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फीड के स्टार्टअप को टॉप आईआईटी के इन्क्यूबेशन सेंटर ने बताए सफलता के सूत्र
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आईआईएम काशीपुर में फीड में ऑनलाइन जानकारी देते इंक्यूबेशन सेंटर्स के विशेषज्ञ।
- फोटो : KASHIPUR
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आईआईएम काशीपुर, फीड में चल रहे दो महीने के प्रशिक्षण साहस, सक्षम और दृष्टि स्टार्टअप में देश के टॉप आईटीआई इन्क्यूबेशन सेंटर्स के इन्क्यूबेटर ने हिस्सा लेकर सफलता के सूत्र बताए। फीड की तरफ से स्टार्टअप के सफर में इन्क्यूबेशन के महत्व को बताने के लिए यह ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस दौरान आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ बीबी फानी ने कहा कि अच्छे इनक्यूबेटर कॉलेज के साथ मिलकर एक स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं। आईआईटी कानपुर ने इस देश को काफी बेहतरीन स्टार्टअप दिए हैं। आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। आईआईटी मद्रास की इन्क्यूबेशन सैल की जयलक्ष्मी उमदिकर ने बताया कि आईआईटी मद्रास लगातार नई तकनीक पर काम कर रहा है और चीजों को आसान बना रहा है।
आईआईटी मुंबई की रश्मी महाजनी ने बताया कि कैसे हम सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर अन्य इन्क्यूबेशन सेंटर्स की सहायता कर सकते हैं। आईआईटी रुड़की के आजम अली खान ने बताया कि नए इन्क्यूबेशन सेंटर को जरूरी नहीं कि वह नई पॉलिसी बनाए और सब कुछ शुरू से करे। मौजूदा इन्क्यूबेशन सेंटर के हिसाब से अपने आप को सक्षम किया जा सकता है।
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आईआईएम काशीपुर फीड की ओर से शिवनदास ने बताया कि यह बहुत जरूरी नहीं कि स्टार्टअप के सफर में इन्क्यूबेशन सेंटर्स की मौजूदगी हो लेकिन अगर आप किसी अच्छे सेंटर से जुड़ जाते हैं तो सफर आसान हो जाता है। कार्यक्रम में 22 राज्यों के 100 से अधिक स्टार्टअप ने प्रतिभाग किया।
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इस दौरान आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ बीबी फानी ने कहा कि अच्छे इनक्यूबेटर कॉलेज के साथ मिलकर एक स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं। आईआईटी कानपुर ने इस देश को काफी बेहतरीन स्टार्टअप दिए हैं। आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। आईआईटी मद्रास की इन्क्यूबेशन सैल की जयलक्ष्मी उमदिकर ने बताया कि आईआईटी मद्रास लगातार नई तकनीक पर काम कर रहा है और चीजों को आसान बना रहा है।
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आईआईटी मुंबई की रश्मी महाजनी ने बताया कि कैसे हम सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर अन्य इन्क्यूबेशन सेंटर्स की सहायता कर सकते हैं। आईआईटी रुड़की के आजम अली खान ने बताया कि नए इन्क्यूबेशन सेंटर को जरूरी नहीं कि वह नई पॉलिसी बनाए और सब कुछ शुरू से करे। मौजूदा इन्क्यूबेशन सेंटर के हिसाब से अपने आप को सक्षम किया जा सकता है।
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आईआईएम काशीपुर फीड की ओर से शिवनदास ने बताया कि यह बहुत जरूरी नहीं कि स्टार्टअप के सफर में इन्क्यूबेशन सेंटर्स की मौजूदगी हो लेकिन अगर आप किसी अच्छे सेंटर से जुड़ जाते हैं तो सफर आसान हो जाता है। कार्यक्रम में 22 राज्यों के 100 से अधिक स्टार्टअप ने प्रतिभाग किया।