{"_id":"5a09f20e4f1c1b8e698bb494","slug":"prison-for-one-thousand-prisoners-will-be-built","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक हजार कैदियों की क्षमता वाली बनेगी जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक हजार कैदियों की क्षमता वाली बनेगी जेल
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
सितारगंज में संपूर्णानंद सेंट्रल जेल का निरीक्षण करते आईजी डा. पीवीके प्रसाद।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के कारागार महानिरीक्षक (आईजी) डा. पीवीके प्रसाद ने कहा कि संपूर्णानंद सेंट्रल जेल एक हजार कैदियों की क्षमता की बनेगी। इसके लिए उन्होंने जेल प्रशासन से प्रस्ताव बनाकर देने को कहा। आईजी ने कैदियों के बैरिक, वर्कशॉप और सभागार आदि का स्थलीय मुआयना किया और व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने मातहतों को इमानदारी से ड्यूटी करने की नसीहत दी।
सोमवार को आईजी डा. प्रसाद ने संपूर्णानंद सेंट्रल जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल कार्यालय, बैरिक, वर्कशॉप आदि का मुआयना किया और जेल में सजा काट रहे सिद्धदोष 422 बंदियों और विचाराधीन मामलों में सजा काट रहे 121 बंदियों की समस्याएं जानीं। बंदियों ने मुलाकात का समय बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा पर्वतीय जिलों के कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों को सिर्फ आधा घंटे मुलाकात का समय मिलने से भारी परेशानी होती है। मुलाकात का समय बढ़ाया जाए। आईजी ने इस समस्या पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विभागीय अभिलेख चेक किए।
उन्होंने जेल के अधूरे निर्माण की बात पर कहा कि यह जेल एक हजार कैदियों की क्षमता की बनाई जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन से विभाग को प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है। जेल में अस्पताल न होने और डाक्टर की तैनाती के सवाल पर आईजी ने इसे शासन स्तर का मामला बताया। कहा स्वास्थ्य विभाग में डाक्टरों की कमी के कारण जेलों में डाक्टर तैनात नहीं हो पा रहे हैं। संपूर्णानंद जेल की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में भी उन्होंने सख्त कार्रवाई करने को कहा है। इस दौरान जेल अधीक्षक टीडी जोशी, जेलर जयंत सिंह पांगती आदि थे।
विज्ञापन
गणतंत्र दिवस पर रिहा होंगे बुजुर्ग कैदी
संपूर्णानंद शिविर खुली जेल एवं सेंट्रल जेल के बुजुर्ग व बीमार कैदियों के गणतंत्र दिवस पर रिहा होने की उम्मीद है। आईजी डा. पीवीके प्रसाद ने 14 साल से अधिक सजा काट चुके बुजुर्ग और बीमार कैदियों से मिलकर उनका हाल जाना और उनके अपराधों की जानकारी ली। आईजी ने बताया कि आजीवन कारावास की सजा वाले बुजुर्ग और बीमार कैदियों की सजा पूर्व माफी पर रिहाई की रिपोर्ट शासन में रिव्यू कमेटी को दी जाएगी।
सोमवार को कारागार महानिरीक्षक (आईजी) डा. प्रसाद ने सुबह 11 बजे से शाम 3:45 बजे तक सेंट्रल जेल का निरीक्षण व कैदियों की स्थिति जानी। उन्होंने सेंट्रल जेल के 543 कैदियों में से 14 साल की सजा काट चुके 33 कैदियों व शिविर के 51 बंदियों में से 34 कैदियों की सजा माफी रिपोर्ट पर विचार विमर्श किया। उन्होंने इन बुजुर्ग व बीमार कैदियों को कार्यालय में बुलाकर उनके अपराध की जानकारी ली। 45 मिनट तक तक आईजी ने लगभग 67 कैदियों की सजा माफी रिपोर्ट का अध्ययन किया। आईजी ने बताया सजा माफी की रिपोर्ट शासन में रिव्यू कमेटी को सौंपी जाएगी। रिव्यू कमेटी के माध्यम से राज्यपाल को रिपोर्ट जाएगी और राज्यपाल द्वारा इन कैदियों की रिहाई पर निर्णय लिया जाएगा। कहा कि गणतंत्र दिवस पर बुजुर्ग और बीमार कैदी रिहा किए जाएंगे।
आईजी ने दिए जूस के बदले सौ रुपये
संपूर्णानंद केंद्रीय कारागार में आईजी जब निरीक्षण करने पहुंचे तो जेल अधीक्षक टीडी जोशी द्वारा उनके नाश्ते पानी की व्यवस्था की गई। जैसे ही जेल परिसर का निरीक्षण कर आईजी जेल अधीक्षक के कार्यालय में बैठे तो कर्मचारियों ने नाश्ते से टेबल सजा दी और जूस से भरकर गिलास रख दिए। यह देख आईजी ने पुलिस कर्मी को बुलाकर पूछा कि यह जूस कितने का मिला, उसने दाम बताए तो उसे सौ रुपये निकालकर दे दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी आए तो नाश्ते की जरूरत नहीं है। बस अपना काम ईमानदारी से करते रहो।
विज्ञापन
सोमवार को आईजी डा. प्रसाद ने संपूर्णानंद सेंट्रल जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल कार्यालय, बैरिक, वर्कशॉप आदि का मुआयना किया और जेल में सजा काट रहे सिद्धदोष 422 बंदियों और विचाराधीन मामलों में सजा काट रहे 121 बंदियों की समस्याएं जानीं। बंदियों ने मुलाकात का समय बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा पर्वतीय जिलों के कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों को सिर्फ आधा घंटे मुलाकात का समय मिलने से भारी परेशानी होती है। मुलाकात का समय बढ़ाया जाए। आईजी ने इस समस्या पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विभागीय अभिलेख चेक किए।
विज्ञापन
उन्होंने जेल के अधूरे निर्माण की बात पर कहा कि यह जेल एक हजार कैदियों की क्षमता की बनाई जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन से विभाग को प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है। जेल में अस्पताल न होने और डाक्टर की तैनाती के सवाल पर आईजी ने इसे शासन स्तर का मामला बताया। कहा स्वास्थ्य विभाग में डाक्टरों की कमी के कारण जेलों में डाक्टर तैनात नहीं हो पा रहे हैं। संपूर्णानंद जेल की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में भी उन्होंने सख्त कार्रवाई करने को कहा है। इस दौरान जेल अधीक्षक टीडी जोशी, जेलर जयंत सिंह पांगती आदि थे।
विज्ञापन
गणतंत्र दिवस पर रिहा होंगे बुजुर्ग कैदी
संपूर्णानंद शिविर खुली जेल एवं सेंट्रल जेल के बुजुर्ग व बीमार कैदियों के गणतंत्र दिवस पर रिहा होने की उम्मीद है। आईजी डा. पीवीके प्रसाद ने 14 साल से अधिक सजा काट चुके बुजुर्ग और बीमार कैदियों से मिलकर उनका हाल जाना और उनके अपराधों की जानकारी ली। आईजी ने बताया कि आजीवन कारावास की सजा वाले बुजुर्ग और बीमार कैदियों की सजा पूर्व माफी पर रिहाई की रिपोर्ट शासन में रिव्यू कमेटी को दी जाएगी।
सोमवार को कारागार महानिरीक्षक (आईजी) डा. प्रसाद ने सुबह 11 बजे से शाम 3:45 बजे तक सेंट्रल जेल का निरीक्षण व कैदियों की स्थिति जानी। उन्होंने सेंट्रल जेल के 543 कैदियों में से 14 साल की सजा काट चुके 33 कैदियों व शिविर के 51 बंदियों में से 34 कैदियों की सजा माफी रिपोर्ट पर विचार विमर्श किया। उन्होंने इन बुजुर्ग व बीमार कैदियों को कार्यालय में बुलाकर उनके अपराध की जानकारी ली। 45 मिनट तक तक आईजी ने लगभग 67 कैदियों की सजा माफी रिपोर्ट का अध्ययन किया। आईजी ने बताया सजा माफी की रिपोर्ट शासन में रिव्यू कमेटी को सौंपी जाएगी। रिव्यू कमेटी के माध्यम से राज्यपाल को रिपोर्ट जाएगी और राज्यपाल द्वारा इन कैदियों की रिहाई पर निर्णय लिया जाएगा। कहा कि गणतंत्र दिवस पर बुजुर्ग और बीमार कैदी रिहा किए जाएंगे।
आईजी ने दिए जूस के बदले सौ रुपये
संपूर्णानंद केंद्रीय कारागार में आईजी जब निरीक्षण करने पहुंचे तो जेल अधीक्षक टीडी जोशी द्वारा उनके नाश्ते पानी की व्यवस्था की गई। जैसे ही जेल परिसर का निरीक्षण कर आईजी जेल अधीक्षक के कार्यालय में बैठे तो कर्मचारियों ने नाश्ते से टेबल सजा दी और जूस से भरकर गिलास रख दिए। यह देख आईजी ने पुलिस कर्मी को बुलाकर पूछा कि यह जूस कितने का मिला, उसने दाम बताए तो उसे सौ रुपये निकालकर दे दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी आए तो नाश्ते की जरूरत नहीं है। बस अपना काम ईमानदारी से करते रहो।