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नसबंदी के पांच साल बाद महिला ने जन्मा शिशु, हड़कंप मचा
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बाजपुर। गांव खंबारी निवासी रजनी ने पांच साल पहले नसबंदी करवाई थी। उसने हाल ही में एक बेटे को जन्म दिया है। इसकी शिकायत पर शनिवार को जांच कमेटी ने सीएचसी पहुंचकर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए।
आरोप है कि काशीपुर एलडी भट्ट अस्पताल की ओर से बाजपुर सीएचसी में 24 अप्रैल 2014 को नसबंदी शिविर लगा था। इसमें गांव खंबारी निवासी ओमप्रकाश की पत्नी रजनी ने नसबंदी कराई थी। रजनी ने इसी साल करीब साढ़े पांच महीने पहले एक शिशु को जन्म दिया।
ओमप्रकाश ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की। आयोग के निर्देश पर सीएमओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की। शनिवार को जांच कमेटी की सदस्य डॉक्टर तनुजा, डॉ. नीरज सक्सेना और डॉ. गगनदीप मिश्रा ने बाजपुर सीएचसी पहुंचकर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए। टीम ने बताया कि रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी।
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ओमप्रकाश ने बताया कि नसबंदी कराने से पहले उसके दो बेटे और एक बेटी है। उसने प्रदेश सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है। बाजपुर में पहले भी इस प्रकार का एक मामला सामने आ चुका है।
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आरोप है कि काशीपुर एलडी भट्ट अस्पताल की ओर से बाजपुर सीएचसी में 24 अप्रैल 2014 को नसबंदी शिविर लगा था। इसमें गांव खंबारी निवासी ओमप्रकाश की पत्नी रजनी ने नसबंदी कराई थी। रजनी ने इसी साल करीब साढ़े पांच महीने पहले एक शिशु को जन्म दिया।
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ओमप्रकाश ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की। आयोग के निर्देश पर सीएमओ ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित की। शनिवार को जांच कमेटी की सदस्य डॉक्टर तनुजा, डॉ. नीरज सक्सेना और डॉ. गगनदीप मिश्रा ने बाजपुर सीएचसी पहुंचकर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए। टीम ने बताया कि रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी।
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ओमप्रकाश ने बताया कि नसबंदी कराने से पहले उसके दो बेटे और एक बेटी है। उसने प्रदेश सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है। बाजपुर में पहले भी इस प्रकार का एक मामला सामने आ चुका है।