फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Four members of a family died in the Bhawali accident

Accident: भवाली हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार, इकलौते बेटे समेत चार मौतों से टूटा दुखों का पहाड़

Fri, 22 May 2026 10:54 AM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 22 May 2026 10:54 AM IST
सार

भवाली हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया और मृतक के घर लोगों की भीड़ जुट गई।

विज्ञापन
Four members of a family died in the Bhawali accident
सेनिटोरियम-रातीघाट बाईपास पर हुए सड़क हादसे के बाद रोते बिलखते परिजनों को संभालते लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

 नैनीताल जिले के भवाली में बृहस्पतिवार को हुए एक सड़क हादसे से खटीमा के अमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे में अमाऊं निवासी भूपेंद्र सिंह चुफाल, उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चों की असमय मौत की सूचना से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते अमाऊं स्थित उनके सूने घर के बाहर पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध है।

विज्ञापन

मां-बाप का इकलौता चिराग थे भूपेंद्र, लखनऊ में रहता था परिवार

स्थानीय लोगों ने रूंधे गले से बताया कि मूल रूप से नाचनी (पिथौरागढ़) का रहने वाला यह चुफाल परिवार 35 वर्ष पहले खटीमा के अमाऊं में आकर बस गया था। मृतक भूपेंद्र सिंह चुफाल अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। भूपेंद्र ने अपनी उच्च शिक्षा बनारस से पूरी की थी और वर्तमान में वह पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल, बेटे वासु और बेटी रावी के साथ लखनऊ में रहते थे। भूपेंद्र की दो बहनें उमा और कमला हैं जिनकी शादी हो चुकी है।

विज्ञापन

सूने घर में मां का इंतजार कर रहा था काल

भूपेंद्र की बुजुर्ग मां तुलसी देवी अमाऊं स्थित इसी मकान में अकेली रहती हैं। करीब एक महीना पहले उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद देखभाल के लिए उन्हें नोएडा में रह रही उनकी बेटी उमा के घर भेज दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मोहल्ले वालों ने बताया कि भूपेंद्र अपनी मां से बेपनाह प्रेम करते थे और तीन महीने पहले ही वह मां का हालचाल जानने और उनसे मिलने खटीमा आए थे। लेकिन किसे पता था कि उनकी मां के साथ वह आखिरी मुलाकात होगी।

ममता पर वज्रपात... नोएडा से रोती-बिलखती लौट रही हैं मां

एक हादसे में अपना इकलौता बेटा, बहू और दो मासूम पोता-पोती खो देने वाली मां तुलसी देवी पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। नोएडा में रह रहीं तुलसी देवी को जैसे ही फोन पर इस अनहोनी की खबर मिली, वह सुध-बुध खो बैठीं। बदहवास हालत में वह नोएडा से खटीमा के लिए रवाना हो चुकी हैं। घर के बाहर खड़ीं रोती-बिलखती पड़ोस की महिलाओं की आंखें भी इस बूढ़ी मां के दर्द को सोचकर नम हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed