हैं। इन शिक्षकों की ड्यूटी भी एसआईआर कार्य में लगी हुई है। शेष पाठ्यक्रम अधिकतर छात्राएं ट्यूशन या सोशल मीडिया पर वीडियो से पढ़कर पूरा करती हैं।
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कोट
जीजीआईसी में प्रवक्ता के नौ और एलटी के आठ पद खाली चल रहे हैं। रिक्तियों की सूचना निरंतर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। शासन स्तर से तैनाती होगी।
- धीरेंद्र कुमार साहू, खंड शिक्षाधिकारी, काशीपुर