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Udham Singh Nagar News: रैन बसेरे को बना दिया कूड़ा घर
Tue, 24 Oct 2023 12:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 24 Oct 2023 12:41 AM IST
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रुद्रपुर के जिला अस्पताल के रेन बसेरे में लगा ताला। संवाद
रुद्रपुर। असहायों के रहने के लिए जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल में बनाया गया रैन बसेरा कूड़ा घर बना दिया गया है। इस कारण वहां चार फीट ऊंचाई तक कूड़े का ढेर लगा है। रेन बसेरे के मुख्य गेट पर ताला है। इसके बावजूद वहां खिड़की से कूड़ा डाला जा रहा है।
तत्कालीन डीएम अक्षत गुप्ता के निर्देश पर बजाज ऑटो लिमिटेड की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत रेन बसेरे के लिए भवन बनाया गया था। तब इसका नाम अक्षत भवन रखा गया था। पीएसी 31वीं वाहिनी की तत्कालीन सेनानायक रिधिम अग्रवाल ने 20 सितंबर 2016 को इसका लोकार्पण किया था। कुछ समय बाद इस भवन को रैन बसेरे में बदल दिया गया।
खासतौर पर ठंड के दिनों में असहायों और मरीजों के तीमारदारों के रहने के लिए रैन बसेरा खोला जाता था लेकिन कुछ समय से रैन बसेरे का इस्तेमाल होना बंद कर दिया गया। इस कारण बंद पड़े रैन बसेरे का इस्तेमाल कूड़ाघर के रूप में किया जाने लगा है।
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भले ही इसके मुख्य गेट पर ताला लगा है लेकिन टूटी खिड़कियों से इसके अंदर कूड़ा डाला जा रहा है। इस कारण वहां लगा कूड़े का ढेर साफ देखा जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण रैन बसेरा भवन कूड़ाघर में तब्दील हो गया है। जिला अस्पताल के पास कूड़ा निस्तारण के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इस कारण रैन बसेरे के पास ही कूड़ा भी जलाया जा रहा है।
रैन बसेरे में कूड़े का ढेर लगने की जानकारी नहीं है। रैन बसेरे की सफाई के लिए ठेकेदार से कहा जाएगा। - डॉ. आरके सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल, रुद्रपुर।
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तत्कालीन डीएम अक्षत गुप्ता के निर्देश पर बजाज ऑटो लिमिटेड की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत रेन बसेरे के लिए भवन बनाया गया था। तब इसका नाम अक्षत भवन रखा गया था। पीएसी 31वीं वाहिनी की तत्कालीन सेनानायक रिधिम अग्रवाल ने 20 सितंबर 2016 को इसका लोकार्पण किया था। कुछ समय बाद इस भवन को रैन बसेरे में बदल दिया गया।
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खासतौर पर ठंड के दिनों में असहायों और मरीजों के तीमारदारों के रहने के लिए रैन बसेरा खोला जाता था लेकिन कुछ समय से रैन बसेरे का इस्तेमाल होना बंद कर दिया गया। इस कारण बंद पड़े रैन बसेरे का इस्तेमाल कूड़ाघर के रूप में किया जाने लगा है।
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भले ही इसके मुख्य गेट पर ताला लगा है लेकिन टूटी खिड़कियों से इसके अंदर कूड़ा डाला जा रहा है। इस कारण वहां लगा कूड़े का ढेर साफ देखा जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण रैन बसेरा भवन कूड़ाघर में तब्दील हो गया है। जिला अस्पताल के पास कूड़ा निस्तारण के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इस कारण रैन बसेरे के पास ही कूड़ा भी जलाया जा रहा है।
रैन बसेरे में कूड़े का ढेर लगने की जानकारी नहीं है। रैन बसेरे की सफाई के लिए ठेकेदार से कहा जाएगा। - डॉ. आरके सिन्हा, पीएमएस, जिला अस्पताल, रुद्रपुर।