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Udham Singh Nagar News: श्रमिकों का खटीमा तहसील में प्रदर्शन
Wed, 19 Apr 2023 01:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 19 Apr 2023 01:24 AM IST
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खटीमा में प्रदर्शन करते फाइबर्स फैक्टरी के श्रमिक। संवाद
खटीमा। खटीमा फाइबर्स फैक्टरी के कुछ प्लांट बंद होने से करीब 200 श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। पिछले नौ महीनों से उनके भविष्य निधि खातों में भी राशि जमा नहीं कराई गई है। इससे परेशान श्रमिकों ने मंगलवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौंपा।
श्रमिकों ने एसडीएम को बताया कि कारण बताए बिना 17 अप्रैल से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। श्रमिकों ने कारखाना प्रबंधन पर शोषण उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। कहा कि कोरोना काल में सामर्थ्य के अनुरूप सहयोग करने के बाद भी उनकी अनदेखी की जा रही है। श्रमिकों ने एसडीएम बिष्ट से तत्काल सेवा चालू कराने की मांग की। एसडीएम बिष्ट ने श्रमिकों को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने एवं प्रदर्शन करने वालों में अखिलेश सिंह, राजेंद्र सिंह, राम चंद्र पुनेठा, नीरज पाल, गोविंद राणा, कैलाश चंद, धनपाल मौर्य, चुन्नी लाल आदि थे।
कुछ प्लांट वित्तीय संकट के कारण बंद
खटीमा। खटीमा फाइबर्स फैक्टरी के एकाउंट हेड शेखर पुनेरा ने बताया कि कारखाने के एमडी डॉ. राकेश चंद्र रस्तोगी अस्वस्थ हैं। कारखाने के कुछ प्लांट वित्तीय संकट के कारण बंद हैं। सभी श्रमिकों के साथ समान व्यवहार होगा। आगे की स्थिति बृहस्पतिवार तक स्पष्ट हो सकेगी। वहीं फैक्टरी के प्रबंधक शंकर सिंह रावत ने बताया कि कारखाने के प्लांट पिछले 15 दिन से बंद हैं। कारखाने के एमडी आरसी रस्तोगी एक-दो दिन में लौटेंगे। किस प्लांट की मशीन चलानी है इसका निर्णय वही करेंगे। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अमित पांडे ने बताया कि खटीमा फाइबर्स का श्रमिक असंतोष उनके संज्ञान में भी आया है। राज्य सरकार श्रमिकों के साथ खड़ी है। उनके साथ किसी तरह से अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने श्रमिक असंतोष में कांग्रेसियों पर राजनीतिक करने का आरोप लगाया।
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कारखाने के कुछ प्लांट बंद होने से खटीमा फाइबर्स फैक्टरी के श्रमिक बेरोजगार हैं। श्रमिकों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या सुलझाने की मांग की है। इस संबंध में कारखाने के प्रतिनिधि शंकर सिंह रावत ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय पहुंच कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वित्तीय संकट के कारण कुछ मशीनें 17 अप्रैल से बंद हैं। बृहस्पतिवार तक स्थिति स्पष्ट होने पर इस पूरे प्रकरण की जांच कर कारखाने की स्थिति पता चलेगी। श्रमिकों के हित सुरक्षित रहे ऐसा प्रयास किया जाएगा और स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। - मीनाक्षी भट्ट, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, श्रम कार्यालय खटीमा।
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श्रमिकों ने एसडीएम को बताया कि कारण बताए बिना 17 अप्रैल से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। श्रमिकों ने कारखाना प्रबंधन पर शोषण उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। कहा कि कोरोना काल में सामर्थ्य के अनुरूप सहयोग करने के बाद भी उनकी अनदेखी की जा रही है। श्रमिकों ने एसडीएम बिष्ट से तत्काल सेवा चालू कराने की मांग की। एसडीएम बिष्ट ने श्रमिकों को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने एवं प्रदर्शन करने वालों में अखिलेश सिंह, राजेंद्र सिंह, राम चंद्र पुनेठा, नीरज पाल, गोविंद राणा, कैलाश चंद, धनपाल मौर्य, चुन्नी लाल आदि थे।
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कुछ प्लांट वित्तीय संकट के कारण बंद
खटीमा। खटीमा फाइबर्स फैक्टरी के एकाउंट हेड शेखर पुनेरा ने बताया कि कारखाने के एमडी डॉ. राकेश चंद्र रस्तोगी अस्वस्थ हैं। कारखाने के कुछ प्लांट वित्तीय संकट के कारण बंद हैं। सभी श्रमिकों के साथ समान व्यवहार होगा। आगे की स्थिति बृहस्पतिवार तक स्पष्ट हो सकेगी। वहीं फैक्टरी के प्रबंधक शंकर सिंह रावत ने बताया कि कारखाने के प्लांट पिछले 15 दिन से बंद हैं। कारखाने के एमडी आरसी रस्तोगी एक-दो दिन में लौटेंगे। किस प्लांट की मशीन चलानी है इसका निर्णय वही करेंगे। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अमित पांडे ने बताया कि खटीमा फाइबर्स का श्रमिक असंतोष उनके संज्ञान में भी आया है। राज्य सरकार श्रमिकों के साथ खड़ी है। उनके साथ किसी तरह से अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने श्रमिक असंतोष में कांग्रेसियों पर राजनीतिक करने का आरोप लगाया।
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कारखाने के कुछ प्लांट बंद होने से खटीमा फाइबर्स फैक्टरी के श्रमिक बेरोजगार हैं। श्रमिकों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या सुलझाने की मांग की है। इस संबंध में कारखाने के प्रतिनिधि शंकर सिंह रावत ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय पहुंच कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वित्तीय संकट के कारण कुछ मशीनें 17 अप्रैल से बंद हैं। बृहस्पतिवार तक स्थिति स्पष्ट होने पर इस पूरे प्रकरण की जांच कर कारखाने की स्थिति पता चलेगी। श्रमिकों के हित सुरक्षित रहे ऐसा प्रयास किया जाएगा और स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। - मीनाक्षी भट्ट, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, श्रम कार्यालय खटीमा।