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महिलाओं ने टुबड़ी व्रत रखकर पतियों के दीर्घायु की कामना की
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किच्छा में हंसली नदी तट पर टुबड़ी पर्व पर पूजा करने पहुंची पंजाबी समाज की सुहागिनें
- फोटो : KITCHHA
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केलाखेड़ा। महिलाओं ने निर्जला टुबड़ी व्रत रखकर पतियों की दीर्घायु की ईश्वर से कामना की। गड़री नदी के तट पर जाकर महिलाओं ने शुक्रवार देर शाम को पूजा-अर्चना की। खत्री, पंजाबी समाज की सुहागिन महिलाएं टुबड़ी व्रत रखती हैं। सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही निर्जला व्रत रखकर अपने पतियों की दीर्घायु की ईश्वर से कामना की।
नगर निवासी मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापक ममता खुराना ने बताया कि नगर क्षेत्र की कई महिलाओं ने देर शाम गड़री नदी के तट पर जाकर अन्न, सब्जी, गन्ने से पूजा-अर्चना की। बताया कि परंपरानुसार पंजाबी एवं खत्री समाज की प्रत्येक महिला को यह व्रत रखना चाहिए। मौके पर महिलाओं ने रेबड़ी, मूंगफली, खील-बतासे आदि का प्रसाद बांटा। महिलाओं ने मोमबत्तियां भी जलाईं और मिट्टी से घर भी बनाए। वहां शालिनि, कीर्ति, बाला, पूनम, अनिता कालड़ा, पूनम चानना, अंजू,, बीना ठुकराल आदि थीं। संवाद
पंजाबी महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए रखा टुबड़ी व्रत
किच्छा। पंजाबी बिरादरी का टुबड़ी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सुहागिनों ने दिन भर निर्जला रहकर नदी तट पर पूजा-अर्चना की व चांद के दर्शन करके व्रत तोड़ा। इस मौके पर बंडिया स्थित हंसली नदी पर बड़ी तादाद में सुहागिन महिलाओं की भीड़ लगी रही।
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करवाचौथ की तरह पंजाबी समाज की महिलाएं अपने पति की दीर्घायु व घर पर लक्ष्मी आगमन के लिए प्रतिवर्ष यह व्रत रखती हैं। इसमें सुहागिनें सुबह से ही दिन भर निर्जला रहती हैं। सायंकाल में सभी महिलाएं नदी तट पर अपने ईष्ट देवताओं को याद करते हुए पति व परिवार की दीर्घायु की कामना करते हुए पूजा- अर्चन करती हैं। नदी तट पर रेत का घर बनाकर हरियाली व अन्न से भरपूर किया जाता है।
बाद में अपने ईष्ट देवता की पूजा के बाद नदी में दीपक प्रवाहित किए जाते हैं। लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी। वहां मान्या खुराना, रामकली चावला, रेखा टक्कर, मोना टक्कर, शिवराज कुमारी, ऊषा खुराना, पूजा फुटेला, ममता पुजारा, आरती फुटेला, गीता बत्रा, नेहा बत्रा, रुचि चावला आदि थीं। इधर निकटवर्ती पंजाबी बाहुल्य ग्राम मलसा गिरधरपुर, शिमला पिस्तौर, रामेश्वरपुर, महाराजपुर, कनकपुर, चकौनी, मिलख आदि क्षेत्रों में भी टुबड़ी व्रत के लिए महिलाएं नदी तट पर पहुंची और पूजा-अर्चना की।
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नगर निवासी मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापक ममता खुराना ने बताया कि नगर क्षेत्र की कई महिलाओं ने देर शाम गड़री नदी के तट पर जाकर अन्न, सब्जी, गन्ने से पूजा-अर्चना की। बताया कि परंपरानुसार पंजाबी एवं खत्री समाज की प्रत्येक महिला को यह व्रत रखना चाहिए। मौके पर महिलाओं ने रेबड़ी, मूंगफली, खील-बतासे आदि का प्रसाद बांटा। महिलाओं ने मोमबत्तियां भी जलाईं और मिट्टी से घर भी बनाए। वहां शालिनि, कीर्ति, बाला, पूनम, अनिता कालड़ा, पूनम चानना, अंजू,, बीना ठुकराल आदि थीं। संवाद
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पंजाबी महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए रखा टुबड़ी व्रत
किच्छा। पंजाबी बिरादरी का टुबड़ी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सुहागिनों ने दिन भर निर्जला रहकर नदी तट पर पूजा-अर्चना की व चांद के दर्शन करके व्रत तोड़ा। इस मौके पर बंडिया स्थित हंसली नदी पर बड़ी तादाद में सुहागिन महिलाओं की भीड़ लगी रही।
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करवाचौथ की तरह पंजाबी समाज की महिलाएं अपने पति की दीर्घायु व घर पर लक्ष्मी आगमन के लिए प्रतिवर्ष यह व्रत रखती हैं। इसमें सुहागिनें सुबह से ही दिन भर निर्जला रहती हैं। सायंकाल में सभी महिलाएं नदी तट पर अपने ईष्ट देवताओं को याद करते हुए पति व परिवार की दीर्घायु की कामना करते हुए पूजा- अर्चन करती हैं। नदी तट पर रेत का घर बनाकर हरियाली व अन्न से भरपूर किया जाता है।
बाद में अपने ईष्ट देवता की पूजा के बाद नदी में दीपक प्रवाहित किए जाते हैं। लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी। वहां मान्या खुराना, रामकली चावला, रेखा टक्कर, मोना टक्कर, शिवराज कुमारी, ऊषा खुराना, पूजा फुटेला, ममता पुजारा, आरती फुटेला, गीता बत्रा, नेहा बत्रा, रुचि चावला आदि थीं। इधर निकटवर्ती पंजाबी बाहुल्य ग्राम मलसा गिरधरपुर, शिमला पिस्तौर, रामेश्वरपुर, महाराजपुर, कनकपुर, चकौनी, मिलख आदि क्षेत्रों में भी टुबड़ी व्रत के लिए महिलाएं नदी तट पर पहुंची और पूजा-अर्चना की।

केलाखेड़ा में गड़री नदी घाट पर पूजा अर्चना करती व्रती महिलाएं।- फोटो : BAZPUR