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करंट मिले तो चले नलकूप
ब्यूरो, अमर उजाला, खटीमा
Updated Mon, 08 Jun 2015 12:27 AM IST
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30 लाख खर्च कर दो साल पहले नलकूप तो लगा दिया गया, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं मिला। अगर नलकूप चलता है तो 175 हेक्टेअर भूमि को सींचने के लिए पानी की समस्या दूर हो जाएगी। नलकूप नहीं चलने से किसान परेशान हैं।
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ग्रामसभा घोसीकुआं के किसानों की सुविधा के लिए उत्तराखंड नलकूप विभाग द्वारा वर्ष 2013 में इस सरकारी नलकूप की शुरुआत की। ग्राम सभा के किसान राम सिंह ने नलकूप के लिए अपने घर के पास आधी बीघा भूमि भी दान दी है। सिंचाई के लिए 1200 मीटर लंबी गूलें बन चुकी हैं जबकि 800 मीटर गूलें और बनानी हैं। नलकूप 500 से 600 फीट गहरा अच्छा पानी देने वाला बताया जा रहा है। नलकूप के शुरू होने की राम सिंह, उत्तम सिंह, खुशाल सिंह, चंद्रकांत भट्ट, सदानंद जोशी, कृष्णा राजा, मदन सिंह राणा, फूल कुमार राणा, अंग्रेज सिंह राणा, अनिल राणा, अर्जुन धामी, मदन सिंह बिष्ट, हरिओम सहित कई छोटी-बड़ी जोत के किसान बाट जोह रहे हैं।
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