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सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाया डीपी सिंह का बीपी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:23 AM IST
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dp singh
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट से स्टे पर लगी रोक हटाने के खिलाफ दायर एसएलपी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। एसएलपी खारिज होने के बाद डीपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डीपी के पास गिरफ्तारी रुकवाने का रास्ता भी नहीं बचा है। इधर, एसएलपी खारिज होने के बाद सक्रिय एसआईटी उसकी गिरफ्तारी में जुट गई है।
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बता दें भूमि मुआवजा घोटाले का मुख्य आरोपी डीपी सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए हरसंभव कोशिश करता आ रहा है। पहले हाइकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन एसआईटी की ओर से दाखिल शपथ पत्र के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगे स्टे को हटा लिया था। स्टे पर लगी रोक हटने के बाद डीपी एसआईटी के समक्ष उपस्थित होने के बजाए परिवार के साथ भूमिगत हो गया था। उसके सुप्रीम कोर्ट जाने की आशंका के मद्देनजर एसआईटी ने कोर्ट में केविएट डाल दी थी। डीपी ने सुप्रीम कोर्ट में एक नवंबर को एसएलपी (विशेष अवकाश याचिका दाखिल) की थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय जस्टिस कुरीन जोसफ और जस्टिस आर भानुमति की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एसएलपी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के लिए कोई कारण नहीं पाने की वजह से खारिज किया। इसके बाद एसआईटी ने डीपी की धरपकड़ और तेज कर दी है।
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माना जा रहा है कि जल्द ही डीपी पुलिस की गिरफ्त में आ सकता है। इसके साथ ही एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर तहसील की जांच लगभग पूरी करने के बाद सितारगंज तहसील के 143 दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसआईटी ने कोषागार के डबल लॉक से दोनों तहसीलों के कुछ दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में लिया है।
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नौ वकीलों की टीम ने की बहस
रुद्रपुर। पूर्व एसएलओ डीपी सिंह ने गिरफ्तारी पर रोक लगवाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में डीपी की तरफ से नौ वकीलों की टीम ने बहस की। इनमें दो नामी सीनियर वकील भी शामिल थे। कोर्ट में करीब 25 मिनट बहस चली, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को निरस्त कर डीपी को तगड़ा झटका दे दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने डीपी सिंह की एसएलपी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। डीपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। बहुत जल्द ही उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर
गंगवार की सुरक्षा मांग पर पीएमओ ने लिया संज्ञान
अखिल भारतीय पंचायत परिषद उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष और ग्राम बरा किच्छा निवासी सुरेश गंगवार द्वारा मांगी गई वाई श्रेणी की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया है। सुरेश गंगवार ने कहा था कि उन्होंने एनएच-74 में भूमि मुआवजा वितरण में हुए गड़बड़झाले के साक्ष्यों के साथ शासन को लिखित शिकायत की थी, लेकिन शासन द्वारा किसी तरह की जांच न किये जाने पर उनके परिवार के ही रामनारायण पुत्र स्व. तुलाराम ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
हाइकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को जांच के निर्देश देने के बाद तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन द्वारा करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा किया गया था। इसमें सरकार द्वारा तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह सहित अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया। घोटाला उजागर होने के बाद उन्हें डीपी सिंह और घोटाले में लिप्त अन्य आपराधिक लोगों से जान का खतरा बना हुआ है। गंगवार द्वारा शासन से मांगी गई वाई सुरक्षा मांग पर अब मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही गंगवार को सुरक्षा मिल सकती है।