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युवाओं को गुलाम बनाकर काम कराने वाली इंडस्ट्री बर्दाश्त नहीं
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:28 AM IST
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रुद्रपुर के गांधी पार्क में मिंडा श्रमिकों के साथ धरने पर बैठे पूर्व सीएम हरदा।
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि रोजगार के लिए इंडस्ट्री जरूरी हैं लेकिन युवाओं को गुलाम बनाकर काम कराने वाली इंडस्ट्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलित श्रमिकों की मांगों को हल करने के लिए सीएम और मुख्य सचिव से वार्ता की जाएगी। उन्होंने श्रमिकों को लेकर जिला प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि श्रमिकों के आंदोलन से पैदा हुई गंभीर स्थिति को डीएम समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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सोमवार को गांधी पार्क में चल रहे स्पार्क मिंडा के श्रमिकों के आमरण अनशन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व सीएम रावत भी कुछ देर धरने पर भी बैठे। मिंडा श्रमिक दीपक अधिकारी ने बताया कि यूनियन बनाने की भनक लगने के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने श्रमिकों का उत्पीड़न शुरू कर दिया। श्रमिकों को काम करते हुए आठ से 10 वर्ष हो चुके हैं, जबकि वेतन आठ से 10 हजार रुपये ही है। 90 दिन से उनकी यूनियन पंजीकरण की फाइल उपश्रमायुक्त कार्यालय में लंबित पड़ी है। बताया कि उनको धरने पर बैठे 79 दिन हो चुके हैं जबकि आमरण अनशन के नौ दिन हो गए हैं लेकिन उनकी सुध लेने की बजाय प्रशासन उत्पीड़न पर आमादा है। इसके बाद हरीश रावत ने धरनास्थल से ही डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को फोन कर बेहद तल्ख तेवर में बात की।
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चेताया कि अगर अनशन में बैठे बच्चों (श्रमिकों) को कुछ हुआ तो जिम्मेदारी से जिला प्रशासन नहीं बच पाएगा। उन्होंने श्रमिकों से हरसंभव मदद को भरोसा दिया। इधर, हरदा ने कहा कि श्रमिकों की मांग वाजिब है। हरदा ने डीएम से कहा कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर वार्ता कराकर हल निकलवाएं। वे अच्छे मैनेजमेंट के साथ इंडस्ट्री के पक्षधर हैं। यहां श्रम विभाग की स्थिति भी अकर्मण्यता की है। पूर्व सीएम ने कहा कि इस संबंध में वे खुद सीएम और मुख्यसचिव से वार्ता कर हल निकालने को कहेंगे। वहां प्रदेश महामंत्री हिमांशुगाबा, सुशील गाबा, जगदीश तनेजा, मीना शर्मा, नंदलाल, संजय जुनेजा आदि थे।
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हर हाल में उत्तराखंड में रहेगी एनआईटी
रुद्रपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) के लिए श्रीनगर में जमीन के साथ ही भारत सरकार से अनुमति लेकर शिलान्यास किया था और इसका ठेका दे दिया गया था। कांग्रेस के जाने के बाद षड्यंत्र के तहत एनआईटी को शिफ्ट करने की कोशिश की गई, इसकी वे निंदा करते हैं। हर हाल में एनआईटी उत्तराखंड में रहेगी और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। कहा कि भूमि मुआवजा घोटाले की जांच पर उन्होंने कहा कि जांच में नए डेवलपमेंट के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन जांच के दायरे में एनएचएआई के अधिकारी भी आने चाहिए। एनएचएआई के अधिकारियों की जांच के बिना भ्रष्टाचार के गठजोड़ का खुलासा नहीं हो पाएगा।
महिला श्रमिक बोली, आश्वासन नहीं हल चाहिए
रुद्रपुर। गांधी पार्क में श्रमिकों से मिलकर निकल रहे पूर्व सीएम हरदा के समक्ष एक महिला श्रमिक का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि वे तीन महीनों से बेरोजगार हैं। खुले आसमान के नीचे असुरक्षित माहौल में धरने और अनशन पर हैं। अफसर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं और इधर-उधर दौड़ा रहे हैं। उन्हें कोरे आश्वासन नहीं बल्कि समस्या का हल चाहिए। हरदा ने कहा कि वे सिर्फ बातचीत ही कर सकते हैं। उनकी समस्या के समाधान के लिए हर स्तर पर कोशिश करेंगे। अगर जरूरी हुआ तो श्रमिकों के सा साथ धरने पर बैठ जाएंगे।