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आय व्यय के ब्योरे में गहमागहमी के बीच अधिवेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
Updated Sun, 15 Feb 2015 10:57 PM IST
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दो दिवसीय चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ का प्रांतीय अधिवेशन का समापन हो गया है। इस दौरान आय-व्यय के ब्योरे को लेकर काफी गहमागहमी का माहौल रहा। संगठन पदाधिकारियों से सरकार पर दबाव बनाने का दम रखने और संगठन हित में कार्य करने की अपेक्षा जताई गई।
आर्य कन्या इंटर कालेज परिसर में आयोजित महासंघ का दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का समापन हो गया है। इससे पहले वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल पर चर्चा की गई साथ ही आय-व्यय का हिसाब रखा गया। इस दौरान वर्तमान पदाधिकारियों के आय-व्यय के गोलमोल हिसाब देने पर सदस्यों ने विरोध जताया। साथ ही माहौल गरमाने की स्थिति में पहुंच गया। इस पर वर्तमान अध्यक्ष को दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान जिला इकाइयों से शुल्क के रुप में उपलब्ध धनराशि और खर्च का हिसाब साफ साफ देना पड़ा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बीते दिन छह सूत्रीय मांग पत्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे काबीना मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल को सौंपा जा चुका है। मगर नए पदाधिकारियों से उम्मीद है कि वे मांगों को मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं। बाद में द्विवार्षिक प्रांतीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। वहां दरबान सिंह मेहता, मनोहर कांत मिश्रा, राजपाल, मंगल नेगी, आनंद सिंह रावत, सुरेंद्र भंडारी, अनिल चौधरी, शंकर आर्या, राजेश भारती, केके शुक्ला, कल्याण गिरी, बीबी पाठक, आनंद पाठक, डीएल उखयाल, त्रिलोक नेगी, प्यार सिंह राणा, भवान सिंह, नरेंद्र बागड़ी, जीवन औली, रघुवर दत्त पुनेठा, भीम सिंह, देवेश चंद्र देवशाली आदि मौजूद थे।
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आर्य कन्या इंटर कालेज परिसर में आयोजित महासंघ का दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का समापन हो गया है। इससे पहले वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल पर चर्चा की गई साथ ही आय-व्यय का हिसाब रखा गया। इस दौरान वर्तमान पदाधिकारियों के आय-व्यय के गोलमोल हिसाब देने पर सदस्यों ने विरोध जताया। साथ ही माहौल गरमाने की स्थिति में पहुंच गया। इस पर वर्तमान अध्यक्ष को दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान जिला इकाइयों से शुल्क के रुप में उपलब्ध धनराशि और खर्च का हिसाब साफ साफ देना पड़ा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बीते दिन छह सूत्रीय मांग पत्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे काबीना मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल को सौंपा जा चुका है। मगर नए पदाधिकारियों से उम्मीद है कि वे मांगों को मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं। बाद में द्विवार्षिक प्रांतीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। वहां दरबान सिंह मेहता, मनोहर कांत मिश्रा, राजपाल, मंगल नेगी, आनंद सिंह रावत, सुरेंद्र भंडारी, अनिल चौधरी, शंकर आर्या, राजेश भारती, केके शुक्ला, कल्याण गिरी, बीबी पाठक, आनंद पाठक, डीएल उखयाल, त्रिलोक नेगी, प्यार सिंह राणा, भवान सिंह, नरेंद्र बागड़ी, जीवन औली, रघुवर दत्त पुनेठा, भीम सिंह, देवेश चंद्र देवशाली आदि मौजूद थे।
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