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नगर कीर्तन में खूनी संघर्ष, दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:37 AM IST
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तलवार से वार करते हत्यारोपी व हमले के बाद नीचे पड़ा मृतक दलजीत सिंह उर्फ सोनू।
- फोटो : amar ujala
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ढाई साल पहले एक किसान की हत्या के बाद से चल रही रंजिश में रविवार को नगर कीर्तन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में गवाह समेत दो लोगों की तलवार और गड़ासे से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक गवाह का भाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसेे हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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इस दौरान हुई फायरिंग में आरोपी पक्ष के दो सगे भाई भी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। इस सनसनीखेज वारदात से नगर कीर्तन में शामिल लोगों और बाजार में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ और हंगामा किया। वहां भर्ती हत्यारोपी पक्ष पर हमले की कोशिश की गई। एसएसपी ने लोगों को बमुश्किल शांत कराया। तनाव को देखते हुए अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
17 जुलाई 2015 को जमीनी विवाद में जनता फार्म निवासी जयमल सिंह पुत्र सुच्चा सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हरजीत सिंह काला समेत 17 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा हुआ था। हरजीत इन दिनों जमानत पर छूटा हुआ है। इस मामले में जनता फार्म निवासी दलजीत सिंह उर्फ सोनू (35) और उसके भाई राजेंद्र सिंह (26) पुत्र गुरमुख सिंह गवाह थे। तभी से जयमल पक्ष और हत्यारोपी पक्ष के बीच रंजिश चली आ रही है।
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रविवार को शहर में नगर कीर्तन निकाला जा रहा था, जिसमें नगर समेत आसपास के गांवों से सिख संगत बड़ी तादाद में पहुंची थी। दोपहर करीब एक बजे किच्छा रोड पर पुरानी मंडी के पास दलजीत सिंह उर्फ सोनू और उसके भाई राजेंद्र सिंह के साथ जयमल सिंह हत्या कांड के आरोपी पक्ष के कुछ लोगों की (दड़हा गांव निवासी) कहासुनी हो गई। उस वक्त तो पुलिस के दखल पर दोनों पक्ष इधर-उधर हो गए लेकिन थोड़ी ही देर बाद फिर आमने-सामने आ गए। तलवारें, गड़ासे और तमंचे निकल आए। हमलावरों ने दलजीत और राजेंद्र पर गड़ासे और तलवारों से ताबड़तोड़ वार कर लहूलुहान कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे बिज्टी गांव निवासी हरबंश सिंह (60) पुत्र जागीर सिंह पर भी हमला किया गया।
इस दौरान गोलियां भी चलीं। तीनों को गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने दलजीत और हरबंश को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होने पर राजेंद्र को एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। परिजन उसे हल्द्वानी के निजी अस्पताल ले गए हैं। बताया जा रहा है कि राजेंद्र ही हमलावरों का मुख्य निशाना था। फायरिंग में दड़हा गांव के हरजीत सिंह उर्फ काला (36) और उसके भाई बलजीत सिंह (34) पुत्र मनवीर सिंह भी घायल हुए हैं। अस्पताल पहुंचे हरजीत के बाएं कंधे, पीठ और बलजीत के पेट में गोलियां लगी हैं। उनका इलाज हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा है।
घटना में दो लोगों की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ और पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। चार घंटे तक अस्पताल में हंगामा चला। सूचना पर एसएसपी डॉ. सदानंद दाते भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को शांत कराया। परिजनों का आरोप था कि नगर कीर्तन में पुलिस फोर्स तैनात होने के बाद भी दो लोगों की हत्या कर दी गई।
उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसएसपी से कोतवाली के अधिकारी और लापरवाह पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। चेतावनी दी कि जब तक हत्यारोपी नहीं पकड़े जाते पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। इस पर एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया और कहा कि हत्यारे बख्शे नहीं जाएंगे। उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित कर कर दी हैं। इधर, अभी किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
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