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सब सिक्खन को हुक्म है गुरु मानियो ग्रंथ
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दिनेशपुर मे बैसाखी के अवसर पर गुरुद्वारे में सजा दीवान।
- फोटो : RUDRAPUR
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दिनेशपुर। खालसा पंथ के सृजना दिवस बैसाखी के अवसर पर गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी में पिछले चार दिनों से चल रहे धार्मिक समागम का समापन हो गया। अंतिम दिन गुरुद्वारा परिसर में सजाए गए भव्य दिवान के आगे कविसरी, रागी जत्थों के अलावा महिलाओं ने कीर्तन कर गुरु की महिमा का बखान किया। कथावाचकों ने खालसा पंथ के इतिहास सुनाकर संगत को निहाल किया। इस दौरान दस्तार सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ।
बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा परिसर में पिछले दिनों रखे गए अखंड पाठ का भोग पड़ा। डेरा कारसेवा बंगला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली के सरपरस्त बाबा बचन सिंह ने कहा कि 1699 में आज ही के दिन धर्म की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना करते हुए श्रीगुरु गोविंद सिंह जी ने कहा था कि ‘खालसा अकाल पुरख की फौज, परगटियों खालसा परमात्म की मौज’।
उन्होंने कहा कि श्रीगुरु महाराज ने कहा था कि ‘सब सिक्खन को हुक्म है गुरु मानियो ग्रंथ’। नानकपुरी टांडा गुरुद्वारा के सरपरस्त बाबा गुरजंट सिंह जी ने जानकारी दी। गुरुद्वारा के सरपरस्त गुरुपंथ के दास बाबा अमरीक सिंह खारा ने कहा कि खालसा पंथ का एकमात्र गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब है जो हमें त्याग और बलिदान का पाठ सिखाता है। दोपहर बाद रुद्रपुर के खालसा टर्बन के संस्थापक सिमरनजीत सिंह लाडी ने दस्तार सजाओ मुकाबला संपन्न करया। विजेताओं को सरोपा भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर जारी रहा।
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संगत की अगुवाई में चल रहे चार दिनी कार्यक्रम का समापन हो गया। संचालन डॉ. कुलवंत सिंह विर्क ने किया। कार्यक्रम में बाबा गुरदेव सिंह, हरपाल सिंह चीमा, डॉ बलवंत सिंह, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष काबल सिंह, गगनदीप सिंह रंधावा, हरपाल सिंह मनेश, सर्वजीत सिंह फौजी, मनदीप सिंह, भगवंत सिंह, जशनदीप सिंह, साहब सिंह, हजारा सिंह, मक्खन सिंह, सतनाम सिंह आदि थे।
बाबा भूमनशाह डेरे पर लगा बैसाखी मेला
गदरपुर/किच्छा। बैसाखी पर्व पर बाबा भूमनशाह डेरे पर इस वर्ष भी बैसाखी मेला बड़ी धूमधाम से मनाया गया। बैसाखी के पावन पर्व पर रागी जत्थे ने सबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कथा वाचकों ने गुरबाणी पाठ के सिमरन के महत्व के बारे में जानकारी दी। बैसाखी मेले में दूरदराज के ग्रामों से आए लोग शामिल हुए। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर भी चलता रहा। हजारों की संख्या में संगत ने सेवा कर प्रसाद ग्रहण किया। बाबा भूमन शाह कमेटी के अध्यक्ष हाकम राम ने बैसाखी मेले में पहुंची संगत का आभार जताया।
वहां महामंत्री रामचंद्र, कोषाध्यक्ष प्रीतम कुमार, ग्राम प्रधान मंगल सिंह, पूरन चंद कंबोज, श्यामचंद, अशोक कंबोज, ओम प्रकाश, हरबंस लाल, टेक चंद कंबोज, कश्मीर लाल, देसराज कंबोज, विरेंद्र कुमार, राहुल कंबोज एवं राकेश कुमार आदि मौजूद थे। किच्छा में बैसाखी पर नगर के गुरुद्वारे, मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ लगी रही। पुरानी अनाज मंडी स्थित गुरुद्वारे में सुबह दीवान सजा। इस मौके पर गुरु की अरदास में प्रदेश व देश की उन्नति की प्रार्थना की गई। आवास विकास कॉलोनी स्थित श्री गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे में अटूट लंगर बरता गया। गुरुद्वारे में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नगर के अन्य धार्मिक स्थलों पर बैसाखी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। संवाद
बोले सो निहाल सतश्री अकाल की गूंज
सिख संगत सेवा सोसायटी ने निकाला खालसा चेतना मार्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सितारगंज। सिख संगत सेवा सोसायटी की ओर से गुरुद्वारा श्री सिंह सभा से खालसा चेतना मार्च का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने मार्च में शिरकत कर बोले सो निहाल सत श्री अकाल के गगनभेदी नारे लगाए। खालसा चेतना मार्च खटीमा रोड, महाराणा प्रताप चौक होते हुए, बघौरा, सिसईखेड़ा, बिडौरा, मझोला से ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचा। संगत ने मार्च का जगह-जगह भव्य स्वागत भी किया।
बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में अरदास के बाद गुरुग्रंथ साहिब की रहनुमाई एवं पंच प्यारों की अगुवाई में खालसा चेतना मार्च निकाला गया। महिला संगत गुरुग्रंथ साहिब की सवारी के आगे सफाई करती चल रही थीं। गुरुग्रंथ साहिब की सवारी में श्रद्धालु माथा टेककर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा की जा रही थी। धार्मिक जत्थे गुरुओं की महिमा का गुणगान करते चल रहे थे। गतका पार्टी व बैगपाइपर बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। 12 किमी की यात्रा में जगह-जगह संगत के लिए प्रसाद वितरण किया गया।
खालसा चेतना मार्च का नानकमत्ता पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से भव्य स्वागत किया गया। साथ ही संगत ने पुष्प वर्षा की। वहां सोसायटी के अध्यक्ष बलबीर सिंह, सचिव नवतेज सिंह, संयोजक सोप्रीत बॉबी भाटिया, ब्लॉक प्रमुख कमलजीत कौर, दलवीर सिंह बल, सुखवीर सिंह बेदी, महेश मित्तल, भाईपाल सिंह, दर्शन सिंह, भाई स्वर्ण सिंह, पलविंदर सिंह औलख, सुखदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह देओल, गुरसेवक सिंह, नरेंद्र बमराह, मक्खन सिंह आदि थे।
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बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा परिसर में पिछले दिनों रखे गए अखंड पाठ का भोग पड़ा। डेरा कारसेवा बंगला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली के सरपरस्त बाबा बचन सिंह ने कहा कि 1699 में आज ही के दिन धर्म की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना करते हुए श्रीगुरु गोविंद सिंह जी ने कहा था कि ‘खालसा अकाल पुरख की फौज, परगटियों खालसा परमात्म की मौज’।
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उन्होंने कहा कि श्रीगुरु महाराज ने कहा था कि ‘सब सिक्खन को हुक्म है गुरु मानियो ग्रंथ’। नानकपुरी टांडा गुरुद्वारा के सरपरस्त बाबा गुरजंट सिंह जी ने जानकारी दी। गुरुद्वारा के सरपरस्त गुरुपंथ के दास बाबा अमरीक सिंह खारा ने कहा कि खालसा पंथ का एकमात्र गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब है जो हमें त्याग और बलिदान का पाठ सिखाता है। दोपहर बाद रुद्रपुर के खालसा टर्बन के संस्थापक सिमरनजीत सिंह लाडी ने दस्तार सजाओ मुकाबला संपन्न करया। विजेताओं को सरोपा भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर जारी रहा।
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संगत की अगुवाई में चल रहे चार दिनी कार्यक्रम का समापन हो गया। संचालन डॉ. कुलवंत सिंह विर्क ने किया। कार्यक्रम में बाबा गुरदेव सिंह, हरपाल सिंह चीमा, डॉ बलवंत सिंह, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष काबल सिंह, गगनदीप सिंह रंधावा, हरपाल सिंह मनेश, सर्वजीत सिंह फौजी, मनदीप सिंह, भगवंत सिंह, जशनदीप सिंह, साहब सिंह, हजारा सिंह, मक्खन सिंह, सतनाम सिंह आदि थे।
बाबा भूमनशाह डेरे पर लगा बैसाखी मेला
गदरपुर/किच्छा। बैसाखी पर्व पर बाबा भूमनशाह डेरे पर इस वर्ष भी बैसाखी मेला बड़ी धूमधाम से मनाया गया। बैसाखी के पावन पर्व पर रागी जत्थे ने सबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कथा वाचकों ने गुरबाणी पाठ के सिमरन के महत्व के बारे में जानकारी दी। बैसाखी मेले में दूरदराज के ग्रामों से आए लोग शामिल हुए। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर भी चलता रहा। हजारों की संख्या में संगत ने सेवा कर प्रसाद ग्रहण किया। बाबा भूमन शाह कमेटी के अध्यक्ष हाकम राम ने बैसाखी मेले में पहुंची संगत का आभार जताया।
वहां महामंत्री रामचंद्र, कोषाध्यक्ष प्रीतम कुमार, ग्राम प्रधान मंगल सिंह, पूरन चंद कंबोज, श्यामचंद, अशोक कंबोज, ओम प्रकाश, हरबंस लाल, टेक चंद कंबोज, कश्मीर लाल, देसराज कंबोज, विरेंद्र कुमार, राहुल कंबोज एवं राकेश कुमार आदि मौजूद थे। किच्छा में बैसाखी पर नगर के गुरुद्वारे, मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ लगी रही। पुरानी अनाज मंडी स्थित गुरुद्वारे में सुबह दीवान सजा। इस मौके पर गुरु की अरदास में प्रदेश व देश की उन्नति की प्रार्थना की गई। आवास विकास कॉलोनी स्थित श्री गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे में अटूट लंगर बरता गया। गुरुद्वारे में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नगर के अन्य धार्मिक स्थलों पर बैसाखी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। संवाद
बोले सो निहाल सतश्री अकाल की गूंज
सिख संगत सेवा सोसायटी ने निकाला खालसा चेतना मार्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सितारगंज। सिख संगत सेवा सोसायटी की ओर से गुरुद्वारा श्री सिंह सभा से खालसा चेतना मार्च का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने मार्च में शिरकत कर बोले सो निहाल सत श्री अकाल के गगनभेदी नारे लगाए। खालसा चेतना मार्च खटीमा रोड, महाराणा प्रताप चौक होते हुए, बघौरा, सिसईखेड़ा, बिडौरा, मझोला से ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचा। संगत ने मार्च का जगह-जगह भव्य स्वागत भी किया।
बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में अरदास के बाद गुरुग्रंथ साहिब की रहनुमाई एवं पंच प्यारों की अगुवाई में खालसा चेतना मार्च निकाला गया। महिला संगत गुरुग्रंथ साहिब की सवारी के आगे सफाई करती चल रही थीं। गुरुग्रंथ साहिब की सवारी में श्रद्धालु माथा टेककर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा की जा रही थी। धार्मिक जत्थे गुरुओं की महिमा का गुणगान करते चल रहे थे। गतका पार्टी व बैगपाइपर बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। 12 किमी की यात्रा में जगह-जगह संगत के लिए प्रसाद वितरण किया गया।
खालसा चेतना मार्च का नानकमत्ता पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से भव्य स्वागत किया गया। साथ ही संगत ने पुष्प वर्षा की। वहां सोसायटी के अध्यक्ष बलबीर सिंह, सचिव नवतेज सिंह, संयोजक सोप्रीत बॉबी भाटिया, ब्लॉक प्रमुख कमलजीत कौर, दलवीर सिंह बल, सुखवीर सिंह बेदी, महेश मित्तल, भाईपाल सिंह, दर्शन सिंह, भाई स्वर्ण सिंह, पलविंदर सिंह औलख, सुखदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह देओल, गुरसेवक सिंह, नरेंद्र बमराह, मक्खन सिंह आदि थे।