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शिशु की तस्करी से पहले बुलंदशहर से गिरफ्तार हुई विदेशी महिला
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रुद्रपुर पुलिस कार्यालय में मां की गोद में नवजात प्रतीक। संवाद
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। पुलभट्टा क्षेत्र के गांव सुतईया से तीन माह के शिशु का अपहरण करने वाली विदेशी महिला का पर्दाफाश हो गया है। शिशु के अपहरण के बाद वह उसकी तस्करी की फिराक में थी लेकिन पुलिस ने उसे बुलंदशहर में दबोच लिया। महिला मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी है। मामले में साथ देने के आरोप में महिला के पति को भी गिरफ्तार किया गया है।
बीते मंगलवार की शाम को पुलभट्टा के गांव सुतईया निवासी प्रेमचंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके तीन माह के शिशु प्रतीक को घर में रहने वाली ज्योति उर्फ नैना अपने साथ ले गई है। एसएसपी ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर कई टीमें गठित की। पुलिस ने करीब 24 घंटे तक मामले की छानबीन कर शिशु को बुलंदशहर के अनूपशहर से बरामद कर लिया है। घटना में शामिल महिला के पति सूरज को भी गिरफ्तार किया गया है।
इधर शिशु को सकुशल पाकर उसके परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। एसएसपी ने बताया कि महिला से पूछताछ अभी जारी है। इसके बाद इनके खिलाफ मानव तस्करी की धाराएं भी तामील की जाएंगी। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
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अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी बाजार से संबंध
रुद्रपुर। तीन माह के शिशु का अपहरण करने वाली महिला ज्योति उर्फ नैना मूलरूप से बांग्लादेश की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार ज्योति कई वर्ष पहले बांग्लादेश से अपने मामा के घर बंगाल आ गई थी। पुलिस को आशंका है कि ज्योति के अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर बाजार से संबंध हैं और वह शिशु को कोलकाता में किसी को बेचने के लिए अपहरण कर ले गई थी। अहम सवाल यह उठ रहा है कि कोलकाता से शिशु को कहां ले जाया जाता। पुलिस का कहना है कि अभी ज्योति से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी मामले की जांच कराई जाएगी।
अपहरण करने वाली ज्योति ने की छह शादियां
रुद्रपुर। मामले का खुलासा करने के दौरान एसएसपी ने बताया कि ज्योति का पहला विवाह बिहार निवासी चेतू के साथ हुआ था। इसके एक वर्ष बाद वह वहां से पृथ्वीपुर बहेड़ी निवासी एक ट्रक चालक के साथ उसके गांव आ गई थी। यहां ट्रक चालक व उसकी पत्नी ने मिलकर ज्योति का दूसरा विवाह पृथ्वीपुर बहेड़ी निवासी डोरीलाल से करा दिया था। करीब 10 वर्ष तक डोरीलाल के साथ रहने के बाद ज्योति वहां से फरार हो गई जबकि इस दौरान ज्योति के तीन बच्चे भी हुए।
वहां से फरार होने के बाद ज्योति ने गांव भंगा निवासी महेश से शादी कर ली। महेश के साथ तीन वर्ष तक रहने के बाद ज्योति ने भंगा निवासी सावेज उर्फ बबलू से शादी की। हालांकि इसके बाद ज्योति ने अपना नाम बदलकर हिना रख लिया। सावेज को छोड़ने के बाद ज्योति ने किच्छा निवासी जुल्फिकार के शादी रचा ली। इसके करीब एक वर्ष बाद उसने राजूनगला निवासी सूरज से शादी की। हालांकि सूरज से शादी करने के बाद वह अनूपशहर जिला बुलंदशहर चली गई थी लेकिन करीब दो माह पहले वह फिर से किच्छा क्षेत्र में आकर सक्रिय हो गई थी।
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बीते मंगलवार की शाम को पुलभट्टा के गांव सुतईया निवासी प्रेमचंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके तीन माह के शिशु प्रतीक को घर में रहने वाली ज्योति उर्फ नैना अपने साथ ले गई है। एसएसपी ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर कई टीमें गठित की। पुलिस ने करीब 24 घंटे तक मामले की छानबीन कर शिशु को बुलंदशहर के अनूपशहर से बरामद कर लिया है। घटना में शामिल महिला के पति सूरज को भी गिरफ्तार किया गया है।
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इधर शिशु को सकुशल पाकर उसके परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। एसएसपी ने बताया कि महिला से पूछताछ अभी जारी है। इसके बाद इनके खिलाफ मानव तस्करी की धाराएं भी तामील की जाएंगी। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
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अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी बाजार से संबंध
रुद्रपुर। तीन माह के शिशु का अपहरण करने वाली महिला ज्योति उर्फ नैना मूलरूप से बांग्लादेश की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार ज्योति कई वर्ष पहले बांग्लादेश से अपने मामा के घर बंगाल आ गई थी। पुलिस को आशंका है कि ज्योति के अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर बाजार से संबंध हैं और वह शिशु को कोलकाता में किसी को बेचने के लिए अपहरण कर ले गई थी। अहम सवाल यह उठ रहा है कि कोलकाता से शिशु को कहां ले जाया जाता। पुलिस का कहना है कि अभी ज्योति से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी मामले की जांच कराई जाएगी।
अपहरण करने वाली ज्योति ने की छह शादियां
रुद्रपुर। मामले का खुलासा करने के दौरान एसएसपी ने बताया कि ज्योति का पहला विवाह बिहार निवासी चेतू के साथ हुआ था। इसके एक वर्ष बाद वह वहां से पृथ्वीपुर बहेड़ी निवासी एक ट्रक चालक के साथ उसके गांव आ गई थी। यहां ट्रक चालक व उसकी पत्नी ने मिलकर ज्योति का दूसरा विवाह पृथ्वीपुर बहेड़ी निवासी डोरीलाल से करा दिया था। करीब 10 वर्ष तक डोरीलाल के साथ रहने के बाद ज्योति वहां से फरार हो गई जबकि इस दौरान ज्योति के तीन बच्चे भी हुए।
वहां से फरार होने के बाद ज्योति ने गांव भंगा निवासी महेश से शादी कर ली। महेश के साथ तीन वर्ष तक रहने के बाद ज्योति ने भंगा निवासी सावेज उर्फ बबलू से शादी की। हालांकि इसके बाद ज्योति ने अपना नाम बदलकर हिना रख लिया। सावेज को छोड़ने के बाद ज्योति ने किच्छा निवासी जुल्फिकार के शादी रचा ली। इसके करीब एक वर्ष बाद उसने राजूनगला निवासी सूरज से शादी की। हालांकि सूरज से शादी करने के बाद वह अनूपशहर जिला बुलंदशहर चली गई थी लेकिन करीब दो माह पहले वह फिर से किच्छा क्षेत्र में आकर सक्रिय हो गई थी।