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गदरपुर के अवर अभियंता और एसएसओ सस्पेंड
Tue, 23 Apr 2019 12:00 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Published by: अरुण कुमार
Updated Tue, 23 Apr 2019 12:00 AM IST
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गदरपुर की फ्लोर मिल में पकड़ी गई बिजली चोरी के मामले में विभागीय अधिकारियों पर गाज गिरी है। गदरपुर उपखंड के अवर अभियंता और एसएसओ की लापरवाही पर दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, कांट्रेक्ट पर काम करने वाले लाइनमैन को नौकरी से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
शनिवार की रात मुखबिर की सूचना पर ऊर्जा निगम और सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने गदरपुर की यशोदा फ्लोर मिल में छापा मारा था। वहां चोरी से केबल के जरिये 11 केवी की लाइन से फैक्ट्री का 800 केवीए का ट्रांसफार्मर उर्जीकृत होता मिला था। इस पर टीम ने 11 केवी की लाइन से केबल काटकर करीब 90 मीटर केबल जब्त की गई थी। इसके साथ ही करीब 98 केवी बिजली चोरी किए जाने का आकलन कर मिल मालिक अजय कुमार पांडेय के खिलाफ विद्युत अधिनियम 135 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी ने चोरी की गई बिजली के सापेक्ष करीब 70 लाख रुपये का जुर्माना होने लगाने की बात कही थी।
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सोमवार को अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने विद्युत सब स्टेशन गदरपुर उपखंड के अवर अभियंता महेंद्र कुमार और सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) नारायण सिंह पानू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही साथ ही कांट्रेक्ट पर काम कर रहे लाइनमैन उमेश कुमार को नौकरी से हटाते हुए सर्विस प्रोवाइडर एसएसजी के सचिव को कार्रवाई से अवगत कराते हुए पत्र भी भेजा है। अधीक्षण अभियंता टोलिया ने बताया कि कई महीनों से बिजली की चोरी की जा रही थी, लेकिन जेई, एसएसओ और लाइनमैन इसको लेकर जरा भी गंभीर नहीं थे। उनकी लापरवाही सामने आई है। इस पर यह कार्रवाई की गई है।
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दो ईई समेत तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने बताया कि गदरपुर की फ्लोर मिल में चोरी के मामले में विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी 15 दिनों के भी अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने बताया कि कमेटी में खटीमा ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता विनोद पांडेय, विद्युत परीक्षण खंड रुद्रपुर के अधिशासी अभियंता केके पंत और एक एसडीओ को शामिल किया गया है। रुद्रपुर के ईई उमाकांत चतुर्वेदी के उक्त छापा मार कार्रवाई में शामिल होने के बाद भी उन्हें फिलहाल जांच कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। एसई ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।