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Udham Singh Nagar News: अनाथ हो गए पांच भाई-बहन... टूटी झोपड़ी में रोती जिंदगी, बुजुर्ग नानी के आंसुओं का सहारा

Sat, 16 May 2026 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sat, 16 May 2026 11:57 PM IST
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Five Siblings Left Orphaned... A Life Weeping in a Dilapidated Hut, Sustained Only by the Tears of Their Elderly Grandmother.
बाजपुर। बाजपुर से एक बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है जहां माता-पिता की असमय मृत्यु के बाद एक बालिग और चार मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। तहसील के गांव रड़पुरी में यह पीड़ित परिवार इस भीषण गर्मी में एक टूटी हुई झोपड़ी में गुजर-बसर करने के लिए मजबूर है। फिलहाल, इन बच्चों के भरण पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी बुजुर्ग नानी के कंधों पर आ टिकी है।
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ग्राम पंचायत हजीरा के रड़पुरी गांव निवासी जनजाति बुक्सा समुदाय के जगदीश और उनकी पत्नी सुमन मेहनत-मजदूरी कर अपने पांच बच्चों सोनम (19), गौरी (14), पलक (12), ताशू (9) और बेटा अंकुश (6) का पालन-पोषण कर रहे थे। चार साल पहले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा और लंबी बीमारी के चलते मां सुमन का निधन हो गया।
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पत्नी की मौत के बाद भी जगदीश ने हिम्मत नहीं हारी और मजदूरी कर बच्चों की परवरिश करते रहे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इसी महीने की एक मई 2026 को पिता जगदीश का भी आकस्मिक निधन हो गया। पिता का साया सिर से उठते ही पांचों बच्चों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है।
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आर्थिक तंगी से छूटी पढ़ाई, नानी बनीं सहारा
जगदीश का परिवार अंत्योदय (बीपीएल) श्रेणी में आता है लेकिन विडंबना यह है कि शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते इन्हें आज तक एक भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। माता-पिता की मौत के बाद बच्चों की बुजुर्ग नानी सुंदर देवी ने इस संकट की घड़ी में मोर्चा संभाला। वे खुद मजदूरी कर बच्चों के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर रही हैं। आर्थिक तंगी का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ा है। बड़ी बेटियों की पढ़ाई बंद हो चुकी है जबकि छोटे बच्चे गांव के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं।

प्रशासनिक अमला पहुंचा झोपड़ी, जगी उम्मीद की किरण
मामले की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की टीम ने बीते बृहस्पतिवार को गांव रड़पुरी पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान बीडीओ शेखर जोशी, समाज कल्याण अधिकारी नगमा, ग्राम विकास अधिकारी सुमित कुमार, अवर अभियंता शाकिर और भाजपा पदाधिकारियों ने बच्चों का मौके पर ही व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता प्रदान की।
अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर परिवार की जानकारी ली है। पीड़ित परिवार की स्थिति दयनीय है। बच्चों को छत मुहैया कराने के लिए अटल आवास योजना और स्वजल परियोजना के तहत शौचालय निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश मातहतों को दिए हैं। - शेखर जोशी, बीडीओ, बाजपुर


- सबसे बड़ी बेटी सोनम की आगे की पढ़ाई एनआईओएस के माध्यम से कराई जाएगी। बाकी छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए बाल कल्याण समिति से संपर्क किया जा रहा है। सरकार की सभी योजनाओं का लाभ इस परिवार तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाएगा। - महेंद्र सिंह, सदस्य, राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति अनुश्रवण समिति
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