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प्रयोगशाला से खेतों की बजाय खेतों से प्रयोगशाला की ओर हो कृषि अध्ययन
अमर उजाला ब्यूरो पंतनगर।
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:30 AM IST
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पंतनगर विवि के कार्यक्रम में संबोधित करते कृषि वैज्ञानिक देवेंद्र शर्मा।
- फोटो : Amar ujala
पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के मौके पर विख्यात कृषि विश्लेषक देवेंद्र शर्मा ने कहा कि देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक और देश में 60 से अधिक कृषि विश्वविद्यालय होने के बाद भी किसान की सालाना आय प्रति वर्ष औसतन 50 से 60 हजार रुपये है। किसान आत्महत्या की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में पूरे कृषि शोध को परिवर्तित करने की जरूरत है। मौजूदा स्थिति में कृषि अध्ययन प्रयोगशाला से खेतों की बजाय खेतों से प्रयोगशाला की ओर होना चाहिए।
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शनिवार को गांधी हाल में हुए समारोह में मुख्य अतिथि देवेंद्र शर्मा ने कहा कि 1970 से 2015 के बीच पिछले 45 साल में गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 76 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 1450 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा है। इसमें 19 गुना वृद्धि हुई है। एक सरकारी कर्मचारी के वेतन एवं डीए में 120 से 150 गुना, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों के वेतन और डीए में 150 से 170 गुना और शिक्षकों के वेतन और डीए में 280 से 320 गुना वृद्धि हुई है। ऐसे में किसान को गेहूं का एमएसपी यदि 100 गुना भी दिया जाए तो उसे वर्ष 2015 में करीब 7600 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था।
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उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि उन्हें किसान की आवाज बनना चाहिए नहीं तो समय आने पर किसान भी उनका साथ छोड़ देंगे। इस मौके पर कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि पलायन रोकने के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाए जाने की जरूरत है ताकि लोग पलायन न करें। यहां की फसलों पर ध्यान न देकर उन पर विज्ञान थोपा जा रहा है, जिससे फसलों के उत्पादन में समस्या हो रही है। उन्होंने वैज्ञानिकों से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वयं जाकर वहां की स्थिति को समझने और शोध किए जाने पर जोर दिया।
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इस मौके पर डॉ. ध्यान पाल सिंह मेमोरियल एक्सिलेंस अवार्ड गृह विज्ञान महाविद्यालय की प्रियंका गिनवाल को दिया गया। अमित गौतम मेमोरियल अवार्ड प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के पीयूष चौहान को दिया गया। मेरिट स्कालरशिप फॉर एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग स्टूडेंट 2017-18 प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के दीपक त्रिपाठी और अंबुज को दी गई।
वरुण पंवार मेमोरियल अवार्ड कृषि महाविद्यालय के चार विद्यार्थियों, शुभम मुरड़िया, कायनात, श्रेया परिहार एवं रुचि नेगी को दिया गया। वहां पर कुलसचिव डॉ. एपी शर्मा, विभागाध्यक्ष कृषि संचार विभाग डॉ. एसके कश्यप आदि थे।