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करंट लगने से झुलसा किशोर, बखेड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:04 AM IST
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ईई से बात करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते झूलती लाइनों से एक पेड़ में करंट आ गया। पेड़ के पास फंसी फुटबाल लेने गया किशोर करंट की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गुस्साई महिलाओं ने ईई सहित विद्युत कर्मियों का घेराव कर जमकर खरीखोटी सुना डाली।
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एसडीएम ने लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर महिलाओं को किसी तरह शांत कराया। आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने विद्युत कर्मियों के साथ हाथापाई भी की है। वहीं ईई ने भी जांच के बाद पीड़ित को मुआवजा दिलाने की बात कही।
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रविवार देर शाम गुरुद्वारा रोड पशुपति विहार में बच्चे फुटबाल खेल रहे थे। इसी बीच फुटबाल झाड़ियों में चली गई। झाड़ियों में स्थित पेड़ से टच होकर गुजर रही विद्युत लाइन से पेड़ में करंट आ गया। जैसे ही पवन (13) पुत्र विनोद नेेेगी निवासी पशुपति विहार ने पेड़ के पास पड़ी फुटबाल उठाई तो करंट की चपेट में आकर झुलस गया।
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आनन-फानन में उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर हायर सेंटर सेंटर कर दिया गया। पवन के पिता विनोद असम राइफल्स में हैं। लोगों के कोपभाजन से बचने के लिए बिजली की झूलती लाइनों को कस दिया था। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा महिलाओं ने हंगामा खड़ा कर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली कर्मी और उनके साथ आए श्रमिकों को खूब खरीखोटी सुनाई।
वहां पहुंचे अधिशासी अभियंता विवेक कांडपाल को भी महिलाओं का गुस्सा झेलना पड़ा। पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल ने महिलाओं को समझाने की भरसक कोशिश की। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने ईई को मामले की जांच कराकर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसके बाद महिलाएं शांत हो सकी। पूर्व प्रदर्शन करने वालों में वसंती देवी, पुष्पा चौहान, सुमन चंद. दीपा रावत, संतो देवी आदि थे।
रिश्वत मांगने का मढ़ा आरोप
ग्रामीणों ने ईई विवेक कांडपाल से विद्युत कर्मियों की शिकायत कर कहा कि कर्मचारी मामूली काम के लिए भी पैसे मांगते हैं। अगर पैसे नहीं दिए तो काम को मुश्किल बताकर लटका दिया जाता है। घरों के बगल से लाइनें गुजर रही हैं। हवा चलने पर लाइनें टकराई रहती हैं। जिससे कई बार लोगों के घरों के उपकरण फुंक चुके हैं।
एनओसी देने वालों पर हो कार्रवाई
एसडीएम दयानंद सरस्वती ने ईई विवेक कांडपाल से कहा कि जिस जेई और लाइनमैन ने विद्युत लाइनों के नीचे स्थित भूखंडों की एनओसी दी है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों को निलंबित किया जाए।
रात में चुपचाप कस दी ढीली तारें
गुस्साई महिलाओं ने कहा कि बिजली लाइन की ढीली तारों से करंट लगने से किशोर के झुलसने के बाद विद्युत कर्मी रात में चुपचाप घटनास्थल पर आए थे। लाइनमैन ने अपने को बचाने के लिए रात में ही लाइन की तारें कस दी थी। कहा कि लापरवाह लाइनमैन को दंडित किया जाय। रात में लाइन खींचने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
बेटे के लिए पिता को नहीं मिली छुट्टी
करंट की चपेट में आकर झुलसे किशोर पवन के पिता विनोद नेगी असम राइफल्स में जवान हैं। उनका परिवार पशुपति विहार में किराये के मकान में रहता है। विनोद की कंपनी मणिपुर में विद्रोहियों के खिलाफ आपरेशन चला रही है। इसी के चलते बेटे के करंट से झुलसने की सूचना मिलने के बाद भी विनोद को छुट्टी नहीं मिल सकी। करंट लगने से झुलसे पवन का मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। उसका एक छोटा भाई है।