{"_id":"69fcef6488eb0b26f008c0b0","slug":"farmers-income-will-increase-through-pantnagar-universitys-pantja-goat-breed-rudrapur-news-c-242-1-rdp1025-141145-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: पंतनगर विश्वविद्यालय की पंतजा बकरी नस्ल से बढ़ेगी किसानों की आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: पंतनगर विश्वविद्यालय की पंतजा बकरी नस्ल से बढ़ेगी किसानों की आय
Fri, 08 May 2026 01:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 08 May 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
गदरपुर। क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की टीम ने मकरंदपुर गांव पहुंचकर पशुपालक महेंद्र पाल सिंह को बकरी पालन संबंधी सामग्री निशुल्क वितरित की।
महेंद्र पाल सिंह के पोल्ट्री फार्म पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आरके शर्मा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की तरफ से विकसित पंतजा बकरी नस्ल को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नस्ल उत्तराखंड के मौसम के अनुकूल है तथा इसमें बीमारी और मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम होती है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय पशुपालकों को टीकाकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहा है ताकि अधिक से अधिक किसान बकरी पालन से जुड़ सकें।
विज्ञापन
पशुपालक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह पहले से देसी नस्ल के मुर्गी पालन का कार्य कर रहे हैं और अब पंतजा नस्ल की बकरियों के पालन की शुरुआत भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक समय-समय पर मार्गदर्शन देकर किसानों का उत्साह बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर मनप्रीत कौर, रतन चंद कंबोज, अर्जुन पाल सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
महेंद्र पाल सिंह के पोल्ट्री फार्म पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आरके शर्मा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की तरफ से विकसित पंतजा बकरी नस्ल को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नस्ल उत्तराखंड के मौसम के अनुकूल है तथा इसमें बीमारी और मृत्यु दर अपेक्षाकृत कम होती है।
विज्ञापन
डॉ. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय पशुपालकों को टीकाकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहा है ताकि अधिक से अधिक किसान बकरी पालन से जुड़ सकें।
विज्ञापन
पशुपालक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह पहले से देसी नस्ल के मुर्गी पालन का कार्य कर रहे हैं और अब पंतजा नस्ल की बकरियों के पालन की शुरुआत भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक समय-समय पर मार्गदर्शन देकर किसानों का उत्साह बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर मनप्रीत कौर, रतन चंद कंबोज, अर्जुन पाल सिंह मौजूद रहे।