फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Five Year Jail Term

Udham Singh Nagar News: परिवहन विभाग के पूर्व क्लर्क सहित पांच दोषियों को पांच साल की सजा

Fri, 12 May 2023 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Fri, 12 May 2023 12:13 AM IST
विज्ञापन
Five Year Jail Term
न्यायालय ने लगाया 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड
विज्ञापन

चार आरोपी हुए दोषमुक्त और दो की हो चुकी है मृत्यु
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। फर्जी दस्तावेजों से फाइनेंस कंपनी से वाहन फाइनेंस कराकर बेचने के साढ़े 15 साल पुराने मामले में एसीजेएम/सीनियर सिविल जज ने पांच दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर 55000-55000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस मामले में चार लोगों को दोषमुक्त किया है जबकि दो की मृत्यु हो चुकी है। एक अभियुक्त की पत्रावली की अलग की गई है। सजा पाने वालों में एक परिवहन विभाग में क्लर्क रह चुका है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार छह सितंबर 2007 को एसटीएफ के निरीक्षक हरीश कुमार मेहरा की अगुवाई में टीम ने फाइनेंस कंपनी को फर्जी दस्तावेजों से चूना लगाने वाले गिरोह की सूचना पर किच्छा में शैल कम्यूनिकेशन में दबिश दी थी। टीम ने अनिल उर्फ बॉबी और गुरप्रीत सिंह से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि वे बुकिंग पर गाड़ियां देने के साथ ही फाइनेंस कंपनी में दलाल का काम करते हैं। वे गलत नाम पते पर फाइनेंस कंपनियों से गाड़ी फाइनेंस कराकर फार्म नंबर 21 फर्जी बनाकर गाड़ियां दूसरों को बेच देते हैं।
विज्ञापन

गलत नाम पता होने के कारण फाइनेंस कंपनी की किस्त बचा लेते हैं। इस कार्य में मुरादाबाद का संजय, गाजियाबाद का विक्की त्यागी उर्फ विट्टू त्यागी, बिजनौर का बब्बन, सियौरा बिलासपुर का लाडी, बदायूं का सीटू, रुद्रपुर के कपिल अरोरा, विक्रम, विकान्त, एआरटीओ कार्यालय रुद्रपुर का दलाल हेमू यादव और वहां तैनात क्लर्क गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू भी उनको मदद करते हैं। टीम ने कपिल अरोरा निवासी मीरा मार्ग गली मेल मार्केट रुद्रपुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी कागजों से आईसीआईआई बैंक गाजियाबाद और महेंद्र एंड महेंद्रा फाइनेंस कंपनी रुद्रपुर से फाइनेंस कराई स्टीम, इंडिका और स्कोडा कार को बरामद किया। पुलिस ने अनिल शैली, सिमरनजीत सिंह, विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, हेमू यादव, कपिल अरोरा, बब्बन, गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू, सीटू उर्फ दीपक खन्ना, समीर अहमद, विक्रांत, पुनीत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की सुनवाई एसीजेएम /सीनियर सिविल जज श्वेता पांडेय की अदालत में हुई। एक अभियुक्त विक्रांत सिंह की पत्रावली 17 मार्च 2023 को न्यायालय ने अलग कर दी थी। दो आरोपी दीपक खन्ना और समीर अहमद की मृत्यु हो गई थी। सहायक अभियोजन अधिकारी दलीप कुमार ने 14 गवाहों और साक्ष्यों को न्यायालय में पेश कर पांच अभियुक्तों अनिल उर्फ बॉबी, गुरप्रीत सिंह, हेमू यादव, कपिल अरोरा, गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू पर आईपीसी की धारा 420, 467,468,471,406,120 बी के तहत दोषसिद्ध कर दिया।


पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका है गुरजीत सिंह
रुद्रपुर। फाइनेंस कंपनी को चूना लगाने के मामले में सजा पाने वाला गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू रुद्रपुर डिग्री कॉलेज का छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका है। इसके साथ ही उसने समाजवादी पार्टी से नैनीताल लोकसभा का चुनाव लड़ा था। राज्य आंदोलनकारी कोटे से उसे एआरटीओ कार्यालय में क्लर्क पद पर नियुक्ति मिली थी। लेकिन वह फर्जीवाड़ा गिरोह में शामिल हो गया। बताया जा रहा है कि इसी वजह से उसे नौकरी छोड़नी पड़ी थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed