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नशा भगाओ, खुशहाली लाओ 

Sun, 11 Feb 2018 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Sun, 11 Feb 2018 12:16 AM IST
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Get intoxication, bring prosperity
पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में उपस्थित छात्र-छात्राएं। - फोटो : amar ujala

नशे के दलदल में फंसकर युवा चारों ओर से दुखों से घिर जाता है। युवाओं को चाहिए कि वह अपने माता-पिता के विश्वास को न तोड़ें और हमेशा नशे से दूर रहें। इस दौरान एसएसपी ने कहा कि उत्तराखंड में नशे का ट्रेेंड बदल रहा है। नशा स्कूली बच्चों से शुरू होकर पूरी पीढ़ी को तबाह कर रहा है। उन्होंने कहा कि दवाओं से शुरू होने वाला नशा इंजेक्शन से शराब तक जा रहा है।

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इसके अलावा स्मैक के नशे का भी ट्रेंड बढ़ा है। डॉ. दाते ने कहा कि नशा युवा के लिए ही नहीं, बल्की समाज के लिए भी घातक है। नशा इंसान को अपराध की ओर ले जाता है। डॉ. दाते का कहना था कि नशे के धंधे में 300 प्रतिशत तक का लाभ होेने के कारण युवा नशे के लिए खुद ही इस धंधे में उतरने लगे हैं।
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उन्होंने कहा कि यूपी से सटा होने के कारण ऊधमसिंह नगर जिला नशा तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। डॉ. दाते ने कहा कि नशा तस्करों के जाल और नशे को रोकने के लिए विद्यार्थियों को समाज को जागरूक करना होगा। इस दौरान प्रो. एके प्रतिहार ने सहज योग और ध्यान को नशा छोड़वाने और नशे से बचने के लिए कारगर बताया। डीन छात्र कल्याण डॉ. आरएस जादौन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। संचालन छात्रा कामाक्षी चौहान, सुरुचि भोज, कशिश मित्तल और पल्लवी ने किया।
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एंटी ड्रग सोसायटी बनाएं
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि बच्चों को विश्वविद्यालय में एंटी ड्रग सोसायटी बनाकर पुलिस को नशे के तस्करों के बारे में जानकारी देनी चाहिए। इससे पुलिस को नशे तस्करों तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि विवि में कुछ स्वयंसेवी भी तैयार करने होंगे। नशे की रोकथाम के लिए सभी का सहयोग बेहद जरूरी है।

कुलपति ने दिलवाया नशा न करने का संकल्प
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एके मिश्रा ने कहा कि युवा नशे से परहेज करके भी देश सेवा में योगदान दे सकते हैं। नशा करने वालों को भी जागरूक कर उन्हें नशे से बचाएं। कुलपति प्रो. मिश्रा ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संकल्प दिलवाया कि न तो नशा करेंगे, न करने देंगे।

तीन गुना तक बढ़ा है नशे का कारोबार 
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि बीते साल नशे की तस्करी के 153 मामले पंजीकृत किए गए हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत 180 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह मामले पहले की तुलना में तीन गुना तक बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कुल नशे के कारोबार में स्मैक का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। यह बेहद चिंताजनक है, क्योंकि अन्य नशे के मुकाबले इसकी लत को छुड़वा पाना कठिन है।

उद्यमिता सेल ने कार्यक्रम में सहयोग किया 
पुलिस की पाठशाला में पंतनगर विवि के उद्यमिता सेल (इंटरप्रिन्योरशिप सेल) ने सहयोग किया। विद्यार्थियों ने बताया कि यह सेल विवि में कौशल, व्यक्तित्व विकास और नवाचार के प्रयोग को भी बढ़ावा देता है।

नशा मुक्ति केंद्र नहीं हैं कमाई का जरिया
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि भारत में नशा मुक्ति केंद्र कमाई का जरिया बन कर रह गए हैं। नशा मुक्ति केंद्रों में सुविधाओं का टोटा है। उन्होंने कहा कि हमें भारत में भी पाश्चात्य देशों की तरह ही नशा मुक्ति केंद्र खोलने होंगे। 
 

विद्यार्थियों-प्रोफेसरों के सवाल, एसएसपी के जवाब

दोस्त नशा करता है, उसके पापा की तबियत खराब रहती है। उसके अभिभावकों को कैसे बताएं - तनुश्री राणा

एसएसपी : दोस्तों को चाहिए की उसको अलग-अलग कर समझाएं कि यह घातक है। काउंसलिंग करें और जानने की कोशिश करें कि वह नशा कर क्यों रहा है। यह जानकर नशा छुड़वाना काफी आसान है। अध्यापकों, वार्डनों को भी कोशिश करनी होगी। अभिभावकों को बता दें तो बेहतर होगा। इससे वे भी सजग होंगे और बच्चे से संवाद करेंगे। इससे बच्चे को नशे से बचाना आसान होगा। 

व्हाट्सएप पर अब संदेश डिलीट करने का विकल्प आ गया है। तंग करने वालों की शिकायत का आधार क्या होगा- सौरभ उप्रेती
एसएसपी : ऑनलाइन ट्रॉलिंग और शोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उस मेसेज का तुरंत स्क्रीनशॉट ले लें वही सबूत बनेगा और पुलिस में शिकायत जरूर दर्ज करवाएं। सोशल मीडिया में निजी जानकारियां साझा करने से भी बचें। सायबर संसार में कुछ भी सुरक्षित नहीं है। कुछ भी पोस्ट करने से पहले रुकें, सोचें फिर पोस्ट करें। 

महिला अपराधों के खिलाफ सख्त कानून होने के बावजूद उनके प्रति अपराध बढ़ रहे हैं क्यों - स्वाती स्वेता घड़ी 
एसएसपी : निर्भया कांड के बाद महिला अपराधों के खिलाफ कानून सख्त हुए हैं। आईपीसी, सीआरपीसी के अलावा पुलिस की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आया है। अब विभाग ज्यादा संवेदनशील और गंभीर हुआ है और इन मामलों की रिपोर्ट भी ज्यादा मिलने लगी हैं। परिवर्तन धीरे-धीरे आएगा। किसी भी महिला अपराध को नजरंदाज न करें, उसकी शिकायत जरूर दर्ज करवाएं। 

क्या गुटखे और तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी लिख देना ही पर्याप्त है। सरकार इन पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती। - श्रुति मिश्रा 
एसएसपी : मेरा मानना है कि बैन करने से तस्करी बढ़ेगी। इसके कई उदाहरण भी हैं। कई क्षेत्रों में कच्ची शराब का प्रचलन है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नाबालिगों के लिए नशीले सामान की बिक्री अवैध है। कोई नाबालिगों को नशीला सामान बेचता है तो सूचना दें, पुलिस कार्रवाई की जाएगी। 

विवि में छात्र-छात्राओं के बीच भावनात्मक संबंधों का बनना और बिगड़ना भी छात्र-छात्राओं को नशे के लिए प्रेरित करने का एक बड़ा कारण बन रहा है। ऐसे में हमारी क्या भूमिका हो सकती है। - डॉ. अर्पिता शर्मा, वार्डन 

एसएसपी : ऐसा तब होता है जब बच्चे का आत्मविश्वास डगमगाने लगे। जरूरत इस बात की है कि हम बच्चों को नैतिक मूल्यों और प्रेरक प्रसंगों के बारे में बताएं। विद्यार्थियों को भी समझना होगा कि जीवन में छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, इन्हें अंत न समझें। जीवन सुंदर है। किसी भी छोटे उतार-चढ़ाव को नए अवसर की तरह देखें। बच्चों को समस्या से भागे बिना उसका सामना करना होगा। अनुशासित होकर मंजिल की ओर बढ़ना होगा। 

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