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कॉलोनाइजरों पर कसा रेरा का शिकंजा

Thu, 28 Sep 2017 12:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Thu, 28 Sep 2017 12:01 PM IST
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How to get rid of screws on colonizers
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इसके अलावा आवासीय योजनाओं का रेरा में पंजीकरण होने से निवेशक प्रोजेक्ट से संबंधित शिकायतें  रेरा में कर सकते हैं।  आधारभूत सुविधाओं का झांसा देकर बेतरतीब कालोनियां विकसित करने वाले बिल्डरों और कालोनाइजरों पर भूसंपदा प्राधिकरण (विनिमय एवं विकास) ने शिकंजा कस दिया है। नए प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए बिल्डर्स को भूमि क्रय करने से पूर्व रियल एस्टेट रगुलेटरी एक्ट (रेरा) के तहत पंजीकरण कराना होगा। अन्यथा नए प्रोजेक्ट के लिए भूखंड की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।

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रियल एस्टेट के कारोबार में पिछले कुछ समय से विश्वसनीयता में कमी आई है। आवास और फ्लेट की बुकिंग के दौरान बिल्डर निवेशकों को सब्जबाग दिखाते हैं। बुकिंग के समय निवेशकों से कीमत वसूली जाती है और लंबे समय तक उन्हें कब्जा दिए जाने के लिए लटकाए रखा जाता है। ऐसे विवाद बढ़ने पर केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट रगुलेटरी एक्ट (रेरा) का गठन किया है। इसके तहत ऐसे सभी प्रोजेक्ट को रेरा के तहत पंजीकृत कराना होगा, जिन्होंने 31 जुलाई 2017 तक पूर्णत: प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किए हैं। काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में करीब दो दर्जन कालोनाइजरों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, इनमें किसी ने भी अभी तक रेरा के तहत पंजीकरण नहीं कराया।
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रेरा के सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के महानिरीक्षक को पत्र भेजकर सह सुनिश्चित करने को कहा है कि आवासीय योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली भूमि का पंजीकरण रेरा के तहत हो चुका है। सिर्फ 500 वर्गमीटर तक के भूखंड क्रय करने पर रेरा में पंजीयन से छूट प्रदान की गई है। आवासीय परियोजना में इससे अधिक रकबे की रजिस्ट्री रेरा में पंजीयन के बाद ही हो सकेगी। इसके अलावा दलाल का भी रेरा में पंजीकरण कराना होगा।
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सामुदायिक उपयोग के लिए छोड़नी होगी जमीन
पंजीकरण कराने के लिए बिल्डर को दो से चार हजार वर्गमीटर तक पांच प्रतिशत, चार हजार वर्ग मीटर से दो हेक्टअर तक दस प्रतिशत तथा दो हेक्टेअर से ऊपर 15 प्रतिशत क्षेत्रफल सामुदायिक उपयोग पार्कों आदि के लिए छोड़ना होगा। इसके अलावा दो हेक्टेअर तक एक प्रतिशत तथा इससे अधिक पर दो प्रतिशत भू-भाग क्लब आदि के लिए भी छोड़े जाने का प्रावधान है। आवासीय योजनाओं का रेरा में पंजीकरण होने से निवेशक प्रोजेक्ट से संबंधित शिकायतें  रेरा में कर सकते हैं। 

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