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Udham Singh Nagar News: भोगपुर की ग्राम प्रधान का जाति प्रमाणपत्र निरस्त
Fri, 12 May 2023 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 12 May 2023 12:18 AM IST
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फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र से ग्राम प्रधान बनी थीं सिमरनजीत कौर
संवाद न्यूज एजेंसी
जसपुर। फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर भोगपुर की प्रधान बनी ग्राम प्रधान का डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। सुरेंद्र सिंह निवासी गांव वीरपुरी ने डीएम को पत्र भेजकर कहा था कि भोगपुर के प्रधान सिमरनजीत कौर के पति सुखदेव सिंह कुम्हार पिछड़ी जाति से हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छापूर्ति के लिए अपनी पत्नी का अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाणपत्र तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत करके बनवा लिया था।
ग्राम प्रधान के चुनाव में वर्ष 2019 में भोगपुर ग्राम सभा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। उन्होंने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर भोगपुर गांव सभा की सीट पर चुनाव लड़वाया। सिमरनजीत कौर चुनाव जीत कर ग्राम प्रधान बन गई। तभी से वह ग्राम प्रधान है। उन्होंने ग्राम प्रधान सिमरनजीत कौर उर्फ रजविंदर कौर का प्रमाण पत्र जांच कराकर निरस्त करने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को भेजे पत्र में कहा कि उच्च न्यायालय में योजित रिट के आदेश 21 सितंबर 2022 के अनुपालन में सुरेंद्र सिंह के प्रत्यावेदन 5 नवंबर 2022 निस्तारण के लिए सुनवाई कर जांच कराई गई। तहसील की जांच आख्या से स्पष्ट है की सिमरजीत कौर ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तहसील से प्राप्त किया है। नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर उन्हें अवगत कराएं। तहसीलदार पूनम पंत ने बताया कि भोगपुर की ग्राम प्रधान सिमरनजीत कौर का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जसपुर। फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर भोगपुर की प्रधान बनी ग्राम प्रधान का डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है। सुरेंद्र सिंह निवासी गांव वीरपुरी ने डीएम को पत्र भेजकर कहा था कि भोगपुर के प्रधान सिमरनजीत कौर के पति सुखदेव सिंह कुम्हार पिछड़ी जाति से हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छापूर्ति के लिए अपनी पत्नी का अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाणपत्र तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत करके बनवा लिया था।
ग्राम प्रधान के चुनाव में वर्ष 2019 में भोगपुर ग्राम सभा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। उन्होंने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर भोगपुर गांव सभा की सीट पर चुनाव लड़वाया। सिमरनजीत कौर चुनाव जीत कर ग्राम प्रधान बन गई। तभी से वह ग्राम प्रधान है। उन्होंने ग्राम प्रधान सिमरनजीत कौर उर्फ रजविंदर कौर का प्रमाण पत्र जांच कराकर निरस्त करने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को भेजे पत्र में कहा कि उच्च न्यायालय में योजित रिट के आदेश 21 सितंबर 2022 के अनुपालन में सुरेंद्र सिंह के प्रत्यावेदन 5 नवंबर 2022 निस्तारण के लिए सुनवाई कर जांच कराई गई। तहसील की जांच आख्या से स्पष्ट है की सिमरजीत कौर ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तहसील से प्राप्त किया है। नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर उन्हें अवगत कराएं। तहसीलदार पूनम पंत ने बताया कि भोगपुर की ग्राम प्रधान सिमरनजीत कौर का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
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