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Udham Singh Nagar News: सिस्टम को ठेंगा... आयुष्मान कार्ड धारक को रुपये देकर मिला इलाज
Tue, 09 Dec 2025 12:39 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:39 AM IST
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रुद्रपुर। जिले के कई निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों उपचार नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायत और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी के बाद भी जरूरतमंद मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। ताजा मामला शहर में किच्छा रोड स्थित एक नामी अस्पताल का है। शिकायतकर्ता जयनगर निवासी बृजनारायण सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अस्पताल के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने बताया की किच्छा रोड स्थित नामी अस्पताल में उन्होंने अपनी बच्चों को बीते चार दिसंबर को उपचार के लिए दिखाया था। बच्ची को आंत संबंधी बीमारी थी। उन्होंने उपचार से पहले ही डॉक्टरों से मरीज का आयुष्मान योजना के तहत ही उपचार कराने की बात कही थी लेकिन डॉक्टरों ने उनसे रोजाना 2500 रुपये जमा कराने की बात कही। उनके नहीं मानने पर अस्पताल प्रबंधन ने 1200 रुपये जमा कराने की पेशकश की। इसके बाद उन्होंने अपनी विवशता बताते हुए प्रबंधन से दूसरे अस्पताल में मरीज को ले जाने की बात कही तो प्रबंधन ने सिर्फ 1000 रुपये ही जमा करा देने की बात कही। आखिरकार मरीज की गंभीर स्थिति देख परिजनों ने अस्पताल में उपचार जारी रखा।
बृजनारायण सिंह ने बताया की वह कुल सात हजार रुपये अस्पताल में जमा करा चुके हैं। वहीं लाख गुहार लगाने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया। यहां लोगों का कहना है कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए आने वाले मरीजों को आए परेशान होना पड़ता है।
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शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर निजी अस्पताल की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ
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उन्होंने बताया की किच्छा रोड स्थित नामी अस्पताल में उन्होंने अपनी बच्चों को बीते चार दिसंबर को उपचार के लिए दिखाया था। बच्ची को आंत संबंधी बीमारी थी। उन्होंने उपचार से पहले ही डॉक्टरों से मरीज का आयुष्मान योजना के तहत ही उपचार कराने की बात कही थी लेकिन डॉक्टरों ने उनसे रोजाना 2500 रुपये जमा कराने की बात कही। उनके नहीं मानने पर अस्पताल प्रबंधन ने 1200 रुपये जमा कराने की पेशकश की। इसके बाद उन्होंने अपनी विवशता बताते हुए प्रबंधन से दूसरे अस्पताल में मरीज को ले जाने की बात कही तो प्रबंधन ने सिर्फ 1000 रुपये ही जमा करा देने की बात कही। आखिरकार मरीज की गंभीर स्थिति देख परिजनों ने अस्पताल में उपचार जारी रखा।
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बृजनारायण सिंह ने बताया की वह कुल सात हजार रुपये अस्पताल में जमा करा चुके हैं। वहीं लाख गुहार लगाने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया। यहां लोगों का कहना है कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए आने वाले मरीजों को आए परेशान होना पड़ता है।
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शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर निजी अस्पताल की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ