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एविल, डाइजापाम और ल्यूटिजेसिक का कॉकटेल कर रहा जिंदगी बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:11 AM IST
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जिले में स्मैक, चरस, गांजे के साथ ही बड़ी संख्या में नौजवान नशीली दवा और इंजेक्शन के लती हो रहे हैं। ज्यादातर मामलों में तीन प्रकार के इंजेक्शनों का कॉकटेल लेकर युवा नशे की लत पूरी कर जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। कई मेडिकल स्टोरों में बिना डॉक्टर की पर्ची के आसानी से दवा उपलब्ध हो रही है। यही नहीं कुछ स्टोरों में तो मुनाफे के लालच में नशे के इंजेक्शन में इस्तेमाल होने वाली तीन दवाओं के पैक भी तैयार कर बेचे जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश में 343 प्रकार की दवाओं के बेचने पर पाबंदी लगाने के हाइकोर्ट केेे आदेश से नशीली दवाओं के कारोबार में प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद बंधी है।
तराई में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। गांजा, चरस, स्मैक के अलावा नशीली दवाओं और इंजेक्शन के भी युवा आदी बन रहे हैं। पुलिस की पकड़ में नशीले पदार्थ बेचने वाले आ जाते हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते नशीली दवा बेचने वालों पर अंकुश नहीं लग पाता है। जिले के कईं मेडिकल स्टोरों में बिना पर्ची दी जाने वाली दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। नशे के लती लोग एविल के इंजेक्शन और गोली के अलावा ल्यूटिजेसिक, ब्यूफ्रीर्नाफिन, डाइजापाम, फोर्टविन के इंजेक्शन का इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं।
ज्यादातर नशेड़ी एविल, डाइजापाम, ल्यूटिजेसिक को मिलाकर इंजेक्शन लेते हैं। एक बार में तीन से सात बार भी इंजेक्शन लिए जाते हैं। कईं बार दोस्ती के साथ गलत लत में फंसा नौजवान रुपयों के अभाव में नशे के इंजेक्शनों की ओर रुख कर देता है। मेडिकल स्टोर स्वामी भी मुनाफा कमाने के चक्कर में डेढ़ सौ रुपयों के इंजेक्शनों को ढाई सौ या तीन सौ रुपयों में बेच देते हैं। ऐसे मेडिकल स्टोरों पर भी कार्रवाई हो तो कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
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इंजेक्शन की लती चार युवतियां
रुद्रपुर। नशे के इंजेक्शन की लती युवकों के साथ ही युवतियां भी आदी हो रही हैं। जिला अस्पताल स्थित ओएसटी केंद्र मेें उपचार के लिए आने वाले मरीजों में चार युवतियां भी शामिल हैं। हालांकि एक युवती तो नशे की इतनी आदी थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। इसके अलावा बाकी युवतियों ने नशे के चक्कर में अपने हाथों में बुरी तरह इजेक्शनों से गोदा था। इनमें से एक युवती उपचार अधूरा छोड़कर गायब हो गई थी।
- नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। कुछ दिन पहले बड़ी संख्या में नशे के इंजेक्शन की खेप के साथ दो आरोपियों को जेल भेजा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर गलत ढंग से दवा बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी
ओएसटी केंद्र में नशे के इंजेक्शन के लती 105 लोगों का नियमित उपचार हो रहा है। इसके अलावा चरस, स्मैक और अन्य नशा लेने वाले रोजाना करीब 14-15 लोग केंद्र में आते हैं। इंजेक्शन लेने वालों में युवकों के साथ युवतियां भी शामिल हैं।
डॉ. श्वेता दीक्षित, ओएसटी काउंसलर
हाइकोर्ट ने दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के आदेश की कापी नहीं मिल सकी है। आदेश की कापी मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। बिना डॉक्टर की पर्ची दवा देने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई होगी।
मीनाक्षी बिष्ट, ड्रग इंस्पेक्टर
तराई में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। गांजा, चरस, स्मैक के अलावा नशीली दवाओं और इंजेक्शन के भी युवा आदी बन रहे हैं। पुलिस की पकड़ में नशीले पदार्थ बेचने वाले आ जाते हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते नशीली दवा बेचने वालों पर अंकुश नहीं लग पाता है। जिले के कईं मेडिकल स्टोरों में बिना पर्ची दी जाने वाली दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। नशे के लती लोग एविल के इंजेक्शन और गोली के अलावा ल्यूटिजेसिक, ब्यूफ्रीर्नाफिन, डाइजापाम, फोर्टविन के इंजेक्शन का इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं।
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ज्यादातर नशेड़ी एविल, डाइजापाम, ल्यूटिजेसिक को मिलाकर इंजेक्शन लेते हैं। एक बार में तीन से सात बार भी इंजेक्शन लिए जाते हैं। कईं बार दोस्ती के साथ गलत लत में फंसा नौजवान रुपयों के अभाव में नशे के इंजेक्शनों की ओर रुख कर देता है। मेडिकल स्टोर स्वामी भी मुनाफा कमाने के चक्कर में डेढ़ सौ रुपयों के इंजेक्शनों को ढाई सौ या तीन सौ रुपयों में बेच देते हैं। ऐसे मेडिकल स्टोरों पर भी कार्रवाई हो तो कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
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इंजेक्शन की लती चार युवतियां
रुद्रपुर। नशे के इंजेक्शन की लती युवकों के साथ ही युवतियां भी आदी हो रही हैं। जिला अस्पताल स्थित ओएसटी केंद्र मेें उपचार के लिए आने वाले मरीजों में चार युवतियां भी शामिल हैं। हालांकि एक युवती तो नशे की इतनी आदी थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। इसके अलावा बाकी युवतियों ने नशे के चक्कर में अपने हाथों में बुरी तरह इजेक्शनों से गोदा था। इनमें से एक युवती उपचार अधूरा छोड़कर गायब हो गई थी।
- नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। कुछ दिन पहले बड़ी संख्या में नशे के इंजेक्शन की खेप के साथ दो आरोपियों को जेल भेजा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर गलत ढंग से दवा बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी
ओएसटी केंद्र में नशे के इंजेक्शन के लती 105 लोगों का नियमित उपचार हो रहा है। इसके अलावा चरस, स्मैक और अन्य नशा लेने वाले रोजाना करीब 14-15 लोग केंद्र में आते हैं। इंजेक्शन लेने वालों में युवकों के साथ युवतियां भी शामिल हैं।
डॉ. श्वेता दीक्षित, ओएसटी काउंसलर
हाइकोर्ट ने दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के आदेश की कापी नहीं मिल सकी है। आदेश की कापी मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। बिना डॉक्टर की पर्ची दवा देने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई होगी।
मीनाक्षी बिष्ट, ड्रग इंस्पेक्टर