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किशोरी से छेड़छाड़ करने के आरोप में फैक्टरी मालिक गिरफ्तार जांच के बाद सीओ के निर्द

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 11:51 PM IST
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FIR For Pocso Act in Kashipur
काशीपुर। बल्ब बनाने की फैक्टरी में काम करने वाली किशोरी ने फैक्टरी मालिक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। सीओ के निर्देश पर आईटीआई थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर आरोपी फैक्टरी स्वामी को गिरफ्तार कर लिया।
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बाजपुर रोड स्थित औद्योगिक संस्थान में आलोक अग्रवाल की जगन फैक्टरी है। इसमें बल्ब बनाने का काम होता है। सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि इस फैक्टरी में कई किशोरियां भी काम करतीं हैं। एक किशोरी ने सोमवार को आईटीआई थाने में तहरीर देकर फैक्टरी स्वामी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
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मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने स्वयं जांच की तो प्रथम दृष्टया आरोप सही पाया गया। पीड़िता ने बताया कि आलोक पहले भी उसके साथ छेड़छाड़ कर चुका है। पुलिस ने फैक्टरी में काम करने वाली अन्य महिलाओं से भी जानकारी जुटाई। सीओ वर्मा ने बताया कि आईटीआई थाने में छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में नामजद केस दर्ज कर आरोपी आलोक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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बल्ब फैक्टरी में रात में काम कर रहीं किशोरियां, श्रम विभाग बेखबर
काशीपुर। एक किशोरी की ओर से फैक्टरी मालिक पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कराने से औद्योगिक आस्थान में लगी बल्ब फैक्टरी विवादों में आ गई है। पुलिस जांच में फैक्टरी में कई और किशोरियों के रात की पाली में काम करने की सूचना मिली है लेकिन श्रम विभाग फैक्टरी की गतिविधियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहा है।
बाजपुर रोड स्थित एक आवासीय कॉलोनी में रहने वाले आलोक अग्रवाल ने बल्ब फैक्टरी लगाई है। इसमें अधिकतर महिला कर्मचारी हैं। इनमें किशोरियां भी शामिल हैं। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि रात आठ बजे से सुबह आठ बजे वाली रात की पाली में भी महिलाएं ही काम करतीं हैं। फैक्टरी में श्रमिकों के ईएसआई, पीएफ आदि के लिए भी अक्सर श्रम विभाग के कार्यालय में विवाद पहुंचते रहते हैं।

फैक्टरी मालिक के खिलाफ लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद भी श्रम विभाग के अधिकारियों ने कभी भी कार्यस्थल की जांच नहीं की। अगर श्रम विभाग के अधिकारी फैक्टरी का निरीक्षण करते तो बाल श्रम और मालिक की हरकतों पर अंकुश लग सकता था। बाल श्रम की जानकारी लेने के लिए श्रम निरीक्षक एचआर आर्य का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नही किया। हालांकि सीओ वंदना वर्मा ने कार्रवाई करने की बात कही है।
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