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एनएचएआई की एक कार्यदायी संस्था भी एसआईटी की रडार पर
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:44 AM IST
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नेशनल हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में अब एनएचएआई की एक कार्यदायी संस्था भी एसआईटी की रडार पर आ गई है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सितारगंज तहसील की जांच में एक कार्यदायी संस्था के एक कर्मचारी ने अफसरों और काश्तकारों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। करोड़ों रुपयों के खेल का पर्दाफाश कुछ काश्तकार अपने बयानों में कर चुके हैं। एसआईटी भी अपनी चार्जशीट में काश्तकारों के बयानों को शामिल करने की तैयारी में है।
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एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में जुटी एसआईटी की पकड़ में सितारगंज तहसील की जांच में करोड़ों का घोटाला आया है। एसआईटी ने अभी तक तत्कालीन अफसरों, काश्तकारों और एनएचएआई के अधिकारियों को अपनी रडार पर लिया था। लेकिन अब मुआवजा वसूली के डर से एसआईटी के सामने खुलकर बोलने वाले काश्तकार एक कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
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पुख्ता सूत्र बताते हैं कि करोड़ों का मुआवजा लेने वाले कुछ काश्तकारों ने एसआईटी को बयान दिये हैं कि सितारगंज तहसील क्षेत्र में उक्त कार्यदायी संस्था के एक कर्मचारी ने एलएलओ कार्यालय और काश्तकारों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई। उक्त कर्मचारी के माध्यम से ही काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों को कमीशन के रूप में करोड़ों रुपये पहुंचाए थे। काश्तकारों के बयानों के आधार पर अब एसआईटी ने कार्यदायी संस्था को भी अपनी जांच के दायरे में लिया है।
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बिचौलिए की भूमिका निभाने वाला कर्मचारी भी एसआईटी की रडार पर है। बताया जा रहा है कि काश्तकारों द्वारा मनी ट्रेल को लेकर दिए गए इन बयानों को एसआईटी अपनी चार्जशीट में भी शामिल करेगी। इससे जहां चार्जशीट को और मजबूती मिलेगी वहीं जेल भेजे गये कुछ अफसरों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। काशीपुर और जसपुर तहसील के कुछ काश्तकारों से भी एसआईटी को मनी ट्रेल के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इनके आधार पर एसआईटी जल्द ही कुछ और अफसरों पर गिरफ्तारी का शिकंजा कस सकती है।