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डीआईजी ने निजी कंपनियों के सुरक्षा गार्डों का सत्यापन करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:00 AM IST
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डीआईजी ने अपराध समीक्षा की
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र पूरन सिंह रावत ने एसएसपी कार्यालय में जिले की अपराध समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को शवों की शिनाख्त के लिए स्टेंडर्ड ऑपरेशन मॉड्यूल (एसओपी) अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसपी कार्यालय का निरीक्षण भी किया। शनिवार को पहली बार जिले में पहुंचने के बाद डीआईजी पूरन सिंह रावत ने बैठक में कहा कि ऊधमसिंह नगर जिला तीन सीमाओं से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। यहां पर मिलने वाले अज्ञात शवों की शिनाख्त के लिए एसओपी का इस्तेमाल किया जाए।
बाहरी जनपदों के अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए किराएदारों के साथ ही निजी कंपनियों के सुरक्षा गार्डों का सत्यापन किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग में अनुशासन के महत्व को बताते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को अनुशासित रहकर काम करने की हिदायत दी। खनन माफिया पर अंकुश लगाने के साथ ही इनामी अपराधियों की धरपकड़ तेज करने और लंबित मामलों के शीघ्रता से खुलासे करने पर भी जोर दिया। एसएसी डॉ. सदानंद दाते ने जिले में अपराध रोकने के लिए चलाए गए अभियान और उनकी प्रगति रिपोर्ट भी डीआईजी के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में एसपी देवेंद्र पिंचा, डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, सीओ स्वतंत्र कुमार सहित जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
रुद्रपुर एसएसपी कार्यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते डीआईजी पूरन सिंह रावत।
रुद्रपुर। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने जिलेभर में आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण लगाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत जिले भर के 17 थानों में तैनात एक एसआई और एक कांस्टेबल रोजाना एसएसपी को थानों की समस्या से अवगत कराएंगे। अपराध नियंत्रण के लिए भी विशेष लक्ष्य पूरा कर उसकी रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय में पेश की जाएगी। खुद एसएसपी पूरी कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे। एसएसपी ने लंबित मामलों के खुलासे के लिए कवायद की है।
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इसके अनुसार जिले के प्रत्येक थानों में से रोजाना पुलिस लाइन में अपनी आमद कराने वाले एक दरोगा और एक कांस्टेबल अब एसएसपी को थानों की प्रगति और समस्या बताने के साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए उनके द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा करेंगे। एसएसपी इससे एसआई और कांस्टेबल से सीधा संवाद कर उनकी समस्या से रूबरू होंगे। किसी भी टास्क को पूरा करने के लिए एक ही जगह पर पर्याप्त पुलिस फोर्स भी मिल जाएगी। एसएसपी डॉ. दाते के अनुसार कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों की समस्याओं से अवगत होना और उन्हें किसी भी तरह का लक्ष्य पाने के लिए तैयार करना है।
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बाहरी जनपदों के अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए किराएदारों के साथ ही निजी कंपनियों के सुरक्षा गार्डों का सत्यापन किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग में अनुशासन के महत्व को बताते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को अनुशासित रहकर काम करने की हिदायत दी। खनन माफिया पर अंकुश लगाने के साथ ही इनामी अपराधियों की धरपकड़ तेज करने और लंबित मामलों के शीघ्रता से खुलासे करने पर भी जोर दिया। एसएसी डॉ. सदानंद दाते ने जिले में अपराध रोकने के लिए चलाए गए अभियान और उनकी प्रगति रिपोर्ट भी डीआईजी के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में एसपी देवेंद्र पिंचा, डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, सीओ स्वतंत्र कुमार सहित जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
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रुद्रपुर एसएसपी कार्यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते डीआईजी पूरन सिंह रावत।
रुद्रपुर। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने जिलेभर में आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण लगाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत जिले भर के 17 थानों में तैनात एक एसआई और एक कांस्टेबल रोजाना एसएसपी को थानों की समस्या से अवगत कराएंगे। अपराध नियंत्रण के लिए भी विशेष लक्ष्य पूरा कर उसकी रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय में पेश की जाएगी। खुद एसएसपी पूरी कार्ययोजना की समीक्षा करेंगे। एसएसपी ने लंबित मामलों के खुलासे के लिए कवायद की है।
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इसके अनुसार जिले के प्रत्येक थानों में से रोजाना पुलिस लाइन में अपनी आमद कराने वाले एक दरोगा और एक कांस्टेबल अब एसएसपी को थानों की प्रगति और समस्या बताने के साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए उनके द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा करेंगे। एसएसपी इससे एसआई और कांस्टेबल से सीधा संवाद कर उनकी समस्या से रूबरू होंगे। किसी भी टास्क को पूरा करने के लिए एक ही जगह पर पर्याप्त पुलिस फोर्स भी मिल जाएगी। एसएसपी डॉ. दाते के अनुसार कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों की समस्याओं से अवगत होना और उन्हें किसी भी तरह का लक्ष्य पाने के लिए तैयार करना है।