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Udham Singh Nagar News: ईंधन की चौतरफा मार, संकट में ढाबा-होटल कारोबार

Mon, 04 May 2026 12:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 04 May 2026 12:41 AM IST
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Fuel shortages hit the food and hotel businesses hard
रुद्रपुर। रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच अब वैकल्पिक ईंधनों के दामों ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के कारोबार की कमर तोड़ दी है। कोयला और लकड़ी की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक का उछाल आने से ढाबा संचालक और होटल कारोबारी दोहरी मार झेलने के लिए मजबूर हैं। बढ़ती लागत के कारण कई छोटे प्रतिष्ठान अब बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
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बाजार में पिछले कुछ दिनों के भीतर कोयले और लकड़ी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। रुद्रपुर के विभिन्न क्षेत्रों में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार ट्रांजिट कैंप, किच्छा रोड और सिडकुल क्षेत्र में कोयला 28 से 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। वहीं गल्ला मंडी और आवास विकास क्षेत्रों में लकड़ी के दामों में भी सात से 10 प्रतिशत की तेजी आई है।
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गैस सिलिंडर की किल्लत ने बिगाड़ा बजट
होटल कारोबारियों का कहना है कि व्यावसायिक गैस सिलिंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। गैस न मिलने की स्थिति में उन्हें मजबूरन कोयले और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है लेकिन अब इनके दाम बढ़ना कोढ़ में खाज जैसा साबित हो रहा है।
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व्यापारियों का दर्द... लागत बढ़ी, मुनाफा घटा
पहले गैस से काम आसान और सस्ता पड़ता था। अब सिलिंडर की कमी के कारण कोयले पर निर्भरता बढ़ी है लेकिन इसके दाम भी काबू से बाहर हो रहे हैं। लागत इतनी बढ़ गई है कि होटल चलाना मुश्किल हो रहा है। - राजीव कुमार, होटल संचालक, रम्पुरा

- ईंधन से लेकर कच्चा माल तक महंगा हो गया है, लेकिन हम ग्राहकों पर महंगाई का पूरा बोझ नहीं डाल सकते। अगर दाम ज्यादा बढ़ाए तो ग्राहक टूट जाएंगे और नहीं बढ़ाए तो घर से पैसा लगाना पड़ेगा। मुनाफा लगातार घट रहा है। - सलीम अहमद, रेस्टोरेंट संचालक, किच्छा रोड


बंद होने की कगार पर छोटे होटल
शहर के सिडकुल और ट्रांजिट कैंप जैसे श्रमिक बहुल क्षेत्रों में सस्ते भोजन की मांग अधिक रहती है। ईंधन महंगा होने से खाने की थाली के रेट बढ़ाना संचालकों की मजबूरी बन गया है। जानकारों का मानना है कि यदि प्रशासन ने गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं की और ईंधन के दामों पर नियंत्रण नहीं पाया, तो शहर के दर्जनों छोटे होटल और ढाबों पर ताले लटक सकते हैं।
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