{"_id":"5bbcfc4c867a55281371b828","slug":"farmers-are-protesting-for-the-convenient-rate-of-their-crop","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले अमेरिका के खिलाफ रखा उपवास अपनों ने मजबूर कर दिया है ः त्रिलोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले अमेरिका के खिलाफ रखा उपवास अपनों ने मजबूर कर दिया है ः त्रिलोचन
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:36 AM IST
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किसान त्रिलोचन सिंह।
- फोटो : amar ujala
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रुद्रपुर गल्ला मंडी में धान के समर्थन मूल्य के लिए आमरण अनशन पर बैठे अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह को वर्ष 1965 में पाक युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों का अमेरिका के खिलाफ और देश के लिए अनाज बचाने के लिए शुरू किए गए उपवास की यादें ताजा हो गई।
इस वृद्ध किसान को इस बात की ज्यादा टीस थी कि पहले तो दूसरे देश के विरोध में उपवास रखा और अब अपने देश की सरकार की उपेक्षा के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है। किसान त्रिलोचन सिंह ने बताया कि वह बंगाल इंजीनियर्स में लांसनायक के रूप में तैनात थे। वर्ष 1965 में जब पाकिस्तान के साथ जंग चल रही थी तो अमेरिका का पाक को समर्थन कर रहा था।
इस कारण अमेरिका ने भारत के लिए गेहूं का निर्यात बंद कर दिया था, जिससे भारत में अचानक अनाज की कमी हो गई थी। उस अनाज संकट के खिलाफ अपना सहयोग करने के लिए उस समय उरी (जम्मू कश्मीर) में सभी सैनिकों ने सोमवार को भोजन न करने के लिए उपवास रखना शुरू किया। उपवास रखने वाले सैनिकों में वह भी शामिल थे।
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उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि उस समय विदेशी ताकतों के खिलाफ उपवास रखने वाले सैनिक को आज किसान के रूप में अपने ही हुक्मरानों के खिलाफ भूख हड़ताल करनी पड़ रही है।
किसानों पर धान खरीद बाधित करने का आरोप, प्रदर्शन
रुद्रपुर। तराई मर्चेंट चैंबर रुद्रपुर के पदाधिकारियों ने किसानों पर धान खरीद में बाधा उत्पन्न करने, धमकी और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए डीएम और एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने किसानों के खिलाफ कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
तराई मर्चेंट चैंबर के पदाधिकारियों ने मंगलवार को किसानों पर मंडियों में आ रहे धान के वाहनों को रोकने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की। इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग की। उन्होंने एसएसपी को बताया कि किसान मंडी में धान की आवक नहीं होने दे रहे हैं।
धान लदे वाहनों को लौटाया जा रहा है। साथ ही धन क्रय की कोशिश कर रहे आढ़तियों से अभद्रता, धमकी और हाथापाई का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एसएसपी से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। इस दौरान राजेश धीक, सत्नारायण शर्मा, केवल किशन, सोनू गुंबर, संदीप अग्रवाल, सुभाष भुड्डी, श्याम गर्ग, नितिन अग्रवाल, विक्की कुुमार, विकास गंभीर, हरीश बांगा, दीपक छाबड़ा, कीमती घई आदि थे।
काशीपुर में धान खरीद शुरू
काशीपुर। सरकारी धान खरीद के लिए सहकारिता खरीद केंद्रों पर मंगलवार से धान की खरीद शुरू हो गई। जसपुर खुर्द निवासी किसान वलविंदर सिंह, कचनाल गाजी निवासी सुखवंत सिंह और कुलवंत सिंह के धान की नमी मानक पर खरी उतरने पर उनकी फसल खरीदी गई। वहां, एडीओ सहकारिता संजय मुयाल, कंट्रोल रूम प्रभारी बसंत पांडे आदि थे। ब्यूरो
तौल केंद्रों पर बढ़ी धान की आवक
बाजपुर। मंडी समिति परिसर में लगे धान तौल केंद्रों पर धान की आवक तेजी से बढ़ रही है। एडीओ सहकारिता गंगा सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम तक डेढ़ हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, लेकिन राइस मिलों का आवंटन नहीं होने से धान उठान को लेकर केंद्र प्रभारी परेशान हैं। क्षेत्र में 15 सहकारी क्षेत्र के धान तौल केंद्र स्थापित हैं। इनमें से मंडी में पांच केंद्र लगे हैं।
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इस वृद्ध किसान को इस बात की ज्यादा टीस थी कि पहले तो दूसरे देश के विरोध में उपवास रखा और अब अपने देश की सरकार की उपेक्षा के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है। किसान त्रिलोचन सिंह ने बताया कि वह बंगाल इंजीनियर्स में लांसनायक के रूप में तैनात थे। वर्ष 1965 में जब पाकिस्तान के साथ जंग चल रही थी तो अमेरिका का पाक को समर्थन कर रहा था।
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इस कारण अमेरिका ने भारत के लिए गेहूं का निर्यात बंद कर दिया था, जिससे भारत में अचानक अनाज की कमी हो गई थी। उस अनाज संकट के खिलाफ अपना सहयोग करने के लिए उस समय उरी (जम्मू कश्मीर) में सभी सैनिकों ने सोमवार को भोजन न करने के लिए उपवास रखना शुरू किया। उपवास रखने वाले सैनिकों में वह भी शामिल थे।
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उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि उस समय विदेशी ताकतों के खिलाफ उपवास रखने वाले सैनिक को आज किसान के रूप में अपने ही हुक्मरानों के खिलाफ भूख हड़ताल करनी पड़ रही है।
किसानों पर धान खरीद बाधित करने का आरोप, प्रदर्शन
रुद्रपुर। तराई मर्चेंट चैंबर रुद्रपुर के पदाधिकारियों ने किसानों पर धान खरीद में बाधा उत्पन्न करने, धमकी और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए डीएम और एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने किसानों के खिलाफ कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
तराई मर्चेंट चैंबर के पदाधिकारियों ने मंगलवार को किसानों पर मंडियों में आ रहे धान के वाहनों को रोकने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की। इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग की। उन्होंने एसएसपी को बताया कि किसान मंडी में धान की आवक नहीं होने दे रहे हैं।
धान लदे वाहनों को लौटाया जा रहा है। साथ ही धन क्रय की कोशिश कर रहे आढ़तियों से अभद्रता, धमकी और हाथापाई का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एसएसपी से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। इस दौरान राजेश धीक, सत्नारायण शर्मा, केवल किशन, सोनू गुंबर, संदीप अग्रवाल, सुभाष भुड्डी, श्याम गर्ग, नितिन अग्रवाल, विक्की कुुमार, विकास गंभीर, हरीश बांगा, दीपक छाबड़ा, कीमती घई आदि थे।
काशीपुर में धान खरीद शुरू
काशीपुर। सरकारी धान खरीद के लिए सहकारिता खरीद केंद्रों पर मंगलवार से धान की खरीद शुरू हो गई। जसपुर खुर्द निवासी किसान वलविंदर सिंह, कचनाल गाजी निवासी सुखवंत सिंह और कुलवंत सिंह के धान की नमी मानक पर खरी उतरने पर उनकी फसल खरीदी गई। वहां, एडीओ सहकारिता संजय मुयाल, कंट्रोल रूम प्रभारी बसंत पांडे आदि थे। ब्यूरो
तौल केंद्रों पर बढ़ी धान की आवक
बाजपुर। मंडी समिति परिसर में लगे धान तौल केंद्रों पर धान की आवक तेजी से बढ़ रही है। एडीओ सहकारिता गंगा सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम तक डेढ़ हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, लेकिन राइस मिलों का आवंटन नहीं होने से धान उठान को लेकर केंद्र प्रभारी परेशान हैं। क्षेत्र में 15 सहकारी क्षेत्र के धान तौल केंद्र स्थापित हैं। इनमें से मंडी में पांच केंद्र लगे हैं।