{"_id":"8fb1db7db5a470ad2e684af07d87b20c","slug":"raids-on-ultrasound-centers-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौ अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापे
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर
Updated Wed, 24 Jun 2015 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति ने पीसीटी एंड डीटी अधिनियम के तहत प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण की जांच पकड़ने के लिए क्षेत्र के नौ अस्पतालों में छापा मारकर निरीक्षण किया। जहां पर अल्ट्रासाउंड मशीनों की जांच की और संबंधित दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। जांच में दस्तावेजों में काफी खामियां पाई गई।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रसव से पूर्व लिंग निर्धारण करने वालों को पकड़ने के लिए पीसीटी एंड डीटी अधिनियम के तहत समिति के सदस्य महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष हीरा जंगपांगी, जिला समन्वयक प्रदीप महर, डा. गोपाल आर्या ने तहसीलदार एमएस बिष्ट के नेतृत्व में उन अस्पतालों में छापा मारकर जांच-पड़ताल की, जिनमें अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। टीम ने मुरादाबाद मार्ग पर सूद अस्पताल, मेहरोत्रा अस्पताल, प्रगति अस्पताल, विनय डायग्नोसिस्ट, जीवन रेखा सीटी स्कैन सेंटर, उत्कर्ष हार्ट केयर सेंटर, हरि अल्ट्रासाउंड सर्विस, जोशी अस्पताल, विनय सर्जिकल हास्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीनों से संबंधित दस्तावेजों का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
हीरा जंगपांगी ने कहा कि लगभग सभी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिलाओं से संबंधित दस्तावेज का लेखन नियमानुसार नहीं किया गया था। नियमों का खुला उल्लंघन था। वहीं टीम ने बताया कि एक अस्पताल में जिस स्थान पर लेटा कर महिला का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। वहां पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखी पाई गई। इसका मतलब यह होता है कि महिला का पुत्र होगा। अधिकांश अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कक्षों में भगवान की मूर्ति या चित्र रखे थे। जबकि यह कानूनी रुप से अवैध है। प्रदीप महर ने बताया कि कई अस्पतालों में तो अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिलाओं की आईडी तक नहीं थी। जबकि अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिला से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित होने चाहिए थे। हीरा जंगपांगी ने बताया कि जांच की रिपोर्ट डीएम के साथ बैठक में रखी जाएगी। उसके बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों को नोटिस जारी होगा।
विज्ञापन