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जायज मूल्य के लिए आमरण अनशन पर बैठे किसान
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:21 AM IST
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : amar ujala
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धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य और अवैध कटौतियों के खिलाफ किसानों ने आरपार की लड़ाई शुरू करते हुए मंगलवार से आमरण शुरू कर दिया। रुद्रपुर गल्ला मंडी में धरने पर बैठे किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। धान की आवक न होने से रुद्रपुर गल्ला मंडी में दिनभर सन्नाटा छाया रहा।
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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए चल रहे धरने के पांचवें दिन बिरिया भूड़ सितारगंज के 77 वर्षीय किसान त्रिलोचन सिंह आमरण अनशन पर बैठे। किसानों ने कहा कि देश को खाद्यान्न देने वाले अन्नदाता को अपनी जायज मांगों के लिए भी आमरण अनशन करना पड़ रहा है।
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किसानों की गाढ़ी कमाई के रुपये से बिचौलिये और मुनाफाखोर विदेशों की सैर कर रहे हैं। सरकार की ओर से घोषित 1750 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने के बावजूद मुुनाफाखोर इसे लागू नहीं होने दे रहे हैं। मजबूरी में किसानों को 1200 रुपये क्विंटल तक में धान बेचना पड़ रहा है। किसान इतने दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आज तक भी किसी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी ने उनकी सुध लेने नहीं आ रहा है।
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तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क और भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को किसान की समस्या से कोई लेना देना नही रह गया है। इस दौरान साहब सिंह विर्क, जसवीर सिंह, प्रशांत राणा, गुरजीत, दर्शन सिंह, दीप नारायण मौर्या, सुखदेव सिंह, अमनदीप सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।