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चोरी की 22 बाइकों के साथ तीन गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:33 PM IST
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बाइक
- फोटो : अमर उजाला
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बाइक चोरी की घटनाओं में कोतवाली पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। लंबे समय से बाइक चोरों की तलाश में जुटी टीम ने बाइक चोर गैंग के तीन सदस्यों से 22 बाइकें बरामद की हैं। तीन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। सभी बरामद बाइकें रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र की हैं। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्य भी सलाखों के पीछे होंगे।
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लंबे समय से सक्रिय बाइक चोर गैंग के तीन सदस्य मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तीनों से पुलिस ने चोरी की 22 बाइकें बरामद की हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि सक्रिय वाहन चोर गिरोह की धरपकड़ के लिए कोतवाल जेसी पाठक के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था।
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टीम ने मंगलवार को रामपुर रोड सीमा से वार्ड नंबर 6 भूतबंगला निवासी निशार साह उर्फ घसीटा, आदिल और जितेंद्र यादव निवासी खेड़ा को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों ने चोरी की घटना में अपने तीन अन्य साथी मोबिन निवासी भूतबंगला और निजामुद्दीन, धनसिंह निवासी संभल के शामिल होने की बात कही है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बाइकों को दो से दस हजार रुपये में यूपी के जिलों में बेच देते थे। एसएसपी के अनुसार तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चोरी किए गए अन्य वाहनों की बरामदगी भी हो सकेगी।
गैंग में बंटे थे आरोपियों के काम
बाइक चोर गैंग के सभी सदस्यों ने चोरी को अंजाम देने सेे लेकर बाइकों को बेचने तक आपस में काम बांट रखे थे। जिसमें निसार और आदिल बाइकों की चोरी करते थे। जितेंद्र व मोबिन का काम चोरी की बाइकों को छुपाना और निजामुद्दीन व धनसिंह का काम इन्हें यूपी के जिलों में बेचना था। सही बाइक के खरीददार नहीं मिलने पर आरोपी उन्हें काटकर कबाड़ी को बेच देते थे।
यातायात नियमों का रखते थे ध्यान
बाइक चोरी करने के बाद पुलिस की धरपकड़ से बचने के लिए आरोपी बाइक को शहर से बाहर भेजने के दौरान यातायात नियमों का पूरा ध्यान रखते थे। चोरी करने के लिए निसार व आदिल एक बाइक से आते और सही बाइक मिलने के बाद उसे चुरा लेते थे। उसके बाद आदिल साथ लाई बाइक से आगे चलता और निसार चोरी की बाइक लेकर उसके पीछे चलता था। इस दौरान दोनों ही पुलिस की चेकिंग से बचने को हेलमेट का इस्तेमाल करते थे।
कोतवाल की रही कुशल रणनीति
रुद्रपुर। बाइक चोर गिरोह को पकड़ने में कोतवाल जेसी पाठक की कुशल रणनीति रही। कार्यभार संभालने के बाद इससे पहले भी पाठक चोरी की 14 बाइकों को बरामद कर चुके हैं। बाइक चोर गैंग को पकड़ने के लिए कोतवाल जेसी पाठक के नेतृत्व में जिस टीम का गठन किया गया था।
उसमें एसएसआई दौलत राम वर्मा, एसआई कमलेश भट्ट, विरेंद्र रमोला, विनोद सिंह, हेड कांस्टेबल प्रभाकर उपाध्याय, मोहन सिंह रावत, राजीव कुमार, कांस्टेबल संजय चौहान, तोरन सिंह, राकेश कांडपाल, दिनेश सिंह, दिनेश ध्यानी, जगदीश सिंह, शंकर टम्टा और हर्षवर्धन सिंह थे। डीआईजी अजय रौतेला ने टीम को पांच हजार और एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।