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बिजली चोरी मामले में एसई, ईई और एसडीओ निलंबित
Thu, 25 Apr 2019 12:20 AM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Thu, 25 Apr 2019 12:20 AM IST
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गदरपुर में इस फ्लोर मिल की गई कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
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गदरपुर के फ्लोर मिल में बिजली चोरी के मामले में सचिव ऊर्जा राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अधीक्षण अभियंता (एसई) नरेंद्र सिंह टोलिया, रुद्रपुर के अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी और एसडीओ गिरीश चंद्र आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तीनों अधिकारियों को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-4 उपनियम (1) के प्रावधानों के तहत निलंबित किया गया है। तीनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं, मुख्य अभियंता कुमाऊं को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रकरण की जांच निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को सौंपी गई है। ऊर्जा सचिव ने तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
गदरपुर स्थित मेसर्स यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में बिजली विभाग के अभियंताआें और कर्मचारियाें की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। मिल मालिक बिना वैध कनेक्शन के क्षेत्रीय अवर अभियंता व लाइनमैन की मिलीभगत से रात में बिजली चोरी कर मिल संचालित करता था। प्रकरण तब उजागर हुआ जब यूपीसीएल की विजिलेंस टीम ने 20 अप्रैल की देर रात छापा मारा। इंडस्ट्रीज के मालिक अजय कुमार पांडेय की ओर से चोरी से 11 केवी की लाइन से 800 केवीए का ट्रांसफार्मर उर्जीकृत किया जा रहा था। चोरी में प्रयुक्त करीब 90 मीटर केबल भी जब्त की गई थी।
जेई, एसएसओ पहले ही किए जा चुके हैं निलंबित
बता दें कि प्रबंध निदेशक के निर्देश पर मामले में अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने 22 अप्रैल को विद्युत सब स्टेशन गदरपुर उपखंड के अवर अभियंता महेंद्र कुमार, सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) नारायण सिंह पानू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। कांट्रेक्ट पर काम कर रहे लाइनमैन उमेश कुमार को नौकरी से निकाला था और तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी थी। साथ ही उपखंड अधिकारी गिरीश चंद्र आर्य के निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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मिल मालिक पर मुकदमा, 50 लाख जुर्माना
प्रकरण उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मिल मालिक पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस भी मामले की छानबीन में जुट गई है।
बिजली चोरी पकड़ने वालों पर कार्रवाई न्यायोचित नहीं : टोलिया
रुद्रपुर। निलंबित अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने चोरी पकड़ने वालों पर ही कार्रवाई को गलत बताया है। कहा कि गदरपुर यशोदा इंडस्ट्रीज में बिजली चोरी का मामला संज्ञान में था। विजिलेंस के साथ मिलकर योजना बनाई गई। उसके बाद छापा मार कर बिजली चोरी के मामले का पर्दाफाश किया गया। ऐसे में महकमे की ओर से छापा मारकर इतने बड़े बिजली चोरी के मामले को पकड़ने में लगे अधिकारियों को निलंबित करना न्यायोचित नहीं है। जो वास्तविक दोषी हैं, उन पर कार्रवाई की गई थी और जांच के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाती लेकिन इस मामले में उनको ही निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि गदरपुर में बिजली चोरी का यही एक मामला नहीं है, अन्य भी हैं। 12 अप्रैल को मुख्यालय में बैठक हुई थी। उसमें भी गदरपुर क्षेत्र में अत्यधिक बिजली चोरी पकड़ने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया था। बिजली चोरी के मामलों में एसएसपी की ओर से एफआईआर नहीं ली जा रही थी। इसलिए दस दिन के लिए विजिलेंस टीम की मांग की गई थी, जिससे चोरी पर अंकुश लगाया जा सके।
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गदरपुर स्थित मेसर्स यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में बिजली विभाग के अभियंताआें और कर्मचारियाें की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। मिल मालिक बिना वैध कनेक्शन के क्षेत्रीय अवर अभियंता व लाइनमैन की मिलीभगत से रात में बिजली चोरी कर मिल संचालित करता था। प्रकरण तब उजागर हुआ जब यूपीसीएल की विजिलेंस टीम ने 20 अप्रैल की देर रात छापा मारा। इंडस्ट्रीज के मालिक अजय कुमार पांडेय की ओर से चोरी से 11 केवी की लाइन से 800 केवीए का ट्रांसफार्मर उर्जीकृत किया जा रहा था। चोरी में प्रयुक्त करीब 90 मीटर केबल भी जब्त की गई थी।
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जेई, एसएसओ पहले ही किए जा चुके हैं निलंबित
बता दें कि प्रबंध निदेशक के निर्देश पर मामले में अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने 22 अप्रैल को विद्युत सब स्टेशन गदरपुर उपखंड के अवर अभियंता महेंद्र कुमार, सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) नारायण सिंह पानू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। कांट्रेक्ट पर काम कर रहे लाइनमैन उमेश कुमार को नौकरी से निकाला था और तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी थी। साथ ही उपखंड अधिकारी गिरीश चंद्र आर्य के निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
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मिल मालिक पर मुकदमा, 50 लाख जुर्माना
प्रकरण उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मिल मालिक पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पुलिस भी मामले की छानबीन में जुट गई है।
बिजली चोरी पकड़ने वालों पर कार्रवाई न्यायोचित नहीं : टोलिया
रुद्रपुर। निलंबित अधीक्षण अभियंता एनएस टोलिया ने चोरी पकड़ने वालों पर ही कार्रवाई को गलत बताया है। कहा कि गदरपुर यशोदा इंडस्ट्रीज में बिजली चोरी का मामला संज्ञान में था। विजिलेंस के साथ मिलकर योजना बनाई गई। उसके बाद छापा मार कर बिजली चोरी के मामले का पर्दाफाश किया गया। ऐसे में महकमे की ओर से छापा मारकर इतने बड़े बिजली चोरी के मामले को पकड़ने में लगे अधिकारियों को निलंबित करना न्यायोचित नहीं है। जो वास्तविक दोषी हैं, उन पर कार्रवाई की गई थी और जांच के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाती लेकिन इस मामले में उनको ही निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि गदरपुर में बिजली चोरी का यही एक मामला नहीं है, अन्य भी हैं। 12 अप्रैल को मुख्यालय में बैठक हुई थी। उसमें भी गदरपुर क्षेत्र में अत्यधिक बिजली चोरी पकड़ने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया था। बिजली चोरी के मामलों में एसएसपी की ओर से एफआईआर नहीं ली जा रही थी। इसलिए दस दिन के लिए विजिलेंस टीम की मांग की गई थी, जिससे चोरी पर अंकुश लगाया जा सके।