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निष्पक्ष हुई जांच तो यूएस नगर के 34 अफसरों का नपना तय
भास्कर पोखरियाल /अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर,
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:17 PM IST
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जसपुर से लेकर सितारगंज तक बन रहे एनएच-74 के भूमि मुआवजा घोटाला में अगर जांच निष्पक्ष हुई तो ऊधमसिंह नगर के 34 अफसरों पर घोटाले की गाज गिरना तय है। शासन स्तर पर आयुक्त कुमाऊं मंडल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन भी कर दिया गया है। इसमें खास बात यह है कि तराई की जमीनों में भी अफसरों से साठगांठ के बाद मामले को कुमाऊं कमिश्नर द्वारा कड़ा संज्ञान लेने के बाद ही शासन ने भी आयुक्त की निष्पक्ष छवि पर मुहर लगाते हुए उन्हीं को जांच टीम का अध्यक्ष भी बना दिया है।
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भूमि मुआवजा घोटाले में जो अफसर जांच के दायरे में हैं उनमें चार एसडीएम, चार तहसीलदार, 18 पटवारी और 8 कानूनगो शामिल हैं। बता दें कि भूमि मुआवजे में कुमाऊं कमिश्नर ने बीते एक मार्च को 118 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई थी। इसमें कुमाऊं कमिश्नर ने जिले के अफसरों को कार्रवाई के संकेत भी दे दिए थे।
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राजपत्रित अधिकारियों के साथ एनएच-74 के निर्माण में भूमि मुआवजा घोटाले का जो खेल ऊधमसिंह नगर के अफसरों ने खेला है वह वर्तमान में पूरे प्रदेश में हॉट बन गया है। जमीनों के मामले में साठगांठ का जो खेल हुआ है उसकी तपिश जांच के साथ-साथ अब और गरमाने लगी है। उत्तराखंड शासन ने भी भूमि मुआवजा घोटाला को अति गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए जहां कुमाऊं कमिश्नर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है उसमें सचिव राजस्व परिषद एसएम पांडे, एडीएम जगदीश कांडपाल और चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी कुमाऊं को शामिल किया है।
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सूत्रों का कहना है कि ऊधमसिंह नगर में जमीनों के मामले में 143 की कार्रवाई में कई एसडीएम ने एक ही दिन में 120 तक कृषि भूमि को कॉमर्शियल में दर्शाकर अपने अधिकारों का उपयोग किया है। ऐसे में जमीनों के मामलों में हर दिन सैकड़ों की संख्या पार कर दी। अब जांच कमेटी अगर निष्पक्ष जांच करती है तो करीब
34 अफसरों का नपना तय माना जा रहा है।
इस मामले में कुमाऊं कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि एनएच-74 में भूमि मुआवजा घोटाला की जांच के लिए शासन स्तर से समिति गठित कर दी है। उन्हें ही जांच समिति का अध्यक्ष बना दिया है। कुमाऊं कमिश्नर पांडियन का कहना है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होगी और जो-जो अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे उनके खिलाफ विभागीय कठोर कार्रवाई होगी।
बैंक खाते सबसे ज्यादा रकम काशीपुर से रुद्रपुर के बीच जमा हुई
महानिदेशक जांच अनवेषण आयकर विभाग लखनऊ को भेजे शिकायती पत्र और राष्ट्रीय पार्टी के नाम से देहरादून में खोले गए खाते में बैंक का जो ब्यौरा सम्मिलित किया गया है उसमें सबसे मोदी रकम काशीपुर से रुद्रपुर के बीच जमा होनी दर्शाई गई है। इसमें पांच लाख रुपये से लेकर 32 लाख रुपये और 61 लाख रुपये तक की मोटी रकम पार्टी के नाम खाते में जमा की गई हैं। दिसंबर-2016 में खोले गए खाते में जनवरी 2017 से मोटी रकम जमा होने का सिलसिला शुरू हो गया। किच्छा तहसील क्षेत्र के बरा निवासी रामनारायण गंगवार की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में बैंक स्टेटमेंट का ब्यौरा भी शामिल किया गया है। एनएच-74 के भूमि मुआवजे में भी सबसे ज्यादा जमीन काशीपुर से लेकर रुद्रपुर तक कई किसानों की भारी भूमि अधिग्रहित की गई है, जिसमें मुआवजा राशि भी मोटी रकम के तौर पर वितरित की गई है।