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तीन कृषि कानून रद्द होने तक रहेंगे नंगे पैर, नहीं ग्रहण करेंगे अन्न
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रुद्रपुर गोल मार्केट गुरुद्वारा के सामने सतपाल का स्वागत करते लोग।
- फोटो : RUDRAPUR
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कृषि कानून रद्द होने तक नंगे पैर रहेंगे, अन्न भी नहीं खाएंगे
- नंगे पैर पदयात्रा से लौटे सतपाल का हुआ स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए नंगे पैर गाजीपुर बार्डर तक पदयात्रा कर वापस लौटने पर किसान सतपाल सिंह ठुकराल का स्वागत किया गया। सतपाल ने कृषि कानून रद्द होने तक नंगे पैर ही रहने और अन्न ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया है।
मंगलवार शाम गुरुद्वारा गोल मार्केट पहुंचे रुद्रपुर निवासी सतपाल ठुकराल का गुरुद्वारा कमेटी के लोगों, किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से स्वागत किया। सतपाल ने कहा कि 13 सितंबर से नंगे पैर रुद्रपुर से गाजीपुर बार्डर के लिए पदयात्रा शुरू की थी। जगह-जगह किसानों और लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। गाजीपुर बार्डर पहुंचने पर उन्होंने किसानों की शहादत की धरती पर मत्था टेककर नमन किया था। इसके बाद शीशगंज गुरुद्वारा दिल्ली जाकर अरदास की थी। कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से किसान गाजीपुर बार्डर पर डटे हुए हैं और पूरे देश में कानूनों के खिलाफ किसान आवाज उठा रहे हैं। इस आंदोलन में सैकड़ों किसान शहादत दे चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार कानूनों को रद्द करने के लिए तैयार नहीं है।
कहा कि नंगे पैर चलकर और अन्न त्यागकर उन्होंने शहादत देने वाले किसानों का दर्द महसूस किया है। उन्होंने 27 फरवरी से अन्न त्यागा है। वह सिर्फ दूध और फल ही ग्रहण करते हैं। कहा कि जब तक काले कानून रद्द नहीं होते हैं तब तक नंगे पैर रहेंगे और अन्न नहीं ग्रहण करेंगे। कहा कि सरकार को हठ छोड़कर कानूनों को रद्द करना चाहिए। वहां पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जसपाल भट्टी, पूर्व प्रधान सुरमुख सिंह विर्क, मंजीत मक्कड़, डॉ. सुकुमार मंडल, अमन ठुकराल आदि मौजूद रहे।
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फोटो 22आरडीपी 08पी: रुद्रपुर के गोल मार्केट गुरुद्वारा के सामने सतपाल का स्वागत करते लोग।
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- नंगे पैर पदयात्रा से लौटे सतपाल का हुआ स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए नंगे पैर गाजीपुर बार्डर तक पदयात्रा कर वापस लौटने पर किसान सतपाल सिंह ठुकराल का स्वागत किया गया। सतपाल ने कृषि कानून रद्द होने तक नंगे पैर ही रहने और अन्न ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया है।
मंगलवार शाम गुरुद्वारा गोल मार्केट पहुंचे रुद्रपुर निवासी सतपाल ठुकराल का गुरुद्वारा कमेटी के लोगों, किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से स्वागत किया। सतपाल ने कहा कि 13 सितंबर से नंगे पैर रुद्रपुर से गाजीपुर बार्डर के लिए पदयात्रा शुरू की थी। जगह-जगह किसानों और लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। गाजीपुर बार्डर पहुंचने पर उन्होंने किसानों की शहादत की धरती पर मत्था टेककर नमन किया था। इसके बाद शीशगंज गुरुद्वारा दिल्ली जाकर अरदास की थी। कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से किसान गाजीपुर बार्डर पर डटे हुए हैं और पूरे देश में कानूनों के खिलाफ किसान आवाज उठा रहे हैं। इस आंदोलन में सैकड़ों किसान शहादत दे चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार कानूनों को रद्द करने के लिए तैयार नहीं है।
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कहा कि नंगे पैर चलकर और अन्न त्यागकर उन्होंने शहादत देने वाले किसानों का दर्द महसूस किया है। उन्होंने 27 फरवरी से अन्न त्यागा है। वह सिर्फ दूध और फल ही ग्रहण करते हैं। कहा कि जब तक काले कानून रद्द नहीं होते हैं तब तक नंगे पैर रहेंगे और अन्न नहीं ग्रहण करेंगे। कहा कि सरकार को हठ छोड़कर कानूनों को रद्द करना चाहिए। वहां पर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जसपाल भट्टी, पूर्व प्रधान सुरमुख सिंह विर्क, मंजीत मक्कड़, डॉ. सुकुमार मंडल, अमन ठुकराल आदि मौजूद रहे।
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फोटो 22आरडीपी 08पी: रुद्रपुर के गोल मार्केट गुरुद्वारा के सामने सतपाल का स्वागत करते लोग।