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धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य
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राजकीय इंटर कॉलेज बांसखेड़ा में बच्चों को पढ़ाते बायोलॉजी प्रवक्ता अमित बाठला।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। कोरोना संक्रमण का प्रकोप थमने और चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में शिक्षण कार्य धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है। इंटरमीडिएट कॉलेज में सरकारी व अर्द्धसरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में इजाफा होने लगा है।
कोविड गाइडलाइन के मुताबिक कक्षाएं चलाने, चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण अधिकतर सरकारी व अर्द्धसरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया था। अब शिक्षकों के स्कूल लौटने पर शिक्षण कार्य लगभग डेढ़ माह बाद फिर पटरी पर लौट आया है।
पहले स्कूलों में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे थे। अब बच्चों की उपस्थिति में इजाफा होने लगा है। शिक्षकों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह से वार्षिक परीक्षाओं के प्रैक्टीकल शुरू होने व मार्च में परीक्षाएं शुरू होने कारण भी बच्चे स्कूल पहुंचने लगे हैं। शिक्षक भी छूटे कोर्सों को पूरा कराने और रिवीजन कराने के कार्य में जुट गए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज बांसखेड़ा में बायोलॉजी प्रवक्ता अमित बाठला ने बताया हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू होकर 18 अप्रैल तक संचालित होनी हैं। प्रैक्टीकल फरवरी के आखिरी सप्ताह से शुरू हो जाएंगे। होम एग्जाम के प्रैक्टीकल शुरू हो चुके हैं।
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-चुनाव ड्यूटी से शिक्षकों के लौटने और कोरोना संक्रमण थमने से छात्रों की संख्या में बीते दो-तीन से इजाफा शुरू हो गया है। इसकी मुख्य वजह यह भी है कि अगले महीने से सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। स्कूल में शिक्षक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में पढ़ाई करा रहे हैं।
ब्रजेश कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य, उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज
- अब अध्यापक चुनाव ड्यूटी से फ्री हो चुके हैं और स्कूलों में शिक्षण कार्य में जुट गए हैं। लगभग एक महीने तक शिक्षण कार्य प्रभावित रहा लेकिन अब शिक्षकों के स्कूल आने से बच्चे की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।
डीके साहू, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज, बांसखेड़ा
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कोविड गाइडलाइन के मुताबिक कक्षाएं चलाने, चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के कारण अधिकतर सरकारी व अर्द्धसरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया था। अब शिक्षकों के स्कूल लौटने पर शिक्षण कार्य लगभग डेढ़ माह बाद फिर पटरी पर लौट आया है।
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पहले स्कूलों में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे थे। अब बच्चों की उपस्थिति में इजाफा होने लगा है। शिक्षकों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह से वार्षिक परीक्षाओं के प्रैक्टीकल शुरू होने व मार्च में परीक्षाएं शुरू होने कारण भी बच्चे स्कूल पहुंचने लगे हैं। शिक्षक भी छूटे कोर्सों को पूरा कराने और रिवीजन कराने के कार्य में जुट गए हैं। राजकीय इंटर कॉलेज बांसखेड़ा में बायोलॉजी प्रवक्ता अमित बाठला ने बताया हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू होकर 18 अप्रैल तक संचालित होनी हैं। प्रैक्टीकल फरवरी के आखिरी सप्ताह से शुरू हो जाएंगे। होम एग्जाम के प्रैक्टीकल शुरू हो चुके हैं।
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-चुनाव ड्यूटी से शिक्षकों के लौटने और कोरोना संक्रमण थमने से छात्रों की संख्या में बीते दो-तीन से इजाफा शुरू हो गया है। इसकी मुख्य वजह यह भी है कि अगले महीने से सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। स्कूल में शिक्षक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में पढ़ाई करा रहे हैं।
ब्रजेश कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य, उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज
- अब अध्यापक चुनाव ड्यूटी से फ्री हो चुके हैं और स्कूलों में शिक्षण कार्य में जुट गए हैं। लगभग एक महीने तक शिक्षण कार्य प्रभावित रहा लेकिन अब शिक्षकों के स्कूल आने से बच्चे की संख्या में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।
डीके साहू, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज, बांसखेड़ा

काशीपुर के उदयराज हिन्दू इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान का प्रैक्टीकल कराते शिक्षक- फोटो : KASHIPUR