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गैस सर्विस के लेखाकार पर साढ़े 12 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:43 PM IST
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इंडेन गैस सर्विस काशीपुर के तत्कालीन लोकसूचना अधिकारी (वर्तमान में लेखाकार) को आरटीआई के अंतर्गत विलंब से सूचना देना महंगा पड़ गया। राज्य सूचना आयुक्त ने उन पर साढ़े 12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। एक महीने के भीतर जुर्माना राशि राजकोष में जमा करने के आदेश दिए हैं। तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी (वर्तमान में लेखाकार) पर सूचना देने में विलंब करनेे पर नवंबर माह में पहले भी सवा 21 हजार रुपए का जुर्माना लग चुका है।
सिंघान रिट्रीट रतन सिनेमा रोड निवासी अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने सात नवंबर 2015 को इंडेन गैस एजेंसी काशीपुर के लोक सूचना अधिकारी से डीबीटीएल कनेक्शन की सब्सिडी के गड़बड़झाले, प्राइवेट कर्मियों की सूची सहित कई सूचनाएं मांगी थी। संबंधित लोक सूचना अधिकारी द्वारा अमरीश को 50 दिन विलंब से सूचना उपलब्ध कराई गई थी। अमरीश ने राज्य सूचना आयोग में इसकी शिकायत की।
राज्य सूचना आयोग द्वारा तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी और लेखाकार आनंद प्रकाश से स्पष्टीकरण लिया गया। आनंद प्रकाश ने काम का बोझ ज्यादा होने की वजह से सूचना देने में विलंब होने की बात कही। बीते 11 नवंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने आनंद की तरफ से सूचना देने में विलंब के कारण को सही नहीं माना। उन्होंने सूचना देने में 50 दिन के विलंब के लिए साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना आनंद प्रकाश पर लगाने के आदेश दिए। एक महीने में जुर्माना राशि जमा नहीं होने पर गैस सर्विस के प्रबंधक को आनंद के देयकों से कटौती कर जुर्माने की राशि को राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए हैं।
सिंघान रिट्रीट रतन सिनेमा रोड निवासी अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने सात नवंबर 2015 को इंडेन गैस एजेंसी काशीपुर के लोक सूचना अधिकारी से डीबीटीएल कनेक्शन की सब्सिडी के गड़बड़झाले, प्राइवेट कर्मियों की सूची सहित कई सूचनाएं मांगी थी। संबंधित लोक सूचना अधिकारी द्वारा अमरीश को 50 दिन विलंब से सूचना उपलब्ध कराई गई थी। अमरीश ने राज्य सूचना आयोग में इसकी शिकायत की।
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राज्य सूचना आयोग द्वारा तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी और लेखाकार आनंद प्रकाश से स्पष्टीकरण लिया गया। आनंद प्रकाश ने काम का बोझ ज्यादा होने की वजह से सूचना देने में विलंब होने की बात कही। बीते 11 नवंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने आनंद की तरफ से सूचना देने में विलंब के कारण को सही नहीं माना। उन्होंने सूचना देने में 50 दिन के विलंब के लिए साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना आनंद प्रकाश पर लगाने के आदेश दिए। एक महीने में जुर्माना राशि जमा नहीं होने पर गैस सर्विस के प्रबंधक को आनंद के देयकों से कटौती कर जुर्माने की राशि को राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए हैं।
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