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जंगल में धधकी आग, 13 मिनट में बुझाई

Thu, 20 Apr 2017 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Thu, 20 Apr 2017 11:58 PM IST
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 Fires in the jungle, burst in 13 minutes
मॉकड्रिल के दौरान आग बुझाते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

जंगल में अचानक आग लगने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासनिक अमले में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद एसडीएम, एएसपी समेत वनाधिकारी जंगल पहुंच गए। फायर बिग्रेड, पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। आग से चार लोग झुलस गए। 12 लोगों को आग से सकुशल बाहर निकाला गया। यह पूरी कार्रवाई वनों को आग से बचाने के लिए एक मॉकड्रिल थी।

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बृहस्पतिवार को वनाग्नि को रोकने के लिए अधिकारियों ने मॉकड्रिल किया। इसके तहत जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की टीम ने जंगल में लगी आग बुझाई। स्टेडियम में रिलीफ कैंप बनाया गया था। जिला हेडक्वाटर से वायरलेस पर स्टेजिंग एरिया कमांडर दयानंद सरस्वती को सूचना मिली की हल्दुआ बीट में ग्राम गोपीपुरा वार्ड दो के जंगल में भयानक आग लगी है। कमांडर ने जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की टॉस्क फोर्स टीम को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 
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इसके बाद फायर बिग्रेड के दो वाहन, सरकारी अस्पताल की दो एंबुलेंस, एक जेसीबी समेत राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, पूर्ति विभाग की टीमें जंगल की ओर निकल पड़ी। टीम के लोगों ने बिना मौका गवाएं आग बुझाने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान दो किसान झुलस गए, जबकि दो वन कर्मी घायल हो गए, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। 
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टीम ने 12 लोगों को सकुशल बाहर निकाला गया। मॉकड्रिल में विभिन्न विभागों के 65 कर्मचारियों ने भाग लिया। वहां डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल, एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, तहसीलदार संजय कुमार, एसएसआई लाखन सिंह, टास्क फोर्स के हैड कलम सिंह, पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश शर्मा, विद्युत विभाग के ईई विवेक कांडपाल आदि थे। 


स्वास्थ्य विभाग की नहीं थी पूरी तैयारी
मॉकड्रिल के तहत जहां सभी कर्मचारियों ने अपना-अपना काम ठीक ढंग से किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों में कमी दिखाई दी। हालांकि दो एंबुलेंस समेत कर्मचारी तो पर्याप्त थे, लेकिन टीम के पास स्ट्रेचर की कमी थी। इसके अलावा राहत कैंप में बर्न वार्ड नहीं था। जबकि आग की घटना में झुलसे मरीजों को बर्न वार्ड में अलग रखा जाता है।

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