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Udham Singh Nagar News: शाहजहांपुर से बनवाए गए फर्जी शस्त्र लाइसेंस, जांच जारी
Wed, 10 Jun 2026 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:28 AM IST
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काशीपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के मामले में एसटीएफ की जांच के घेरे में शाहजहांपुर (यूपी) के एक पूर्व प्रधान का नाम सामने आया है। यह पूर्व प्रधान 2019 में शस्त्रों के फर्जी लाइसेंस बनाने के मामले में गाजियाबाद से जेल जा चुका है। इसके खाते में काशीपुर के आरोपियों ने लाखों रुपये की रकम ऑनलाइन भेजी है। काशीपुर में पकड़ में आए फर्जी शस्त्र लाइसेंस पिछले साल सितंबर और अक्तूबर में बनवाए गए थे।
एसएसपी एसटीएफ देहरादून अजय सिंह ने बताया कि फर्जी लाइसेंस बनवाने वाले गिरोह में ग्राम अनावा थाना पुवाया जिला शाहजहांपुर यूपी निवासी सदानंद शर्मा का नाम जांच में सामने आया है। इसका नाम वर्ष 2019 में पहली बार चर्चा में आया था। तब अगस्त, 2019 में शाहजहांपुर से एक शस्त्र लाइसेंस गाजियाबाद ट्रांसफर किए जाने का आवेदन आया। जांच में यूनिक आईडी का मिलान नहीं हो पाया। जांच में पता लगा कि इस आईडी पर कोई शस्त्र जारी ही नहीं हुआ है।
14 अगस्त 2025 को गाजियाबाद पुलिस ने सदानंद शर्मा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी सदानंद अनावा का पूर्व प्रधान भी रह चुका है। सदानंद के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामले चर्चा में हैं। कुमाऊं एसटीएफ प्रभारी महेंद्र पाल सिंह की ओर से काशीपुर के जिन 10 लोगों के खिलाफ फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र खरीदे जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनमें से कई ने सदानंद व उसके साथियों गजेंद्र राज सिंह व कमल के खातों में ऑनलाइन लाखों रुपये की रकम ट्रांसफर की है। इसमें से करीब दस लाख रुपये की रकम 24 सितंबर, 2025 से 30 अक्तूूबर 2025 के बीच एक आरोपी सौरभ अग्रवाल के खाते से ट्रांसफर की गई है। सदानंद व उसके गिरोह के सदस्य एसटीएफ की रडार पर है।
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एसएसपी एसटीएफ देहरादून अजय सिंह ने बताया कि फर्जी लाइसेंस बनवाने वाले गिरोह में ग्राम अनावा थाना पुवाया जिला शाहजहांपुर यूपी निवासी सदानंद शर्मा का नाम जांच में सामने आया है। इसका नाम वर्ष 2019 में पहली बार चर्चा में आया था। तब अगस्त, 2019 में शाहजहांपुर से एक शस्त्र लाइसेंस गाजियाबाद ट्रांसफर किए जाने का आवेदन आया। जांच में यूनिक आईडी का मिलान नहीं हो पाया। जांच में पता लगा कि इस आईडी पर कोई शस्त्र जारी ही नहीं हुआ है।
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14 अगस्त 2025 को गाजियाबाद पुलिस ने सदानंद शर्मा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी सदानंद अनावा का पूर्व प्रधान भी रह चुका है। सदानंद के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामले चर्चा में हैं। कुमाऊं एसटीएफ प्रभारी महेंद्र पाल सिंह की ओर से काशीपुर के जिन 10 लोगों के खिलाफ फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र खरीदे जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनमें से कई ने सदानंद व उसके साथियों गजेंद्र राज सिंह व कमल के खातों में ऑनलाइन लाखों रुपये की रकम ट्रांसफर की है। इसमें से करीब दस लाख रुपये की रकम 24 सितंबर, 2025 से 30 अक्तूूबर 2025 के बीच एक आरोपी सौरभ अग्रवाल के खाते से ट्रांसफर की गई है। सदानंद व उसके गिरोह के सदस्य एसटीएफ की रडार पर है।
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