{"_id":"6a46bcbe844f5b0d2208ebbc","slug":"farmers-face-trouble-purchasing-urea-complex-approval-process-adds-to-the-difficulties-rudrapur-news-c-242-1-rdp1022-143770-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: यूरिया खरीद में किसान परेशान, जटिल अनुमति प्रक्रिया से बढ़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: यूरिया खरीद में किसान परेशान, जटिल अनुमति प्रक्रिया से बढ़ी परेशानी
विज्ञापन
रुद्रपुर। इन दिनों किसानों को यूरिया खाद खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें 10 कट्टे से अधिक यूरिया नहीं मिल पा रही है। इससे ज्यादा खाद लेने के लिए कृषि अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ रही है।
किसानों के अनुसार सभी प्रकार की खाद लगभग 40 दिनों के भीतर खेत में डालनी होती हैं लेकिन वर्तमान में दो कट्टों से अधिक खाद नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति में किसान यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे अनुमति लेने की जटिल प्रक्रिया में समय लगाएं या अपने खेतों में धान की बुवाई करें। सहकारी समितियों में भी किसानों को पांच कट्टों से ज्यादा यूरिया नहीं दी जा रही है।
किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है ताकि वे समय पर अपनी फसलें लगा सकें। 10 कट्टे से अधिक यूरिया लेने पर कृषि अधिकारी की अनुमति अनिवार्य है। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें बिना किसी अनुमति के प्रति एकड़ चार कट्टे यूरिया दी जाए। इसके साथ ही किसानों ने प्रति एकड़ दो कट्टे एमपीके खाद भी बिना अनुमति के उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
किसानों की पीड़ा
सरकार को यूरिया खरीद प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए। जिससे किसान समय पर अपनी फसलों में खाद डाल पाएंगे। बुवाई का काम भी प्रभावित नहीं होगा। - मनराज सिंह, किसान, रुद्रपुर
--
धान को समय पर यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। 10 कट्टाें से अधिक खाद नहीं मिल पा रही है। किसान धान लगाए या अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटे। - दिलराज सिंह, किसान, रुद्रपुर
--
किसानों को बिना अनुमति के यूरिया व एमपीके खाद दी जानी चाहिए। ताकि वह बिना किसी परेशानी के खेती कर सकें। खाद के लिए नए नियम लागू होने से हर आदमी परेशान है। - गुरविंदर सिंह, किसान, रुद्रपुर
--
सहकारी समितियों पर भी कम यूरिया मिल रही है। यूरिया का संकट लंबे समय से बना हुआ है। नियमों में बदलाव कर किसानों को तय समय पर खाद मुहैया कराई जाए। - हीरा सिंह, किसान, रुद्रपुर
विज्ञापन
किसानों के अनुसार सभी प्रकार की खाद लगभग 40 दिनों के भीतर खेत में डालनी होती हैं लेकिन वर्तमान में दो कट्टों से अधिक खाद नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति में किसान यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे अनुमति लेने की जटिल प्रक्रिया में समय लगाएं या अपने खेतों में धान की बुवाई करें। सहकारी समितियों में भी किसानों को पांच कट्टों से ज्यादा यूरिया नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन
किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है ताकि वे समय पर अपनी फसलें लगा सकें। 10 कट्टे से अधिक यूरिया लेने पर कृषि अधिकारी की अनुमति अनिवार्य है। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें बिना किसी अनुमति के प्रति एकड़ चार कट्टे यूरिया दी जाए। इसके साथ ही किसानों ने प्रति एकड़ दो कट्टे एमपीके खाद भी बिना अनुमति के उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
किसानों की पीड़ा
सरकार को यूरिया खरीद प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए। जिससे किसान समय पर अपनी फसलों में खाद डाल पाएंगे। बुवाई का काम भी प्रभावित नहीं होगा। - मनराज सिंह, किसान, रुद्रपुर
धान को समय पर यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। 10 कट्टाें से अधिक खाद नहीं मिल पा रही है। किसान धान लगाए या अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटे। - दिलराज सिंह, किसान, रुद्रपुर
किसानों को बिना अनुमति के यूरिया व एमपीके खाद दी जानी चाहिए। ताकि वह बिना किसी परेशानी के खेती कर सकें। खाद के लिए नए नियम लागू होने से हर आदमी परेशान है। - गुरविंदर सिंह, किसान, रुद्रपुर
सहकारी समितियों पर भी कम यूरिया मिल रही है। यूरिया का संकट लंबे समय से बना हुआ है। नियमों में बदलाव कर किसानों को तय समय पर खाद मुहैया कराई जाए। - हीरा सिंह, किसान, रुद्रपुर