फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Engine railroad freight train without any major railway line under construction

निर्माणाधीन बड़ी रेल लाइन पर बगैर इंजन दौड़ी मालगाड़ी

Tue, 11 Jul 2017 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर/बनबसा/खटीमा।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर/बनबसा/खटीमा। Updated Tue, 11 Jul 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
Engine railroad freight train without any major railway line under construction
माल गाड़ी के डिब्बों में फंसकर क्षतिग्रस्त हुआ ट्रैक्टर - फोटो : अमर उजाला

रेलवे निर्माण इकाई की लापरवाही से मंगलवार को टनकपुर-खटीमा के बीच करीब 22 किमी निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक पर बड़ा हादसा होने से बचा। टनकपुर रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी के आठ डिब्बे बगैर इंजन के ट्रैक पर दौड़ने से यह स्थिति पैदा हुई। बनबसा के पास बोगियों की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हुई है। गनीमत रही कि इस दौरान कोई व्यक्ति या यात्री वाहन की चपेट में नहीं आए, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि गिट्टी भरने को लाई गई जेसीबी के धक्के से बोगियां ट्रैक पर दौड़ी। घटना से रेलवे में खासा हड़कंप मच गया। रेलवे के सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मौका मुआयना किया। सूत्रों के मुताबिक घटना के लिए सीनियर सेक्सन इंजीनियर निर्माण पीलीभीत पर गाज गिरना तय है।
विज्ञापन


पीलीभीत-टनकपुर के बीच निर्माणाधीन ब्राडगेज लाइन के लिए गिट्टी ले जाने को टनकपुर स्टेशन पर मालगाड़ियों की बोगियां खड़ी हैं। बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे आठ बोगियों पर गिट्टी भरी जा रही थी कि झटका लगने से बगैर इंजन की यह बोगियां ट्रैक पर दौड़ पड़ी। रेलवे कर्मियों ने मनिहारगोठ क्रासिंग तक बोगियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं रुकी तो फौरन बनबसा, चकरपुर और खटीमा रेलवे स्टेशनों के साथ क्रासिंग स्थलों पर तैनात कर्मियों को इसकी सूचना देकर सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश जारी किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बनबसा में बोगियों की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हुई है। यहां से ढलान अधिक होने के चलते बोगियों की गति और तेज हो गई। इसके बाद चकरपुर पहुंचकर डिब्बे ट्रैक पर खड़े ट्रैक्टर से टकराए और उसे भी अपने साथ घसीट ले गए। टनकपुर रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने इसकी सूचना बनबसा, खटीमा स्टेशन में दी थी। ट्रेन को रोकने के लिए खटीमा स्टेशन पर मजदूरों ने डिपट्राली में छह लाइन लादकर ट्रैक पर खड़ा कर दिया।

मालगाड़ी के डिब्बे तेज गति से डिपट्राली से टकराए, इससे जबर्दस्त धमाका हुआ। यहां से डिब्बों की स्पीड कम होना शुरू हो गई और करीब 100 मीटर आगे खेतलसंडा क्रासिंग से पहले डिब्बे रुक गए। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि तीन लाइनें टूट गईं, डिपट्राली और ट्रैक्टर के परखचे उड़ गए। इससे पहले होटल बेस्ट व्यू के पास एक बछड़ा डिब्बों से टकराकर घायल हो गया। 

वहीं, घटना की सूचना पर रेलवे के वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी सीएम साह, संरक्षा अधिकारी एके वर्मा एवं सहायक संरक्षा अधिकारी अशोक अग्रवाल ने फौरन मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट डीआरएम इज्जतनगर को दी है। सूत्रों ने बताया कि गिट्टी भरने के लिए बोगियों को स्टाक के पास ले जाने को जेसीबी से धक्का लगाने के कारण यह बोगियां ट्रैक पर दौड़ी है। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि खटीमा स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर खड़े पटरियों से लदे ट्रैक्टर-ट्राली से टकराकर बोगियां रुकी हैं।

उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। इधर, रेलवे सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में रेलवे की निर्माण इकाई के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पीलीभीत की लापरवाही सामने आई है, जिस कारण उस पर गाज गिरना लगभग तय बताया जा रहा है। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि घटना की जांच निर्माण संगठन कर रही है। आरोप पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पटरी पर काम कर रहे मजदूरों ने डिपट्राली में लाइन डालकर रोके डिब्बे
खटीमा। टनकपुर से मालगाड़ी के डिब्बे बगैर इंजन के ही बहुत तेज गति से खटीमा की ओर आ रहे हैं। इसकी सूचना जैसे ही रेलवे के स्थानीय कर्मचारियों को हुई तो वे डिब्बे रोकने में जुट गए। रेल लाइन बिछाने का काम कर रहे मजदूर महादेव, रविंद्र, राजकुमार, रंजीत आदि ने डिपट्राली में छह लाइनें डालकर उसी ट्रैक पर खड़ा कर दिया, जिस पर मालगाड़ी के डिब्बे दौड़ रहे थे। डिपट्राली से टकराकर डिब्बे 100 मीटर आगे जाकर रुक गए।


रेलवे लाइन के पार हैं चार स्कूल
खटीमा। जबसे रेलवे लाइन को ब्राडगेज करने का काम चल रहा है। तभी से रेलवे क्रासिंग पर कोई भी बैरियर नहीं लगा है। लोग हर समय यहां से बेरोक-टोक चल रहे हैं। मंगलवार को जिस समय मालगाड़ी के डिब्बे बगैर इंजन के ही इस रूट पर दौड़े, उस समय करीब साढ़े 11 बज रहे थे। उस समय इस रूट पर रेलवे क्रासिंग पर किसी प्रकार का आवागमन नहीं था। अन्यथा यहां पर रेलवे लाइन के पार सर्राफ, लाइंस क्लब, महर्षि विद्यामंदिर, आरएलके पब्लिक स्कूल हैं, जिससे रेलवे क्रासिंग पर अक्सर भीड़ लगी रहती है। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed