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Udham Singh Nagar News: सड़क हादसे का अभियुक्त डंपर चालक सबूतों के अभाव में दोषमुक्त
Sat, 27 Jun 2026 01:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:18 AM IST
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रुद्रपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह ने वर्ष 2017 में राधास्वामी सत्संग, किच्छा रोड के पास हुए घातक सड़क हादसे के मामले में डंपर चालक को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा।
11 अगस्त 2017 में विरेंद्र कुमार ने रुद्रपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि मामा का बेटा देवेंद्र कुमार सतपाल रुद्रपुर से अपने घर किच्छा सिरौली जा रहा था। जब वह लोग रात 10:30 बजे राधास्वामी सत्संग के पास पहुंचे तो तभी सामने से तेजी और लापरवाही से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी और वह मौके से फरार हो गया। हादसे में देवेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उसका भाई सतपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
मामले में पुलिस ने राजस्थान निवासी चालक मोहम्मद सलमान के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास है। एक गवाह ने चालक के मौके से फरार होने की बात कही जबकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त की गिरफ्तारी अगले दिन दिखाई गई। मामले का सबसे अहम पहलू तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट रही जिसमें दुर्घटना में शामिल बताए गए डंपर पर किसी भी प्रकार का डेंट, खरोंच या टूट-फूट का निशान नहीं मिला। अदालत ने माना कि इतनी भीषण टक्कर के बावजूद वाहन पर कोई क्षति न होना अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा करता है। अदालत ने माना कि पुलिस और अभियोजन आरोपों को विश्वसनीय साक्ष्यों से सिद्ध नहीं कर सके। अदालत ने अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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11 अगस्त 2017 में विरेंद्र कुमार ने रुद्रपुर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि मामा का बेटा देवेंद्र कुमार सतपाल रुद्रपुर से अपने घर किच्छा सिरौली जा रहा था। जब वह लोग रात 10:30 बजे राधास्वामी सत्संग के पास पहुंचे तो तभी सामने से तेजी और लापरवाही से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी और वह मौके से फरार हो गया। हादसे में देवेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उसका भाई सतपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
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मामले में पुलिस ने राजस्थान निवासी चालक मोहम्मद सलमान के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास है। एक गवाह ने चालक के मौके से फरार होने की बात कही जबकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त की गिरफ्तारी अगले दिन दिखाई गई। मामले का सबसे अहम पहलू तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट रही जिसमें दुर्घटना में शामिल बताए गए डंपर पर किसी भी प्रकार का डेंट, खरोंच या टूट-फूट का निशान नहीं मिला। अदालत ने माना कि इतनी भीषण टक्कर के बावजूद वाहन पर कोई क्षति न होना अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा करता है। अदालत ने माना कि पुलिस और अभियोजन आरोपों को विश्वसनीय साक्ष्यों से सिद्ध नहीं कर सके। अदालत ने अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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