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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया हाइवे जाम
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खटीमा के भगचुरी धान क्रय केंद्र पर धरना देते किसान।
- फोटो : KHATIMA
कृषि कानूनों के खिलाफ बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों के खिलाफ बताते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की। तीनों कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में तराई किसान संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान अंबावता गुट और सिख संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसान एकत्रित हुए। सभा को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में कॉरपोरेट के लिए रास्ता तैयार कर रही है। धान और गेहूं का मुनाफा आढ़ती और बिचौलिए डकार रहे हैं। किसानों को फसल का एमएसपी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसके बाद जुलूस की शक्ल में किसान एचएन-74 पर पहुंचे। इसके बाद नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। विरोध को देखते हुए गल्ला मंडी और हाईवे पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया।
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जाम के दौरान काशीपुर और किच्छा की ओर से आ रहे वाहनों को बाईपास से भेजा गया। वहां पर तजिंदर सिंह विर्क, जगदीश सिंह, गणेश उपाध्याय, इकबाल सिंह, संतोख सिंह, नरेंद्रजीत संधू, त्रिलोचन सिंह , सलविंदर सिंह, प्रमोद शर्मा, बलविंदर सिंह, अंकुर राय, कर्नल आरपी सिंह, जगरूप सिंह, अमनदीप सिंह, कुंवरपाल दहिया, सुधीर साही, अरुण पांडेय आदि थे।
कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
रुद्रपुर। युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कृषि कानूनों विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। कहा कि दो करोड़ किसानों और कृषि कामगारों के हस्ताक्षर के बाद 19 नवंबर को राष्ट्रपति के समक्ष ज्ञापन दिया जाएगा। वहां पर युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा, अभिजीत पाठक, विजय मंडल, बंटी मंडल, छोटेलाल गंगवार, सुनील पाल, राजू वाल्मीकि आदि थे।
भगचुरी में धान खरीद न होने गुस्साए किसानों का धरना
खटीमा/सितारगंज/नानकमत्ता। भगचुरी में धान क्रय केंद्र में एक सप्ताह से खरीद बंद होने से किसानों में आक्रोश है। खरीद की मांग को लेकर किसानों ने धरना दिया। किसानों ने अभी तक खरीदे गए धान का भुगतान भी नहीं मिलने का आरोप लगाया। भाजपा ब्लॉक उपाध्यक्ष सोमनाथ मौर्य के नेतृत्व में धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि सेंटर पर अभी मात्र 60 क्विंटल धान खरीदा गया है। सेंटर पर धान लदी 12 ट्रालियां खड़ी हैं। वहां पर रवींद्र राणा, अजय मौर्य, राजेंद्र राणा, ओमप्रकाश सिद्धू, फूलवती, अर्जुन सिंह, ज्ञान सिंह आदि थे।
इधर, नौगवाठग्गू स्थित धान क्रय केंद्र बंद होने पर किसानों ने कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख सत्यप्रकाश राणा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इधर, सितारगंज में बृहस्पतिवार को किसानों ने मंडी परिसर में धरना शुरू कर दिया। कहा कि करीब एक सप्ताह से वह मंडी परिसर में धान से भरी ट्रॉलियां लिए खड़े हैं। अगली फसल बोने के लिए किसानों को तैयारी करनी हैं। आरोप लगाया कुछ राइस मिलर्स मंडी में किसानों का धान न खरीदते हुए बाहर से 6-आर काटकर कम दामों पर धान खरीद रहे हैं। उन्होंने एसडीएम मुक्ता मिश्र को इस संबंध में ज्ञापन दिया। वहां गुरसाहब सिंह गिल, अनीस, करतार सिंह, निरवैल सिंह, सुखदेव सिंह, बलवंत सिंह, खालिद खान, चरनदीप सिंह, स्वरूप सिंह आदि थे।
इधर, नानकमत्ता में किसानों का धान खरीदे बगैर ही नेफैड के धान खरीद केंद्र का लक्ष्य पूरा होने से किसानों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को किसान नेता आनंद सिंह राणा के नेतृत्व में ग्राम बिचुवा, बिचई और टुकड़ी के किसानों ने बिचुवा गांव में लगे नेफेड के धान क्रय केंद्र पर प्रदर्शन किया। कहा कि केंद्र पर 110 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 23 किसानों का ही धान खरीदा गया। 20 अक्तूबर को केंद्र प्रभारी ने खरीद शुरू की।
दो दिन तौल होने के बाद बारदाना न होने पर तौल बंद कर दी गई। 23 से लेकर 27 अक्तूबर बंद के दौरान करीब 600 क्विंटल प्रतिदिन की तौल केंद्र पर दर्शाई गई। आरोप है कि जब पंजीकृत किसानों का धान तौला ही नहीं गया तो केंद्र के दस हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा किया गया। वहां सतनाम सिंह, उमेदी सिंह, शंकर सिंह, दिनेश सिंह, प्रेम सिंह, दयाल सिंह, अरविंद सिंह आदि थे।
धान का बकाया भुगतान और पेराई सत्र शुरू करने की मांग
जसपुर। भाकियू के सदस्यों ने एसडीएम सुंदर सिंह को ज्ञापन देकर धान के मूल्य का भुगतान और नादेही चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सीएस इमलाल से पेराई सत्र जल्द शुरू कराए जाने की मांग की। कहा कि धान का भुगतान न मिलने के कारण किसान अपनी बैंक लिमिट रिन्यू नहीं करा पा रहे हैं। वहां पर प्रेम सिंह सहोता, मुख्तार सिंह, दीदार सिंह, जागीर सिंह, अरुण शर्मा, जनरैल सिंह, राजीव चौधरी, देवेंद्र सिंह, जयपाल सिंह, बलविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह आदि थे। संवाद
गैर राजस्व गांव के किसानों का धान भी बिकेगा क्रय केंद्रों पर
जसपुर। गैर राजस्व गांव के किसानों की धान की फसल भी अब क्रय केंद्रों पर खरीदी जाएगी। अनुसचिव जसविंदर कौर ने आयुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग को भेजे पत्र में कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय रुहेला ने सीएम को अवगत कराया था कि जसपुर क्षेत्र में बहुत से ऐसे किसान हैं जिनके पास अपनी जमीनों की खसरा खतौनी नहीं है। इस कारण उनके धान की फसल को धान क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा है। इसलिए इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। उधर, विनय रुहेला ने बताया कि जसपुर क्षेत्र के तीरथ नगर ,भोगपुर आदि गांव के किसानों के पास उनकी भूमि की खसरा खतौनी नहीं है। सीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए हैं। संवाद
धान की कुल खरीद 63 लाख क्विंटल पहुंची
रुद्रपुर/बाजपुर। जिले में धान की रिकॉर्ड खरीद का सिलसिला जारी है। कच्चा आढ़तियों के माध्यम से अब तक 43 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। सरकारी क्रय केंद्रों में अब तक 20 लाख, 90 हजार, 732 क्विंटल खरीद हुई है।
बृहस्पतिवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी और बिगवाड़ा स्थित मंडी समिति में कच्चा आढ़तियों के माध्यम से करीब आठ से नौ हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। बिगवाड़ा क्रय केंद्र और फुलसुंगा सरकारी क्रय केंद्रों पर करीब एक हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। टीवीएस के कांटे पर 278 क्विंटल खरीद हुई। हालांकि दूसरे दिन भी केंद्र पर बारदाने का संकट रहा। धान मिलों से लाए गए बोरों में किसानों का धान भरा गया। गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर धान खरीद शून्य रही। इधर, बाजपुर में एडीओ गंगा सिंह पिपलिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को सहकारिता के 16 केंद्रों पर 85 किसानों से 6740 क्विंटल धान खरीदा गया। जबकि आरएफसी के दो केंद्रों पर 9 किसानों से 1750 क्विंटल धान खरीदा गया है। सहकारिता के केंद्रों पर खरीदा गया धान का करीब 35 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बकाया है। ब्यूरो/संवाद
धान खरीद में देरी से पिछड़ी गेहूं की बुवाई
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि धान खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों की गेहूं की बुवाई पिछड़ रही है। कहा कि जिले में व्यापारियों से धान में नमी की मात्रा अधिक बताकर वजन में काफी कटौती की जा रही है। इससे काश्तकारों को उनकी उपज का वाजिब दाम नही मिल पा रहा है। कहा कि धान में धूल एवं कंकड़ बताकर एक रुपये के स्थान पर तीन रुपये प्रति क्विंटल का चूना लगाया जा रहा है। संवाद
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में तराई किसान संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान अंबावता गुट और सिख संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसान एकत्रित हुए। सभा को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में कॉरपोरेट के लिए रास्ता तैयार कर रही है। धान और गेहूं का मुनाफा आढ़ती और बिचौलिए डकार रहे हैं। किसानों को फसल का एमएसपी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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इसके बाद जुलूस की शक्ल में किसान एचएन-74 पर पहुंचे। इसके बाद नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। विरोध को देखते हुए गल्ला मंडी और हाईवे पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया।
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जाम के दौरान काशीपुर और किच्छा की ओर से आ रहे वाहनों को बाईपास से भेजा गया। वहां पर तजिंदर सिंह विर्क, जगदीश सिंह, गणेश उपाध्याय, इकबाल सिंह, संतोख सिंह, नरेंद्रजीत संधू, त्रिलोचन सिंह , सलविंदर सिंह, प्रमोद शर्मा, बलविंदर सिंह, अंकुर राय, कर्नल आरपी सिंह, जगरूप सिंह, अमनदीप सिंह, कुंवरपाल दहिया, सुधीर साही, अरुण पांडेय आदि थे।
कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
रुद्रपुर। युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कृषि कानूनों विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। कहा कि दो करोड़ किसानों और कृषि कामगारों के हस्ताक्षर के बाद 19 नवंबर को राष्ट्रपति के समक्ष ज्ञापन दिया जाएगा। वहां पर युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा, अभिजीत पाठक, विजय मंडल, बंटी मंडल, छोटेलाल गंगवार, सुनील पाल, राजू वाल्मीकि आदि थे।
भगचुरी में धान खरीद न होने गुस्साए किसानों का धरना
खटीमा/सितारगंज/नानकमत्ता। भगचुरी में धान क्रय केंद्र में एक सप्ताह से खरीद बंद होने से किसानों में आक्रोश है। खरीद की मांग को लेकर किसानों ने धरना दिया। किसानों ने अभी तक खरीदे गए धान का भुगतान भी नहीं मिलने का आरोप लगाया। भाजपा ब्लॉक उपाध्यक्ष सोमनाथ मौर्य के नेतृत्व में धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि सेंटर पर अभी मात्र 60 क्विंटल धान खरीदा गया है। सेंटर पर धान लदी 12 ट्रालियां खड़ी हैं। वहां पर रवींद्र राणा, अजय मौर्य, राजेंद्र राणा, ओमप्रकाश सिद्धू, फूलवती, अर्जुन सिंह, ज्ञान सिंह आदि थे।
इधर, नौगवाठग्गू स्थित धान क्रय केंद्र बंद होने पर किसानों ने कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख सत्यप्रकाश राणा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इधर, सितारगंज में बृहस्पतिवार को किसानों ने मंडी परिसर में धरना शुरू कर दिया। कहा कि करीब एक सप्ताह से वह मंडी परिसर में धान से भरी ट्रॉलियां लिए खड़े हैं। अगली फसल बोने के लिए किसानों को तैयारी करनी हैं। आरोप लगाया कुछ राइस मिलर्स मंडी में किसानों का धान न खरीदते हुए बाहर से 6-आर काटकर कम दामों पर धान खरीद रहे हैं। उन्होंने एसडीएम मुक्ता मिश्र को इस संबंध में ज्ञापन दिया। वहां गुरसाहब सिंह गिल, अनीस, करतार सिंह, निरवैल सिंह, सुखदेव सिंह, बलवंत सिंह, खालिद खान, चरनदीप सिंह, स्वरूप सिंह आदि थे।
इधर, नानकमत्ता में किसानों का धान खरीदे बगैर ही नेफैड के धान खरीद केंद्र का लक्ष्य पूरा होने से किसानों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार को किसान नेता आनंद सिंह राणा के नेतृत्व में ग्राम बिचुवा, बिचई और टुकड़ी के किसानों ने बिचुवा गांव में लगे नेफेड के धान क्रय केंद्र पर प्रदर्शन किया। कहा कि केंद्र पर 110 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 23 किसानों का ही धान खरीदा गया। 20 अक्तूबर को केंद्र प्रभारी ने खरीद शुरू की।
दो दिन तौल होने के बाद बारदाना न होने पर तौल बंद कर दी गई। 23 से लेकर 27 अक्तूबर बंद के दौरान करीब 600 क्विंटल प्रतिदिन की तौल केंद्र पर दर्शाई गई। आरोप है कि जब पंजीकृत किसानों का धान तौला ही नहीं गया तो केंद्र के दस हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा किया गया। वहां सतनाम सिंह, उमेदी सिंह, शंकर सिंह, दिनेश सिंह, प्रेम सिंह, दयाल सिंह, अरविंद सिंह आदि थे।
धान का बकाया भुगतान और पेराई सत्र शुरू करने की मांग
जसपुर। भाकियू के सदस्यों ने एसडीएम सुंदर सिंह को ज्ञापन देकर धान के मूल्य का भुगतान और नादेही चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक सीएस इमलाल से पेराई सत्र जल्द शुरू कराए जाने की मांग की। कहा कि धान का भुगतान न मिलने के कारण किसान अपनी बैंक लिमिट रिन्यू नहीं करा पा रहे हैं। वहां पर प्रेम सिंह सहोता, मुख्तार सिंह, दीदार सिंह, जागीर सिंह, अरुण शर्मा, जनरैल सिंह, राजीव चौधरी, देवेंद्र सिंह, जयपाल सिंह, बलविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह आदि थे। संवाद
गैर राजस्व गांव के किसानों का धान भी बिकेगा क्रय केंद्रों पर
जसपुर। गैर राजस्व गांव के किसानों की धान की फसल भी अब क्रय केंद्रों पर खरीदी जाएगी। अनुसचिव जसविंदर कौर ने आयुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग को भेजे पत्र में कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय रुहेला ने सीएम को अवगत कराया था कि जसपुर क्षेत्र में बहुत से ऐसे किसान हैं जिनके पास अपनी जमीनों की खसरा खतौनी नहीं है। इस कारण उनके धान की फसल को धान क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जा रहा है। इसलिए इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। उधर, विनय रुहेला ने बताया कि जसपुर क्षेत्र के तीरथ नगर ,भोगपुर आदि गांव के किसानों के पास उनकी भूमि की खसरा खतौनी नहीं है। सीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए हैं। संवाद
धान की कुल खरीद 63 लाख क्विंटल पहुंची
रुद्रपुर/बाजपुर। जिले में धान की रिकॉर्ड खरीद का सिलसिला जारी है। कच्चा आढ़तियों के माध्यम से अब तक 43 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। सरकारी क्रय केंद्रों में अब तक 20 लाख, 90 हजार, 732 क्विंटल खरीद हुई है।
बृहस्पतिवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी और बिगवाड़ा स्थित मंडी समिति में कच्चा आढ़तियों के माध्यम से करीब आठ से नौ हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। बिगवाड़ा क्रय केंद्र और फुलसुंगा सरकारी क्रय केंद्रों पर करीब एक हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। टीवीएस के कांटे पर 278 क्विंटल खरीद हुई। हालांकि दूसरे दिन भी केंद्र पर बारदाने का संकट रहा। धान मिलों से लाए गए बोरों में किसानों का धान भरा गया। गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर धान खरीद शून्य रही। इधर, बाजपुर में एडीओ गंगा सिंह पिपलिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को सहकारिता के 16 केंद्रों पर 85 किसानों से 6740 क्विंटल धान खरीदा गया। जबकि आरएफसी के दो केंद्रों पर 9 किसानों से 1750 क्विंटल धान खरीदा गया है। सहकारिता के केंद्रों पर खरीदा गया धान का करीब 35 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बकाया है। ब्यूरो/संवाद
धान खरीद में देरी से पिछड़ी गेहूं की बुवाई
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि धान खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों की गेहूं की बुवाई पिछड़ रही है। कहा कि जिले में व्यापारियों से धान में नमी की मात्रा अधिक बताकर वजन में काफी कटौती की जा रही है। इससे काश्तकारों को उनकी उपज का वाजिब दाम नही मिल पा रहा है। कहा कि धान में धूल एवं कंकड़ बताकर एक रुपये के स्थान पर तीन रुपये प्रति क्विंटल का चूना लगाया जा रहा है। संवाद

रुद्रपुर में एनएच-74 पर जाम लगाते किसान।- फोटो : RUDRAPUR